{"_id":"5b79a92f42c79246764164cf","slug":"171534699823-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरडब्\nल्यूए संवाद: इस गली में जाने से लगता है डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरडब् ल्यूए संवाद: इस गली में जाने से लगता है डर
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला सेक्टर संवाद
---------------------
हेडिंग: इस गली में जाने से लगता है डर...
सेक्टर-34 अरावली अपार्टमेंट में जर्जर इमारतों से बड़े हादसे का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर के बीचोबीच बने अरावली अपार्टमेंट बी-3 की गलियों में रात ही नहीं, बल्कि दिन में भी जाने से डर लगता है। इस सोसायटी में कई सरकारी महकमों के फ्लैट भी हैं जो 20 साल से खाली पड़े हैं। इनकी हालत इस कदर खराब हो चुकी है कि कभी भी इमारतें भरभराकर गिर सकती हैं। जर्जर इमारतों के गिरने के डर से लोगों ने इनके आसपास से गुजरना ही छोड़ दिया है।
नोएडा प्राधिकरण ने 1993 में 392 फ्लैट इस सोसायटी में बनाए थे। इनमें से 48 फ्लैट एमटीएनएल को आवंटित किए गए थे। जब से फ्लैट बने हैं तब से इनमें कोई रहने नहीं आया। चार-पांच फ्लैटों में ही लोग रहते हैं जो हर समय खौफ के साय में जी रहे हैं। एमटीएनएल को आवंटित की गई पूरी इमारत जर्जर हो चुकी है। कई की छतें गिर चुकी हैं। अक्सर प्लास्टर टूटकर सड़कों पर गिर जाता है। आरडब्ल्यूए नोएडा प्राधिकरण से इन फ्लैटों का आवंटन रद्द करने की मांग उठा रही है। लोगों का कहना है जानलेवा इमारतों को प्राधिकरण सील कर देता है तो इस इमारत पर ध्यान क्यों नहीं जा रहा है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि 20 साल से इमारत खाली पड़ी है। प्लास्टर टूटकर कई बार लोगों के ऊपर गिर चुका है। आए दिन गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त होती रहती हैं।
असुरक्षित इमारत में होते हैं गलत काम
एमटीएनएल के खाली फ्लैट असामाजिक तत्वों के लिए शरण स्थली बने हुए हैं। जिस गली में फ्लैट हैं उसमें डर की वजह से लोग नहीं जाते। खाली फ्लैटों में नशाखोरी के सबूत कई बार मिल चुके हैं। कुछ दिन पहले ही स्थानीय लोगों के साथ पुलिस ने दबिश दी तो शराब की बोतलें और नशीले पदार्थ यहां बरामद किए गए थे। कई बार यहां प्रेमी जोड़े भी पकड़े जा चुके हैं। सोसायटी के लोगों को डर है कि उनके बच्चों के साथ कोई अनहोनी न हो जाए, क्योंकि एमटीएनएल अपार्टमेंट के सामने ही पार्क है जहां बच्चे खेलने जाते हैं।
विज्ञापन
न बेच रहे न बनवा रहे
एमटीएनएल के खाली पड़े फ्लैटों को न तो बचा जा रहा है और न ही उन्हें दुरुस्त करवाया जा रहा है। खाली फ्लैटों से आरडब्ल्यूए को सोसायटी का रखरखाव शुल्क भी नहीं मिल पा रहा है। इसकी शिकायत प्राधिकरण से की जा चुकी है, लेकिन अधिकारी एमटीएनएल को आवंटन होने की दलील देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने एमटीएनएल के अधिकारियों के सामने भी समस्या उठाई, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
--------
एमटीएनएल के खाली पड़े फ्लैट इस समय सोसायटी की सबसे बड़ी समस्या हैं। इसकी वजह से पूरी सोसायटी खतरे में हैं। कभी कोई बड़ा हादसा या अपराध हो सकता है, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। इन फ्लैटों का आवंटन रद्द होना चाहिए।
- धर्मेंद्र शर्मा, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए
-------
सोसायटी में जर्जर फ्लैट अगर हादसे की वजह बने तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। लगातार हम इस मामले से अधिकारियों को अवगत करा रहे हैं। इन फ्लैटों की वजह से आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। सोसायटी में न महिलाएं सुरक्षित हैं न बच्चे।
- प्रदीप सिंह, महासचिव आरडब्ल्यूए
--------
एमटीएनएल ही नहीं, नोएडा प्राधिकरण के स्टाफ क्वार्टरों की भी हालत खराब होती जा रही है। प्राधिकरण को सोसायटी इस गंभीर समस्या पर ध्यान देना चाहिए। एमटीएनएल के अधिकारियों से बात करनी चाहिए। फ्लैटों की मरम्मत कराई जाए या फिर आवंटन रद्द हो।
आरपी प्रजापति, कोषाध्यक्ष आरडब्ल्यूए
--------
शाहबेरी हादसे के बाद प्राधिकरण के अधिकारियों ने जर्जर इमारतों को सील किया और नोटिस जारी किए गए, लेकिन शहर के बीचोबीच अरावली अपार्टमेंट में एमटीएनएल को आवंटित फ्लैट प्राधिकरण अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रहे हैं।
-नागराज, निवासी
--------
सरकारी तंत्र की लापरवाही का नजारा देखना है तो अरावली अपार्टमेंट में देखा जा सकता है। एमटीएनएल के हादसों को न्योता दे रहे फ्लैट सोसायटी के लोगों के बड़ा खतरा बने हुए हैं, लेकिन लगातार शिकायतों के बाद भी किसी का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।
-ऊषा गुप्ता, निवासी
विज्ञापन
---------------------
हेडिंग: इस गली में जाने से लगता है डर...
सेक्टर-34 अरावली अपार्टमेंट में जर्जर इमारतों से बड़े हादसे का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर के बीचोबीच बने अरावली अपार्टमेंट बी-3 की गलियों में रात ही नहीं, बल्कि दिन में भी जाने से डर लगता है। इस सोसायटी में कई सरकारी महकमों के फ्लैट भी हैं जो 20 साल से खाली पड़े हैं। इनकी हालत इस कदर खराब हो चुकी है कि कभी भी इमारतें भरभराकर गिर सकती हैं। जर्जर इमारतों के गिरने के डर से लोगों ने इनके आसपास से गुजरना ही छोड़ दिया है।
नोएडा प्राधिकरण ने 1993 में 392 फ्लैट इस सोसायटी में बनाए थे। इनमें से 48 फ्लैट एमटीएनएल को आवंटित किए गए थे। जब से फ्लैट बने हैं तब से इनमें कोई रहने नहीं आया। चार-पांच फ्लैटों में ही लोग रहते हैं जो हर समय खौफ के साय में जी रहे हैं। एमटीएनएल को आवंटित की गई पूरी इमारत जर्जर हो चुकी है। कई की छतें गिर चुकी हैं। अक्सर प्लास्टर टूटकर सड़कों पर गिर जाता है। आरडब्ल्यूए नोएडा प्राधिकरण से इन फ्लैटों का आवंटन रद्द करने की मांग उठा रही है। लोगों का कहना है जानलेवा इमारतों को प्राधिकरण सील कर देता है तो इस इमारत पर ध्यान क्यों नहीं जा रहा है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि 20 साल से इमारत खाली पड़ी है। प्लास्टर टूटकर कई बार लोगों के ऊपर गिर चुका है। आए दिन गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त होती रहती हैं।
विज्ञापन
असुरक्षित इमारत में होते हैं गलत काम
एमटीएनएल के खाली फ्लैट असामाजिक तत्वों के लिए शरण स्थली बने हुए हैं। जिस गली में फ्लैट हैं उसमें डर की वजह से लोग नहीं जाते। खाली फ्लैटों में नशाखोरी के सबूत कई बार मिल चुके हैं। कुछ दिन पहले ही स्थानीय लोगों के साथ पुलिस ने दबिश दी तो शराब की बोतलें और नशीले पदार्थ यहां बरामद किए गए थे। कई बार यहां प्रेमी जोड़े भी पकड़े जा चुके हैं। सोसायटी के लोगों को डर है कि उनके बच्चों के साथ कोई अनहोनी न हो जाए, क्योंकि एमटीएनएल अपार्टमेंट के सामने ही पार्क है जहां बच्चे खेलने जाते हैं।
विज्ञापन
न बेच रहे न बनवा रहे
एमटीएनएल के खाली पड़े फ्लैटों को न तो बचा जा रहा है और न ही उन्हें दुरुस्त करवाया जा रहा है। खाली फ्लैटों से आरडब्ल्यूए को सोसायटी का रखरखाव शुल्क भी नहीं मिल पा रहा है। इसकी शिकायत प्राधिकरण से की जा चुकी है, लेकिन अधिकारी एमटीएनएल को आवंटन होने की दलील देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने एमटीएनएल के अधिकारियों के सामने भी समस्या उठाई, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
--------
एमटीएनएल के खाली पड़े फ्लैट इस समय सोसायटी की सबसे बड़ी समस्या हैं। इसकी वजह से पूरी सोसायटी खतरे में हैं। कभी कोई बड़ा हादसा या अपराध हो सकता है, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। इन फ्लैटों का आवंटन रद्द होना चाहिए।
- धर्मेंद्र शर्मा, अध्यक्ष आरडब्ल्यूए
-------
सोसायटी में जर्जर फ्लैट अगर हादसे की वजह बने तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। लगातार हम इस मामले से अधिकारियों को अवगत करा रहे हैं। इन फ्लैटों की वजह से आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। सोसायटी में न महिलाएं सुरक्षित हैं न बच्चे।
- प्रदीप सिंह, महासचिव आरडब्ल्यूए
--------
एमटीएनएल ही नहीं, नोएडा प्राधिकरण के स्टाफ क्वार्टरों की भी हालत खराब होती जा रही है। प्राधिकरण को सोसायटी इस गंभीर समस्या पर ध्यान देना चाहिए। एमटीएनएल के अधिकारियों से बात करनी चाहिए। फ्लैटों की मरम्मत कराई जाए या फिर आवंटन रद्द हो।
आरपी प्रजापति, कोषाध्यक्ष आरडब्ल्यूए
--------
शाहबेरी हादसे के बाद प्राधिकरण के अधिकारियों ने जर्जर इमारतों को सील किया और नोटिस जारी किए गए, लेकिन शहर के बीचोबीच अरावली अपार्टमेंट में एमटीएनएल को आवंटित फ्लैट प्राधिकरण अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रहे हैं।
-नागराज, निवासी
--------
सरकारी तंत्र की लापरवाही का नजारा देखना है तो अरावली अपार्टमेंट में देखा जा सकता है। एमटीएनएल के हादसों को न्योता दे रहे फ्लैट सोसायटी के लोगों के बड़ा खतरा बने हुए हैं, लेकिन लगातार शिकायतों के बाद भी किसी का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।
-ऊषा गुप्ता, निवासी