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पुलिस को नहीं मिला आरडब् ल्यूए का सहयोग
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:40 AM IST
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हेडिंग: पुलिस को नहीं मिला आरडब्ल्यूए का सहयोग
यातायात व्यवस्था सुधारने को हर महीने गोष्ठी की योजना को लगा ग्रहण
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर की लगातार बिगड़ रही यातायात व्यवस्था को जन सहभागिता से सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने आरडब्ल्यूए का सहयोग मांगा था। बाकायदा, इसके लिए कार्य योजना तैयार कर सभी संगठनों को अवगत कराया गया था, लेकिन कोई भी आरडब्ल्यूए पुलिस के सहयोग के लिए आगे नहीं आई है।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से सभी आरडब्ल्यूए को 10 सितंबर को पत्र जारी किया गया था। कार्य योजना के अंतर्गत हर महीने आरडब्ल्यूए के साथ गोष्ठी का आयोजन किया जाना था, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर समस्याओं और सुझावों पर चर्चा हो सके। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक हर महीने तीन-चार आरडब्ल्यूए मिलकर इस गोष्ठी के लिए समय व स्थान का चयन करने का सुझाव दिया था। गोष्ठी के साथ यातायात जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने थे, लेकिन 20 दिन बीतने के बाद भी शहर की 100 से ज्यादा आरडब्ल्यूए में से किसी ने पुलिस के सहयोग को हाथ नहीं बढ़ाया है। ऐसे में शहर की सड़कों पर लगातार बढ़ रहे वाहनों के बोझ से बिगड़ रही यातायात व्यवस्था के बीच आरडब्ल्यूए का सहयोग न चिंता का विषय बताया जा रहा है। एसपी ट्रैफिक अनिल झा का कहना है कि अब तक किसी आरडब्ल्यूए ने रिस्पांस नहीं दिया है। ऐसे में रूट डायवर्जन संबंधित फैसले लिए जाने के बाद संगठन आपत्ति जताने लगते हैं, जो गलत है।
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यातायात व्यवस्था सुधारने को हर महीने गोष्ठी की योजना को लगा ग्रहण
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर की लगातार बिगड़ रही यातायात व्यवस्था को जन सहभागिता से सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने आरडब्ल्यूए का सहयोग मांगा था। बाकायदा, इसके लिए कार्य योजना तैयार कर सभी संगठनों को अवगत कराया गया था, लेकिन कोई भी आरडब्ल्यूए पुलिस के सहयोग के लिए आगे नहीं आई है।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से सभी आरडब्ल्यूए को 10 सितंबर को पत्र जारी किया गया था। कार्य योजना के अंतर्गत हर महीने आरडब्ल्यूए के साथ गोष्ठी का आयोजन किया जाना था, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर समस्याओं और सुझावों पर चर्चा हो सके। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक हर महीने तीन-चार आरडब्ल्यूए मिलकर इस गोष्ठी के लिए समय व स्थान का चयन करने का सुझाव दिया था। गोष्ठी के साथ यातायात जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने थे, लेकिन 20 दिन बीतने के बाद भी शहर की 100 से ज्यादा आरडब्ल्यूए में से किसी ने पुलिस के सहयोग को हाथ नहीं बढ़ाया है। ऐसे में शहर की सड़कों पर लगातार बढ़ रहे वाहनों के बोझ से बिगड़ रही यातायात व्यवस्था के बीच आरडब्ल्यूए का सहयोग न चिंता का विषय बताया जा रहा है। एसपी ट्रैफिक अनिल झा का कहना है कि अब तक किसी आरडब्ल्यूए ने रिस्पांस नहीं दिया है। ऐसे में रूट डायवर्जन संबंधित फैसले लिए जाने के बाद संगठन आपत्ति जताने लगते हैं, जो गलत है।
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