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हाईवे बनाने के लिए काटे जाएंगे 10 हजार पेड़
Updated Sat, 27 Oct 2018 11:24 PM IST
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हाईवे बनाने के लिए काटे जाएंगे 10 हजार पेड़
गुरुग्राम। गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है, लेकिन विकास के नाम पर पेड़ों की बलि देने का सिलसिला भी नहीं रुक रहा है। सोहना रोड पर बादशाहपुर से लेकर राजस्थान सीमा तक रोड चौड़ा करने के कारण दोनों ओर करीब 10 हजार से ज्यादा पेड़ काटने की योजना है। वन विभाग ने इन पेड़ों को काटने की स्वीकृति दे दी है। इसी के साथ शनिवार से पेड़ काटने की कार्रवाई आरंभ हो गई है।
सोहना रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जा रहा है। यह रोड मुंबई तक जाएगा। इस कारण इस रोड को चार लेन से छह लेन किया जाएगा। रोड को चौड़ा करने के दौरान बादशाहपुर में ऐलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। बीते दिनों इस ऐलिवेटेड रोड की बुनियाद रख दी गई है। इस कारण अब यह योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए पेड़ काटने आरंभ कर दिए गए हैं, जबकि कुछ पेड़ तो ऐसे हैं जो करीब एक दशक पुराने हैं।
सोहना रोड पर बड़ी संख्या में पेड़ काटने के कारण हरियाली गायब हो जाएगी। राजीव चौक से बादशाहपुर तक पहले ही पेड़ नहीं हैं। इस तरह अब रोड पर पूरी तरह से पेड़ गायब हो जाएंगे। उधर गुरुग्राम में इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काटने के बाद उनकी भरपाई करने के लिए इलाके में पौधे नहीं लगाए जा रहे। इस कारण गुरुग्राम का रेगिस्तान जैसा दृश्य हो जाएगा। दरअसल वन विभाग द्वारा मेवात व पिंजौर में पौधे लगाए जाएंगे।
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पर्यावरणविद रुचिका सेठी कहती हैं कि विकास के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। प्रदूषण के मामले में जिले के हालात देखकर इस योजना को अभी रोक देना चाहिए, क्योंकि वायु प्रदूषण के स्तर के मद्देनजर पेड़ काटना गलत है।
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गुरुग्राम। गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है, लेकिन विकास के नाम पर पेड़ों की बलि देने का सिलसिला भी नहीं रुक रहा है। सोहना रोड पर बादशाहपुर से लेकर राजस्थान सीमा तक रोड चौड़ा करने के कारण दोनों ओर करीब 10 हजार से ज्यादा पेड़ काटने की योजना है। वन विभाग ने इन पेड़ों को काटने की स्वीकृति दे दी है। इसी के साथ शनिवार से पेड़ काटने की कार्रवाई आरंभ हो गई है।
सोहना रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जा रहा है। यह रोड मुंबई तक जाएगा। इस कारण इस रोड को चार लेन से छह लेन किया जाएगा। रोड को चौड़ा करने के दौरान बादशाहपुर में ऐलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। बीते दिनों इस ऐलिवेटेड रोड की बुनियाद रख दी गई है। इस कारण अब यह योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए पेड़ काटने आरंभ कर दिए गए हैं, जबकि कुछ पेड़ तो ऐसे हैं जो करीब एक दशक पुराने हैं।
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सोहना रोड पर बड़ी संख्या में पेड़ काटने के कारण हरियाली गायब हो जाएगी। राजीव चौक से बादशाहपुर तक पहले ही पेड़ नहीं हैं। इस तरह अब रोड पर पूरी तरह से पेड़ गायब हो जाएंगे। उधर गुरुग्राम में इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काटने के बाद उनकी भरपाई करने के लिए इलाके में पौधे नहीं लगाए जा रहे। इस कारण गुरुग्राम का रेगिस्तान जैसा दृश्य हो जाएगा। दरअसल वन विभाग द्वारा मेवात व पिंजौर में पौधे लगाए जाएंगे।
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पर्यावरणविद रुचिका सेठी कहती हैं कि विकास के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। प्रदूषण के मामले में जिले के हालात देखकर इस योजना को अभी रोक देना चाहिए, क्योंकि वायु प्रदूषण के स्तर के मद्देनजर पेड़ काटना गलत है।