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सॉल्वर गैंग के 25 हजार के इनामी को दबोचा
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नोएडा। कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने सॉल्वर गैंग के 25 हजार इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी चरखी दादरी हरियाणा निवासी प्रवीण ने खुद की जगह सॉल्वर को परीक्षा में बिठाया था। वह गिरोह को सॉल्वर भी उपलब्ध कराता था। रविवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने 28 नवंबर 2020 को दिल्ली पुलिस की भर्ती परीक्षा में सॉल्वर द्वारा परीक्षा दिलवाने वाले गिरोह को पकड़ा था। उस वक्त छह से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की टीम ने रविवार को सॉल्वर गैंग के फरार आरोपी प्रवीण को लेबर चौक से गिरफ्तार कर लिया। प्रवीण उस वक्त खुद ही भी अभ्यर्थी था, लेकिन उसके स्थान पर दिनेश चौधरी परीक्षा दे रहा था। जिसे परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार किया गया था।
प्रवीण ने पुलिस पूछताछ में बताया कि गिरोह के मास्टरमाइंड दिनेश प्रजापति से वह एक अन्य आरोपी मोनू के माध्यम से मिला था। परीक्षा में बैठने के नाम पर नौकरी दिलाने के लिए करीब 10 लाख रुपये में बात तय हुई थी। प्रवीण ने एडवांस के तौर पर तीन लाख रुपये उस वक्त दे दिए थे। 28 नवंबर 2020 को मास्टरमाइंड दिनेश प्रजापति के कहने पर ही उसके स्थान पर सेक्टर-62 स्थित परीक्षा केंद्र पर सॉल्वर दिनेश चौधरी बैठा था। पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी प्रवीण गिरोह को सॉल्वर उपलब्ध कराता था और इसके बदले में इसे कमीशन मिलता था। फिलहाल गिरोह के अन्य आरोपी अभी फरार चल रहे हैं जिसकी तलाश पुलिस की टीम कर रही है।
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एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने 28 नवंबर 2020 को दिल्ली पुलिस की भर्ती परीक्षा में सॉल्वर द्वारा परीक्षा दिलवाने वाले गिरोह को पकड़ा था। उस वक्त छह से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की टीम ने रविवार को सॉल्वर गैंग के फरार आरोपी प्रवीण को लेबर चौक से गिरफ्तार कर लिया। प्रवीण उस वक्त खुद ही भी अभ्यर्थी था, लेकिन उसके स्थान पर दिनेश चौधरी परीक्षा दे रहा था। जिसे परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार किया गया था।
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प्रवीण ने पुलिस पूछताछ में बताया कि गिरोह के मास्टरमाइंड दिनेश प्रजापति से वह एक अन्य आरोपी मोनू के माध्यम से मिला था। परीक्षा में बैठने के नाम पर नौकरी दिलाने के लिए करीब 10 लाख रुपये में बात तय हुई थी। प्रवीण ने एडवांस के तौर पर तीन लाख रुपये उस वक्त दे दिए थे। 28 नवंबर 2020 को मास्टरमाइंड दिनेश प्रजापति के कहने पर ही उसके स्थान पर सेक्टर-62 स्थित परीक्षा केंद्र पर सॉल्वर दिनेश चौधरी बैठा था। पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी प्रवीण गिरोह को सॉल्वर उपलब्ध कराता था और इसके बदले में इसे कमीशन मिलता था। फिलहाल गिरोह के अन्य आरोपी अभी फरार चल रहे हैं जिसकी तलाश पुलिस की टीम कर रही है।
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