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पुन: अपडेट: प्रधानमंत्री डिफेंस एक्सपो
Updated Thu, 12 Apr 2018 06:35 PM IST
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पुन: अपडेट खबर
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यूपीए सरकार की नाकामी से रक्षा तैयारियों पर बुरा असर
- प्रधानमंत्री ने किया 10वें डिफेंस एक्सपो का उद्घाटन
- कहा, शांति व देशवासियों सुरक्षा हमारा एकमात्र लक्ष्य
एजेंसी
थिरुविदंदाई (तमिलनाडु)।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके कार्यकाल में नीतिगत पंगुता के कारण ही देश की रक्षा तैयारियों पर बुरा प्रभाव पड़ा। यूपीए सरकार के आलस्य, अक्षमता और शायद छिपे एजेंडे के कारण देश को काफी नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन अब फिर ऐसी नौबत नहीं आएगी।
पीएम ने यहां बृहस्पतिवार को 10वें डिफेंस एक्सपो का औपचारिक उद्घाटन करने के बाद उपस्थिति लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व सरकार की नाकामी के कारण 126 मीडियम मल्टी रोल काम्बैट एयरक्राफ्ट (एमएमआरसीए) की खरीद 10 साल तक लटकी रही। उनकी सरकार 110 लड़ाकू विमान खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस’ नामक एक स्कीम लांच की है जिसके तहत देश भर में डिफेंस इनोवेशन हब स्थापित किए जाएंगे। ये हब रक्षा क्षेत्र में स्टार्ट-अप कंपनियों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराएंगे। उन्होंने कहा कि मई, 2014 तक कुल 118 रक्षा निर्यात मंजूरी जारी की गई थी, जिनका मूल्य 5.77 करोड़ डॉलर था, जबकि पिछले चार साल से भी कम समय में 1.3 अरब डॉलर मूल्य की 794 निर्यात मंजूरी जारी की जा चुकी है।
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चीन पर साधा निशाना
पीएम ने चीन का नाम लिए बगैर उस पर निशाना साधते हुए कहा कि शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता उतनी ही मजबूत है जितनी अपने भूभाग और उसके अंदर रहने वाले लोगों की रक्षा करने के प्रति। भारत के साथ लगभग 4000 किमी की सीमा पर चीन की गतिविधियों में बढ़ोतरी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की उसकी कोशिशों के बीच उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सुरक्षा बलों को सुसज्जित कर उनकी ताकत बढ़ाने के लिए हर संभव उपाय करने को तैयार है।
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घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रक्षा खरीद प्रक्रिया में सुधार किया गया है। इसके अलावा सरकारी आयुध कारखानों के लिए आरक्षित आइटमों को डि-नोटिफाई किया गया है ताकि निजी क्षेत्र खासकर मझोले, लघु एवं सूक्ष्म (एमएसएमई) क्षेत्र की कंपनियां भी रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में उतर सकें।
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रक्षा क्षेत्र में सरकार की अहमियत
पीएम ने कहा कि रक्षा उत्पादन इस लिहाज से विशिष्ट है कि इसमें हर स्तर पर सरकार की भूमिका है। इस क्षेत्र में निर्माण शुरू करने के लिए सरकार ही लाइसेंस देगी। चूंकि सरकार इस क्षेत्र के उत्पादन की एकमात्र खरीददार है, इसलिए कंपनियों को ऑर्डर भी वही देगी। रक्षा निर्यात के लिए भी सरकार की मंजूरी जरूरी है।
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पांच सौ भारतीय कंपनियों की भागीदारी
प्रधानमंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि इस प्रदर्शनी में 500 से ज्यादा देसी कंपनियों ने शिरकत की है। लगभग 150 विदेशी कंपनियां भी आई हैं। इसके अलावा 40 देशों के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी इसमें शामिल हुए हैं। मालूम हो कि चार दिन तक चलने वाला यह डिफेंस एक्सपो बुधवार को ही शुरू हुआ था लेकिन पीएम द्वारा इसका औपचारिक उद्घाटन बृहस्पतिवार को किया गया।
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पीएम को दिखाए काले झंडे
चेन्नई। कावेरी जल विवाद के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे तमिल संगठनों ने डिफेंस एक्सपो का उद्घाटन करने पहुंचे प्रधानमंत्री को काले झंडे दिखाए और ‘मोदी गो बैक’ के नारे लगाए। फिल्म निर्देशक भारतीराजा और आमिर ने हवाईअड्डा परिसर में उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके अलावा कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड के गठन में केंद्र सरकार की नाकामी का विरोध करने के लिए डीएमके सुप्रीमो करुणानिधि, उनके बेटे एमके स्टालिन और उनकी बेटी कनीमोरी के आवास पर काले झंडे लगाए गए थे। (एजेंसी)
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यूपीए सरकार की नाकामी से रक्षा तैयारियों पर बुरा असर
- प्रधानमंत्री ने किया 10वें डिफेंस एक्सपो का उद्घाटन
- कहा, शांति व देशवासियों सुरक्षा हमारा एकमात्र लक्ष्य
एजेंसी
थिरुविदंदाई (तमिलनाडु)।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके कार्यकाल में नीतिगत पंगुता के कारण ही देश की रक्षा तैयारियों पर बुरा प्रभाव पड़ा। यूपीए सरकार के आलस्य, अक्षमता और शायद छिपे एजेंडे के कारण देश को काफी नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन अब फिर ऐसी नौबत नहीं आएगी।
पीएम ने यहां बृहस्पतिवार को 10वें डिफेंस एक्सपो का औपचारिक उद्घाटन करने के बाद उपस्थिति लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व सरकार की नाकामी के कारण 126 मीडियम मल्टी रोल काम्बैट एयरक्राफ्ट (एमएमआरसीए) की खरीद 10 साल तक लटकी रही। उनकी सरकार 110 लड़ाकू विमान खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस’ नामक एक स्कीम लांच की है जिसके तहत देश भर में डिफेंस इनोवेशन हब स्थापित किए जाएंगे। ये हब रक्षा क्षेत्र में स्टार्ट-अप कंपनियों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराएंगे। उन्होंने कहा कि मई, 2014 तक कुल 118 रक्षा निर्यात मंजूरी जारी की गई थी, जिनका मूल्य 5.77 करोड़ डॉलर था, जबकि पिछले चार साल से भी कम समय में 1.3 अरब डॉलर मूल्य की 794 निर्यात मंजूरी जारी की जा चुकी है।
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चीन पर साधा निशाना
पीएम ने चीन का नाम लिए बगैर उस पर निशाना साधते हुए कहा कि शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता उतनी ही मजबूत है जितनी अपने भूभाग और उसके अंदर रहने वाले लोगों की रक्षा करने के प्रति। भारत के साथ लगभग 4000 किमी की सीमा पर चीन की गतिविधियों में बढ़ोतरी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की उसकी कोशिशों के बीच उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सुरक्षा बलों को सुसज्जित कर उनकी ताकत बढ़ाने के लिए हर संभव उपाय करने को तैयार है।
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घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रक्षा खरीद प्रक्रिया में सुधार किया गया है। इसके अलावा सरकारी आयुध कारखानों के लिए आरक्षित आइटमों को डि-नोटिफाई किया गया है ताकि निजी क्षेत्र खासकर मझोले, लघु एवं सूक्ष्म (एमएसएमई) क्षेत्र की कंपनियां भी रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में उतर सकें।
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रक्षा क्षेत्र में सरकार की अहमियत
पीएम ने कहा कि रक्षा उत्पादन इस लिहाज से विशिष्ट है कि इसमें हर स्तर पर सरकार की भूमिका है। इस क्षेत्र में निर्माण शुरू करने के लिए सरकार ही लाइसेंस देगी। चूंकि सरकार इस क्षेत्र के उत्पादन की एकमात्र खरीददार है, इसलिए कंपनियों को ऑर्डर भी वही देगी। रक्षा निर्यात के लिए भी सरकार की मंजूरी जरूरी है।
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पांच सौ भारतीय कंपनियों की भागीदारी
प्रधानमंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि इस प्रदर्शनी में 500 से ज्यादा देसी कंपनियों ने शिरकत की है। लगभग 150 विदेशी कंपनियां भी आई हैं। इसके अलावा 40 देशों के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी इसमें शामिल हुए हैं। मालूम हो कि चार दिन तक चलने वाला यह डिफेंस एक्सपो बुधवार को ही शुरू हुआ था लेकिन पीएम द्वारा इसका औपचारिक उद्घाटन बृहस्पतिवार को किया गया।
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पीएम को दिखाए काले झंडे
चेन्नई। कावेरी जल विवाद के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे तमिल संगठनों ने डिफेंस एक्सपो का उद्घाटन करने पहुंचे प्रधानमंत्री को काले झंडे दिखाए और ‘मोदी गो बैक’ के नारे लगाए। फिल्म निर्देशक भारतीराजा और आमिर ने हवाईअड्डा परिसर में उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके अलावा कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड के गठन में केंद्र सरकार की नाकामी का विरोध करने के लिए डीएमके सुप्रीमो करुणानिधि, उनके बेटे एमके स्टालिन और उनकी बेटी कनीमोरी के आवास पर काले झंडे लगाए गए थे। (एजेंसी)
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