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अनिल दुजाना: सभी केंद्रों के ध्यानार्थ : 40 मोबाइल नंबरों से खुलेगा 150 करोड़ की अवैध संपत्ति का राज

Sat, 06 May 2023 01:40 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 06 May 2023 01:40 AM IST
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40 mobile numbers will open the secret of illegal property worth 150 crores
अनिल दुजाना के आतंक का अंत पैकेज
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40 मोबाइल नंबरों से खुलेगा 150 करोड़ की अवैध संपत्ति का राज
- एसटीएफ और पुलिस ने जुटाए गैंगस्टर के करीबियों के मोबाइल नंबर
- वकील समेत कई करीबी रखते थे अवैध कमाई और संपत्ति का हिसाब
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। पश्चिमी यूपी में 21 साल तक खौफ पैदा कर अनिल दुजाना ने लगभग 150 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति एकत्रित की और करीब 250 युवाओं को अपने गिरोह में शामिल किया। मुठभेड़ में मारे जाने के बाद अब एसटीएफ और पुलिस उसकी अवैध संपत्ति और गिरोह के बदमाशों की कुंडली खंगालने में जुट गई है। एसटीएफ व पुलिस के हाथ 40 संदिग्ध करीबियों और हाल ही में संपर्क में रहे लोगों के मोबाइल नंबर लगे हैं, जो दुजाना के संपर्क में थे। इन मोबाइल नंबरों की छानबीन कर शुरू कर दी गई है। पुलिस जल्द से जल्द गिरोह के सक्रिय बदमाशों तक पहुंचकर अवैध संपत्ति का पता लगाना चाहती है। छानबीन में पता चला है कि दुजाना की अवैध कमाई का हिसाब एक वकील समेत कई लोग रखते थे। सभी एसटीएफ की रडार पर हैं।
अनिल दुजाना वैसे तो मोबाइल से दूरी बनाकर रखता था, लेकिन जेल या जमानत पर बाहर आने के बाद कुछ करीबियों के संपर्क में रहता था। जिनके मोबाइल का इस्तेमाल रंगदारी वसूलने, विवादित संपत्ति पर कब्जा करने और कंपनी, ट्रांसपोर्ट, सरिया-स्क्रैप आदि के ठेके कब्जाने व काम संभालने वाले लोगों से वसूली करने में करता था। जेल से बाहर आने के बाद वह हमेशा कुछ खास साथियों के साथ ही रहता था।
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पिछले माह दिल्ली जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद भी अनिल इसी तरह कुछ करीबियों के संपर्क में था। इन्हीं के मोबाइल नंबर से उसने कई नंबरों पर कॉल की थी। हालांकि दुजाना ने अधिकांश व्हाट्सएप कॉल की थीं। एसटीएफ इन सब लोगों और नंबरों की कुंडली खंगालने में जुटी है। अनिल दुजाना ने कई संपत्तियों के विवाद में हस्तक्षेप कर करोड़ों की रकम लेकर मामले को निपटाता था। साथ ही कुछ विवादित संपत्तियों पर अपना दावा भी करता था। गैंगस्टर के किसी विवादित संपत्ति में दखल देने के बाद अपना दावा करने वाले लोग जान जाने के डर से पीछे हट जाते थे। हालांकि इन संपत्तियों को अनिल दुजाना अपने नाम नहीं कराता था लेकिन इन पर कब्जा करने की कोई हिम्मत नहीं कर पाता था। इसके अलावा रंगदारी की रकम और इससे खरीदे गए आभूषण, हथियार व वाहन का भी पता लगाने की कोशिश जारी है। दरअसल अनिल दुजाना पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके अंतर्गत अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियां जब्त कर ली जाती हैं।
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चंद्रपाल व शहजाद देते थे विवादित संपत्तियों की जानकारी
एसटीएफ के मुताबिक शहजाद मामा और बंबावड़ गांव का चंद्रपाल अनिल दुजाना के प्रमुख सहयोगी हैं। दोनों विवादित संपत्तियों का पता लगाकर दुजाना को जानकारी देते थे। इसके अलावा जिन लोगों को इसकी जानकारी थी वे भी चंद्रपाल और शहजाद से सीधा संपर्क कर अनिल से रुपयों के बदले काम कराते थे। हालांकि फिलहाल पैसे के बंटवारे को लेकर अनिल और शहजाद की अनबन चल रही थी।


पैसे के बंटवारे को लेकर कई से हुई अनबन
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक बादलपुर कस्बे में अनिल के इशारे पर बिल्लू दुजाना तहबाजारी की वसूली करता था। इसके पैसे के बंटवारे को लेकर अनिल की बिल्लू से भी अनबन हो गई थी। सिकंदराबाद में एक विवादित संपति को लेकर खिज्जू ने पूरे पैसे नहीं दिए तो अनिल की उससे भी अनबन हुई। वर्तमान में दुजाना का काम मेनपाल, बबलू, हरेंद्र प्रधान, शालू, सुनील, अनिल, कुलदीप देख रहे थे। इसके अलावा सिकंदराबाद में एक करोड़ की रंगदारी मांगने में लुहारली गांव के अनुज व खटाना गांव का सचिन उर्फ सच्चू और राहुल पर केस दर्ज किया गया था।


रंगदारी के जाल पर एसटीएफ की नजर
अनिल दुजाना कई लोगों से रंगदारी वसूलता था। लोग डर से चुपचाप पैसे देते थे। हालांकि पैसे देने वाले लोग इस एवज में अनिल दुजाना से विवादित काम भी कराते थे। एसटीएफ ऐसे लोगों की जानकारी जुटा रही है। वहीं कई लोग अनिल दुजाना से परेशान होकर रंगदारी दे रहे थे। दुजाना के मारे जाने से ऐसे लोगों को फौरी राहत मिली है। हालांकि ऐसे लोग गिरोह को फिर से रंगदारी देना न देना शुरू कर दें। इस पर भी एसटीएफ व पुलिस की नजर है।
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