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रामभक्ति के साथ दिखाई शक्ति भी
Updated Sun, 09 Dec 2018 11:51 PM IST
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गेट को तोड़कर अंदर हुए दाखिल
-ग्रिल को फांदकर भी जारी रही आवाजाही
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। धर्मसभा के दौरान जहां एक तरफ रामभक्ति चरम पर थी तो दूसरी तरफ जनसैलाब ने शक्ति प्रदर्शन भी किया। शंख, ढोल और भक्ति गीतों के जरिये लोगों ने अपनी ताकत दिखाई। धर्मसभा में संत जहां रामलीला मैदान के अंदर हुंकार भर रहे थे तब बाहर मौजूद रामभक्त इतने भावुक हो गए कि गेट नंबर-दो को तोड़ते हुए अंदर जा पहुंचे। नियम कायदों की अनदेखी करते हुए अंदर प्रवेश करने वाले हजारों लोगों को काबू करना मुश्किल हो गया था, लेकिन बाद में पुलिस की मौजूदगी से हालात सामान्य हुए। इस दौरान दर्जनों युवक पेड़ों और बैरिकेड्स से ग्रिल को फांदकर रामलीला मैदान के अंदर जा पहुंचे।
गदा के साथ भी घूमते रहे रामभक्त
मंदिर निर्माण के लिए इकट्ठा हुए लोगों में राममंदिर बनाने के लिए उत्साह साफ झलक रहा था। कोई राम की वेशभूषा में तो किसी ने चेहरे को पेंट कर, हाथ में गदा लेकर हनुमान का वेश धारण कर रखा था। मंदिर निर्माण के जयघोष और शंखनाद के बीच ढेाल के जरिये यह दिखाने की कोशिश की गई कि इस बार मंदिर निर्माण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
चाय के साथ पहुंचे धर्मसभा में
हनुमान मंदिर के पास चाय की दुकान चलाने वाले नेताजी अपने दो तीन लड़कों के साथ धर्मसभा में पहुंचे। बाहर मौजूद लोगों को चाय की चुस्कियां लेने का मौका दिया तो दूसरी तरफ खुद भी गदा हाथ में लेकर पूरे दिन वहां मौजूद रहे।
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खाने-पीने की चीजें हो गईं खत्म
रामभक्तों को भूख और प्यास लगी तो पकौड़े और पानी बेचने के लिए लोग वहीं पहुंच गए। दोपहर करीब तीन बजे आलम यह हो गया कि खोमचे वालों के पास खाने-पीने की चीजें भी खत्म हो गई। पकौड़ा बेचने वाले ने बताया कि रविवार को बिक्री थोड़ी कम होती है और रात नौ बजे तक इंतजार करना पड़ता है, लेकिन आज अभी सभी पकौड़े बिकने से घर जाकर बच्चों के साथ वक्त बिताएंगे।
कम पड़े गए भगवा रंग के कपड़े
देश के अलग-अलग शहरों से आए लोगों ने समय मिलते ही कपड़े की खरीदारी के लिए कनॉट प्लेट का रुख कर लिया। कई दुकानें तो ऐसी थी जहां भगवा रंग के कपड़ों की कमी हो गई। कुछ लोगों ने अपने घर लौटने से पहले पुरानी दिल्ली में भी खूब खरीदारी की।
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गेट को तोड़कर अंदर हुए दाखिल
-ग्रिल को फांदकर भी जारी रही आवाजाही
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। धर्मसभा के दौरान जहां एक तरफ रामभक्ति चरम पर थी तो दूसरी तरफ जनसैलाब ने शक्ति प्रदर्शन भी किया। शंख, ढोल और भक्ति गीतों के जरिये लोगों ने अपनी ताकत दिखाई। धर्मसभा में संत जहां रामलीला मैदान के अंदर हुंकार भर रहे थे तब बाहर मौजूद रामभक्त इतने भावुक हो गए कि गेट नंबर-दो को तोड़ते हुए अंदर जा पहुंचे। नियम कायदों की अनदेखी करते हुए अंदर प्रवेश करने वाले हजारों लोगों को काबू करना मुश्किल हो गया था, लेकिन बाद में पुलिस की मौजूदगी से हालात सामान्य हुए। इस दौरान दर्जनों युवक पेड़ों और बैरिकेड्स से ग्रिल को फांदकर रामलीला मैदान के अंदर जा पहुंचे।
गदा के साथ भी घूमते रहे रामभक्त
मंदिर निर्माण के लिए इकट्ठा हुए लोगों में राममंदिर बनाने के लिए उत्साह साफ झलक रहा था। कोई राम की वेशभूषा में तो किसी ने चेहरे को पेंट कर, हाथ में गदा लेकर हनुमान का वेश धारण कर रखा था। मंदिर निर्माण के जयघोष और शंखनाद के बीच ढेाल के जरिये यह दिखाने की कोशिश की गई कि इस बार मंदिर निर्माण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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चाय के साथ पहुंचे धर्मसभा में
हनुमान मंदिर के पास चाय की दुकान चलाने वाले नेताजी अपने दो तीन लड़कों के साथ धर्मसभा में पहुंचे। बाहर मौजूद लोगों को चाय की चुस्कियां लेने का मौका दिया तो दूसरी तरफ खुद भी गदा हाथ में लेकर पूरे दिन वहां मौजूद रहे।
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खाने-पीने की चीजें हो गईं खत्म
रामभक्तों को भूख और प्यास लगी तो पकौड़े और पानी बेचने के लिए लोग वहीं पहुंच गए। दोपहर करीब तीन बजे आलम यह हो गया कि खोमचे वालों के पास खाने-पीने की चीजें भी खत्म हो गई। पकौड़ा बेचने वाले ने बताया कि रविवार को बिक्री थोड़ी कम होती है और रात नौ बजे तक इंतजार करना पड़ता है, लेकिन आज अभी सभी पकौड़े बिकने से घर जाकर बच्चों के साथ वक्त बिताएंगे।
कम पड़े गए भगवा रंग के कपड़े
देश के अलग-अलग शहरों से आए लोगों ने समय मिलते ही कपड़े की खरीदारी के लिए कनॉट प्लेट का रुख कर लिया। कई दुकानें तो ऐसी थी जहां भगवा रंग के कपड़ों की कमी हो गई। कुछ लोगों ने अपने घर लौटने से पहले पुरानी दिल्ली में भी खूब खरीदारी की।