फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   मॉल पर मेहरबानी, बाजार की परेशानी

मॉल पर मेहरबानी, बाजार की परेशानी

Sat, 24 Nov 2018 06:51 AM IST
Updated Sat, 24 Nov 2018 06:51 AM IST
विज्ञापन
मॉल पर मेहरबानी, बाजार की परेशानी
हेडिंग: मॉल पर मेहरबानी, बाजार की परेशानी
विज्ञापन

सबहेड: सेक्टर-18 में पार्किंग के बाद अब एफओबी के मुद्दे पर प्राधिकरण को झेलना होगा व्यापारियों का रोष
व्यापारी बोले, तीन साल पहले बाजार के लिए बनी स्काई वे की योजना पर हो काम
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर का मिनी कनॉट प्लेस कहे जाने वाले सेक्टर-18 में पार्किंग का विवाद खत्म नहीं हुआ है। अब मॉल के लिए बनने जा रहे फुटओवर ब्रिज (एफओबी) को लेकर प्राधिकरण घिरता नजर आ रहा है। मल्टीलेवल कार पार्किंग से मॉल ऑफ इंडिया के बीच एफओबी बनाने की योजना पर सवाल उठने लगे हैं। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मॉल के लिए एफओबी बनेगा तो बाजार के लिए तीन साल पहले बनाई गई स्काई वे योजना पर भी काम शुरू किया जाए।
मल्टीलेवल कार पार्किंग के संचालन का जिम्मा मॉल ऑफ इंडिया चलाने वाली कंपनी डीएलएफ को देकर पहले ही प्राधिकरण सवालों में घिरा हुआ है। अब मॉल की खातिर बाजार की अनदेखी के आरोप व्यापारी लगा रहे हैं। ऐसे में पार्किंग आवंटन के बाद मॉल के लिए एफओबी के मुद्दे पर आने वाले दिनों में प्राधिकरण को व्यापारियों के रोष का सामना करना पड़ सकता है। सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन का कहना है कि मॉल और पार्किंग के बीच महज एक सड़क का फासला है, जिसकी चिंता प्राधिकरण को है, लेकिन पार्किंग से बाजार की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। मॉल प्रबंधन के हित में एक के बाद एक फैसला लिया जाना प्राधिकरण की मंशा पर शक पैदा करता है। मार्केट एसोसिएशन मॉल के लिए एफओबी का विरोध नहीं कर रही है, लेकिन बाजार के लिए बनाई गई स्काई वे योजना पर भी काम शुरू होना चाहिए।
विज्ञापन

वहीं, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष नरेश कुच्छल का कहना है कि प्राधिकरण अपने गलत फैसलों से शहर की पहचान बनाने वाले बाजार को खत्म करने पर तुला है। इसका विरोध किया जाएगा। बाजार के हित के लिए प्राधिकरण को जल्द से जल्द स्काई वे योजना पर काम शुरू करना चाहिए। इस मांग को लेकर व्यापारी संगठन प्राधिकरण के अधिकारियों से मिलेंगे। यदि मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

फाइलों में गुम सबसे लंबा स्काई वे
शहर को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने की दिशा में प्राधिकरण ने तीन साल पहले देश का सबसे लंबा स्काई वे बनाने का खाका तैयार किया था। तीन किलोमीटर लंबे स्काई वे के जरिये सेक्टर-37 ट्रैफिक जंक्शन को शॉपिंग हब सेक्टर-18 से कनेक्ट किया जाना था। 57 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का काम दो चरणों में होना था। इसके बनने से न सिर्फ पैदल राहगीरों का सफर आसान होता, बल्कि शॉपिंग हब की सड़कों पर जाम से राहत भी मिल जाती।
दो चरण में होना था निर्माण
पहले चरण में सेक्टर-37 से बॉटेनिकल गार्डन और जीआईपी मॉल के रास्ते सेक्टर-18 के डीएलएफ मॉल तक 1700 मीटर (करीब पौने दो किलोमीटर) लंबा स्काई वे बनना था। दूसरे चरण में डीएलएफ मॉल से रेडिसन होटल, मल्टीलेवल कार पार्किंग और वेव वन टावर होते हुए सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन तक स्काई वे का निर्माण होना था।

चढ़ने के लिए एस्क्लेटर
पैदल राहगीर सड़क को छोड़कर ज्यादा से ज्यादा स्काई वे का प्रयोग करें, इसके लिए सेक्टर-37 ट्रैफिक जंक्शन से सेक्टर-18 तक करीब 15 जगह उतरने चढ़ने की व्यवस्था की जानी थी। स्काई वे पर उतरने-चढ़ने के लिए एस्केलेटर्स लगाए जाने थे। जबकि उतरने के लिए सीढ़ियों का प्रयोग करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed