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जाम से मिलेगी राहत
Updated Fri, 28 Sep 2018 03:25 AM IST
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हेडिंग: 120 करोड़ खर्च करने के बावजूद जाम बनेगा मुसीबत
सबहेड : कालिंदी कुंज क्रॉसिंग पर जाम से निपटने तैयारी नहीं, नया यमुना पुल शुरू करने का दावा
ट्रैफिक पुलिस ने प्राधिकरण को चेताया, नया पुल बनने के बाद भी जाम की समस्या रहेगी
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यमुना पुल प्रोजेक्ट
पुल की लंबाई 617.80 मीटर
अनुमानित लागत 119.95 करोड़
डेडलाइन 30 नवंबर 2018
योगेश शर्मा
नोएडा। दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले ओखला बैराज पुल पर अगले दो महीने में जाम से राहत देने का दावा किया जा रहा है। 120 करोड़ रुपये की लागत से यमुना पर नया पुल बनकर तैयार हो जाएगा, लेकिन इसके बाद भी राहत मिलना मुश्किल है। दरअसल, कालिंदी कुंज क्रॉसिंग पर जाम से निपटने के लिए अब तक कोई कवायद शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में नए पुल से दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों का दबाव क्रॉसिंग पर जाम का सबब बना रहेगा।
ट्रैफिक पुलिस ने नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर दिल्ली की बाधाओं को दूर करने के लिए कहा है, ताकि 120 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का फायदा आम जनता को मिल सके। जानकारों की मानें तो यमुना पर पुल का काम अगस्त 2014 में शुरू हुआ था, डेढ़ से दो वर्ष में प्रोजेक्ट पूरा होना था, लेकिन पांच साल बीतने के बाद भी पुल बनकर तैयार नहीं हुआ है। इन पांच साल में कालिंदी कुंज क्रॉसिंग पर जाम से निपटने की योजनाओं पर भी काम शुरू नहीं हो सका है। ट्रैफिक पुलिस आने वाले समय के लिए इसे गंभीर समस्या बता रही है। बता दें कि ओखला बैराज के रास्ते रोजाना दो से ढाई लाख वाहन नोएडा-दिल्ली के बीच आवाजाही करते हैं। फिलहाल, नोएडा से दक्षिणी और बाहरी दिल्ली के बीच सीधी कनेक्टिविटी के लिए पुराना ओखला बैराज पुल और डीएनडी फ्लाईओवर ही विकल्प है। इन दोनों ही पुल पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। खासकर ओखला बैराज के पुराने पुल पर लोगों को लंबा जाम झेलना पड़ता है।
दो राज्यों के बीच फंसा मामला
दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले ओखला बैराज और कालिंदी कुंज क्रॉसिंग पर जाम से राहत के लिए ट्रैफिक जंक्शन बनाने का प्लान प्राधिकरण ने तैयार किया है जिसके तहत यमुना पर बनाए जा रहे नए पुल को अंडरपास, क्लोवरलीफ और फ्लाईओवर के जरिये दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से जोड़ने की योजना है। प्राधिकरण ने प्रस्ताव तैयार कर यूटीपैक (यूनीफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सेंटर) को मंजूरी के लिए भेज दिया है, लेकिन दो राज्यों के बीच मामला फंसा हुआ है।
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नोएडा में लगातार वाहनों का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन शहर में प्रवेश करने वाले रास्तों की दशा नहीं बदली। यमुना पर बनने वाले नए पुल का फायदा आम जनता को तभी मिलेगा, जब कालिंदी कुंज क्रॉसिंग पर जाम से निपटने की ठोस प्लानिंग पर काम शुरू होगा। हमने प्राधिकरण को अवगत करा दिया है।
- अनिल कुमार झा, एसपी ट्रैफिक
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सबहेड : कालिंदी कुंज क्रॉसिंग पर जाम से निपटने तैयारी नहीं, नया यमुना पुल शुरू करने का दावा
ट्रैफिक पुलिस ने प्राधिकरण को चेताया, नया पुल बनने के बाद भी जाम की समस्या रहेगी
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यमुना पुल प्रोजेक्ट
पुल की लंबाई 617.80 मीटर
अनुमानित लागत 119.95 करोड़
डेडलाइन 30 नवंबर 2018
योगेश शर्मा
नोएडा। दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले ओखला बैराज पुल पर अगले दो महीने में जाम से राहत देने का दावा किया जा रहा है। 120 करोड़ रुपये की लागत से यमुना पर नया पुल बनकर तैयार हो जाएगा, लेकिन इसके बाद भी राहत मिलना मुश्किल है। दरअसल, कालिंदी कुंज क्रॉसिंग पर जाम से निपटने के लिए अब तक कोई कवायद शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में नए पुल से दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों का दबाव क्रॉसिंग पर जाम का सबब बना रहेगा।
ट्रैफिक पुलिस ने नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर दिल्ली की बाधाओं को दूर करने के लिए कहा है, ताकि 120 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का फायदा आम जनता को मिल सके। जानकारों की मानें तो यमुना पर पुल का काम अगस्त 2014 में शुरू हुआ था, डेढ़ से दो वर्ष में प्रोजेक्ट पूरा होना था, लेकिन पांच साल बीतने के बाद भी पुल बनकर तैयार नहीं हुआ है। इन पांच साल में कालिंदी कुंज क्रॉसिंग पर जाम से निपटने की योजनाओं पर भी काम शुरू नहीं हो सका है। ट्रैफिक पुलिस आने वाले समय के लिए इसे गंभीर समस्या बता रही है। बता दें कि ओखला बैराज के रास्ते रोजाना दो से ढाई लाख वाहन नोएडा-दिल्ली के बीच आवाजाही करते हैं। फिलहाल, नोएडा से दक्षिणी और बाहरी दिल्ली के बीच सीधी कनेक्टिविटी के लिए पुराना ओखला बैराज पुल और डीएनडी फ्लाईओवर ही विकल्प है। इन दोनों ही पुल पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। खासकर ओखला बैराज के पुराने पुल पर लोगों को लंबा जाम झेलना पड़ता है।
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दो राज्यों के बीच फंसा मामला
दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले ओखला बैराज और कालिंदी कुंज क्रॉसिंग पर जाम से राहत के लिए ट्रैफिक जंक्शन बनाने का प्लान प्राधिकरण ने तैयार किया है जिसके तहत यमुना पर बनाए जा रहे नए पुल को अंडरपास, क्लोवरलीफ और फ्लाईओवर के जरिये दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से जोड़ने की योजना है। प्राधिकरण ने प्रस्ताव तैयार कर यूटीपैक (यूनीफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सेंटर) को मंजूरी के लिए भेज दिया है, लेकिन दो राज्यों के बीच मामला फंसा हुआ है।
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नोएडा में लगातार वाहनों का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन शहर में प्रवेश करने वाले रास्तों की दशा नहीं बदली। यमुना पर बनने वाले नए पुल का फायदा आम जनता को तभी मिलेगा, जब कालिंदी कुंज क्रॉसिंग पर जाम से निपटने की ठोस प्लानिंग पर काम शुरू होगा। हमने प्राधिकरण को अवगत करा दिया है।
- अनिल कुमार झा, एसपी ट्रैफिक