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फ्री होल्ड के नुकसान से उबारेगा 1200 करोड़ का कॉर्पस फंड
Updated Tue, 16 Oct 2018 06:45 AM IST
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फ्री होल्ड के नुकसान से उबारेगा 1200 करोड़ का विशेष फंड
- प्राधिकरण अगली बोर्ड बैठक में आवासीय संपत्तियों के फ्री होल्ड का लाएगा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने अगली बोर्ड बैठक में आवासीय विभाग के तहत आने वाली संपत्तियों के फ्री होल्ड का प्रस्ताव लाने की तैयारी कर ली है। हालांकि इससे होने वाले नुकसान से उबरने उपायों पर मंथन चल रहा है। सूत्रों की मानें तो इसके नुकसान से बचने के लिए 1200 करोड़ का विशेष (कॉर्पस) फंड बनाने पर विचार किया जा रहा है। इस पर जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण को आवासीय सेक्टर से प्रति वर्ष 150 से 175 करोड़ रुपये का राजस्व लाभ होता है। लिहाजा इसे फ्री होल्ड करने के बाद यह लाभ खत्म हो जाएगा। लिहाजा कोशिश यह भी हो रही है कि फ्री होल्ड करने के दौरान ऐसे आवंटियों से संपत्तियों की कुल कीमत का करीब 2 प्रतिशत लिया जाए। इससे आने वाले पैसे को कॉर्पस फंड में रख लिया जाएगा। इसके ब्याज से आगे का काम चलता रहेगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर प्राधिकरण इस पैसे को दूसरे मद में भी उपयोग कर सकेगा।
सूत्रों की मानें तो आवासीय के फ्री होल्ड होते ही हाऊस टैक्स भी देना पड़ सकता है, जिस तरह से नगर निगम के नियम हैं। इसके लिए प्राधिकरण को पूरी व्यवस्था करनी पड़ेगी। उसके लिए अलग से एक विभाग भी चलाना पड़ सकता है। हालांकि यह किस तरह से लागू होगा इस पर एक राय नहीं बनी है। हाल ही में औद्योगिक सेक्टर के जन प्रतिनिधियों ने फ्री होल्ड को लेकर धरना प्रदर्शन भी किया था। साथ ही इसकी मांग करीब 10 वर्षों से अलग-अलग संस्थाएं और शहर के लोग कर रहे हैं। सबसे पहले फ्री होल्ड का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद वहां से पास होने के बाद इसे शासन को भेज दिया जाएगा। शासन की संस्तुति के बाद ही यह मान्य हो पाएगा।
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यह होता है कॉर्पस फंड
किसी भी संस्था में आधारभूत कार्यों के लिए योजना के मुताबिक एक निश्चित राशि जमा कर दी जाती है। इस पैसे को एक तय मद में जमा कर दिया जाता है, जिसे कॉर्पस फंड के नाम से जाना जाता है। इस पैसे को जब तक जरूरी न हो तब तक खर्च नहीं किया जाता है।
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- प्राधिकरण अगली बोर्ड बैठक में आवासीय संपत्तियों के फ्री होल्ड का लाएगा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने अगली बोर्ड बैठक में आवासीय विभाग के तहत आने वाली संपत्तियों के फ्री होल्ड का प्रस्ताव लाने की तैयारी कर ली है। हालांकि इससे होने वाले नुकसान से उबरने उपायों पर मंथन चल रहा है। सूत्रों की मानें तो इसके नुकसान से बचने के लिए 1200 करोड़ का विशेष (कॉर्पस) फंड बनाने पर विचार किया जा रहा है। इस पर जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण को आवासीय सेक्टर से प्रति वर्ष 150 से 175 करोड़ रुपये का राजस्व लाभ होता है। लिहाजा इसे फ्री होल्ड करने के बाद यह लाभ खत्म हो जाएगा। लिहाजा कोशिश यह भी हो रही है कि फ्री होल्ड करने के दौरान ऐसे आवंटियों से संपत्तियों की कुल कीमत का करीब 2 प्रतिशत लिया जाए। इससे आने वाले पैसे को कॉर्पस फंड में रख लिया जाएगा। इसके ब्याज से आगे का काम चलता रहेगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर प्राधिकरण इस पैसे को दूसरे मद में भी उपयोग कर सकेगा।
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सूत्रों की मानें तो आवासीय के फ्री होल्ड होते ही हाऊस टैक्स भी देना पड़ सकता है, जिस तरह से नगर निगम के नियम हैं। इसके लिए प्राधिकरण को पूरी व्यवस्था करनी पड़ेगी। उसके लिए अलग से एक विभाग भी चलाना पड़ सकता है। हालांकि यह किस तरह से लागू होगा इस पर एक राय नहीं बनी है। हाल ही में औद्योगिक सेक्टर के जन प्रतिनिधियों ने फ्री होल्ड को लेकर धरना प्रदर्शन भी किया था। साथ ही इसकी मांग करीब 10 वर्षों से अलग-अलग संस्थाएं और शहर के लोग कर रहे हैं। सबसे पहले फ्री होल्ड का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद वहां से पास होने के बाद इसे शासन को भेज दिया जाएगा। शासन की संस्तुति के बाद ही यह मान्य हो पाएगा।
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यह होता है कॉर्पस फंड
किसी भी संस्था में आधारभूत कार्यों के लिए योजना के मुताबिक एक निश्चित राशि जमा कर दी जाती है। इस पैसे को एक तय मद में जमा कर दिया जाता है, जिसे कॉर्पस फंड के नाम से जाना जाता है। इस पैसे को जब तक जरूरी न हो तब तक खर्च नहीं किया जाता है।