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टार्गेटेड रेडिएशन थेरेपी स्तन कैंसर के इलाज में बेहतर विकल्प: डॉ. मित्रा
Updated Mon, 10 Dec 2018 12:12 AM IST
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स्तन कैंसर के इलाज में टार्गेटेड रेडिएशन
थेरेपी बेहतर विकल्प : डॉ. मित्रा
- राजीव गांधी कैंसर अस्पताल के डॉक्टरों ने दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्तन कैंसर दुनियाभर में तेजी से पैर पसार रहा है। समय पर जांच और पर्याप्त इलाज ही इसका निदान है। तकनीक के क्षेत्र में हो रही तरक्की ने इसके इलाज को और कारगर बनाने में भूमिका निभाई है। रविवार को रोहिणी स्थित राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर (आरजीसीआईआरसी) में आयोजित एक कार्यक्रम में डॉक्टरों ने स्तन कैंसर को लेकर अहम जानकारी सांझा की। इस दौरान डॉ. स्वरूपा मित्रा ने कहा कैंसर का इलाज सर्जरी, रेडिएशन और कीमोथेरेपी तीन तरीके से होता है। रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल सर्जरी के बाद होता है, ताकि दोबारा कैंसर से बचाव हो सके। रेडिएशन से कैंसर कोशिकाएं तो मर जाती हैं, लेकिन इससे स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचता है। अब 3डीसीआरटी और आईएमआरटी जैसी टार्गेटेड रेडिएशन थेरेपी से यह परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है। इसमें स्वस्थ कोशिकाओं को बचाते हुए सीधे प्रभावित क्षेत्र पर रेडिएशन देना संभव होता है। आईएमए के साथ आयोजित कार्यक्रम में कैंसर विशेषज्ञ डॉ. कुमारदीप दत्ता चौधरी ने स्तन कैंसर की वर्तमान परिस्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिना मेहनत वाली लाइफ स्टाइल, प्रोसेस्ड और जंक फूड खाने की आदत तथा खेती में इस्तेमाल होने वाले पेस्टीसाइड की वजह से देश में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।
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थेरेपी बेहतर विकल्प : डॉ. मित्रा
- राजीव गांधी कैंसर अस्पताल के डॉक्टरों ने दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्तन कैंसर दुनियाभर में तेजी से पैर पसार रहा है। समय पर जांच और पर्याप्त इलाज ही इसका निदान है। तकनीक के क्षेत्र में हो रही तरक्की ने इसके इलाज को और कारगर बनाने में भूमिका निभाई है। रविवार को रोहिणी स्थित राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर (आरजीसीआईआरसी) में आयोजित एक कार्यक्रम में डॉक्टरों ने स्तन कैंसर को लेकर अहम जानकारी सांझा की। इस दौरान डॉ. स्वरूपा मित्रा ने कहा कैंसर का इलाज सर्जरी, रेडिएशन और कीमोथेरेपी तीन तरीके से होता है। रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल सर्जरी के बाद होता है, ताकि दोबारा कैंसर से बचाव हो सके। रेडिएशन से कैंसर कोशिकाएं तो मर जाती हैं, लेकिन इससे स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचता है। अब 3डीसीआरटी और आईएमआरटी जैसी टार्गेटेड रेडिएशन थेरेपी से यह परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है। इसमें स्वस्थ कोशिकाओं को बचाते हुए सीधे प्रभावित क्षेत्र पर रेडिएशन देना संभव होता है। आईएमए के साथ आयोजित कार्यक्रम में कैंसर विशेषज्ञ डॉ. कुमारदीप दत्ता चौधरी ने स्तन कैंसर की वर्तमान परिस्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिना मेहनत वाली लाइफ स्टाइल, प्रोसेस्ड और जंक फूड खाने की आदत तथा खेती में इस्तेमाल होने वाले पेस्टीसाइड की वजह से देश में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।