फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   40 lakh fraud in the name of hotel membership

Noida News: होटल की सदस्यता के नाम पर 40 लाख की धोखाधड़ी

Thu, 04 Dec 2025 08:50 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 04 Dec 2025 08:50 PM IST
विज्ञापन
40 lakh fraud in the name of hotel membership
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र में रेडिसन ब्लू होटल ग्रेटर नोएडा का संचालन करने वाली कंपनी मैसर्स विक्टोरिया हॉस्पिटलिज प्राइवेट लिमिटेड ने अपने नाम पर अवैध रूप से सदस्यता बेचकर 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।

कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि संजय कुमार गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 7 फरवरी 2021 को उन्होंने मेसर्स नॉर्थ मीडोज प्राइवेट लिमिटेड और उसकी निदेशिका सोनिया मित्रा और गीता रानी के साथ लॉयल्टी क्लब सदस्यता समझौता किया था। इनके अतिरिक्त सोनिया मित्रा के पति आशीष वर्मा इसमें सक्रिय रूप से शामिल थे। समझौते के अनुसार आरोपियों को ग्राहकों से प्राप्त सभी भुगतान कंपनी के अधिकृत खाते में जमा करने थे जिसमें से 70 प्रतिशत राशि प्रतिमाह कंपनी को देनी अनिवार्य थी। यह व्यवस्था पूरी तरह विश्वास और पारदर्शिता पर आधारित थी।
विज्ञापन

समझौता 7 फरवरी 2024 को समाप्त हो गया था। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इसके बाद न कोई नया करार हुआ, न कोई अधिकृत अनुमति दी गई। बावजूद आरोपी कंपनी के नाम, लोगो, पहचान और ब्रांडिंग सामग्री का अवैध उपयोग करते हुए खुद को रेडिसन ब्लू होटल का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर सदस्यता बेचते रहे। कुछ समय बाद कई ग्राहक शिकायत लेकर होटल पहुंचे कि उन्होंने रेडिसन ब्लू की मेंबरशिप खरीदी है जबकि कंपनी को इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


फर्जी दस्तावेज व लोगो का किया उपयोग
जांच में पता चला कि आरोपियों ने समाप्त करार के बाद भी फर्जी ब्रोशर, जाली कार्ड, नकली वाउचर, फर्जी दस्तावेज और होटल के लोगो का उपयोग करके जनता को भ्रमित किया और भारी-भरकम रकम वसूली। आरोपियों ने लगभग 40 लाख रुपये ग्राहकों से वसूले, लेकिन यह पूरी राशि कंपनी को नहीं दी गई। ग्राहकों की सूची, भुगतान रिकॉर्ड, बकाया विवरण, बिक्री डाटा की जानकारी कभी साझा नहीं की गई। कंपनी ने 10 सितंबर 2025 को लिखित नोटिस देकर आरोपियों की सभी अधिकृतियां समाप्त कर दीं और बकाया राशि जमा करने का निर्देश दिया। इसके बाद भी न तो पैसे लौटाए गए और न कोई रिकॉर्ड दिया गया। 3 नवंबर को कई ईमेल भेजे गए लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed