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रेरा ने बिल्डर से पूछा, 12 साल में नहीं दे सके तो एक साल में कैसे दोगे कब्जा
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:51 PM IST
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हेडिंग: 12 साल में नहीं दे सके तो एक साल में कैसे देंगे कब्जा
सबहेड: सुनवाई में रेरा ने उप्पल चड्ढा डेवलपर्स के प्रतिनिधि से मांगा जवाब
पीठ दो ने भी विभिन्न बिल्डरों के 67 मामलों पर की सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) की दोनों पीठ ने मंगलवार को सुनवाई की और विभिन्न बिल्डरों के कुल 117 मामलों को सुना। पीठ वन ने उप्पल चड्डा डेवलपर्स प्रा. लि. के 50 मामलों को सुना। इसके बाद पीठ ने बिल्डर प्रतिनिधि से कहा कि जब 12 साल में कब्जा नहीं दे सके तो अब एक साल में कैसे कब्जा देंगे। इस पर बिल्डर से जवाब मांगा है।
पीठ वन की सदस्य कल्पना मिश्रा को उप्पल चड्डा डेवलपर्स प्रा. लि. के खरीदारों ने बताया कि बिल्डर ने वर्ष 2006 में प्रोजेक्ट शुरू किया था, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं दिया है। जबकि, काफी पैसा बिल्डर को दे चुके हैं। खरीदारों ने जमा धनराशि को ब्याज समेत वापस दिलाने की अपील की है। वहीं, बिल्डर के प्रतिनिधि ने रेरा पीठ को जानकारी दी कि एक साल के अंदर खरीदारों को कब्जा दे दिया जाएगा। इस पर पीठ ने कहा कि जब 12 साल में कब्जा नहीं दे सके तो फिर अब एक साल में कब्जा कैसे देंगे। इस पर बिल्डर से जवाब मांगा है। अगली तारीख पर जवाब आने के बाद पीठ फैसला लेगी।
इधर, पीठ दो के सदस्य बलविंदर कुमार और भानु प्रताप सिंह ने विभिन्न बिल्डरों के 67 मामलों पर सुनवाई की। इनमें अंसल प्रॉपर्टीज इंफ्रास्ट्रक्चर लि., जीएस सहकारी आवास समिति लि., लोट्स डेवलपर्स, एलआर इंफ्राहोम्स (इंडिया) प्रा.लि., शुभ एडवाइजर्स प्रा. लि., रमेश चंद्रा, संजय व अजय चंद्रा, एमआरजेवी कंस्ट्रक्शन कंपनी, मंजू जे होम्स इंडिया लि., मासकॉट होम्स प्रा. लि., मेरठ विकास प्राधिकरण, मिलन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स प्रा. लि., एमएमआर साहा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि., न्यू वे होम्स प्रा. लि., नेक्सजेन इंफ्राकॉन प्रा. लि., निराला हाउसिंग प्रा. लि. आदि बिल्डर प्रोजेक्ट शामिल थे। रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि ज्यादातर मामलों को पहली बार सुना गया है। खरीदारों का पक्ष सुनने के बाद बिल्डरों से जवाब मांगा गया है।
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सबहेड: सुनवाई में रेरा ने उप्पल चड्ढा डेवलपर्स के प्रतिनिधि से मांगा जवाब
पीठ दो ने भी विभिन्न बिल्डरों के 67 मामलों पर की सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) की दोनों पीठ ने मंगलवार को सुनवाई की और विभिन्न बिल्डरों के कुल 117 मामलों को सुना। पीठ वन ने उप्पल चड्डा डेवलपर्स प्रा. लि. के 50 मामलों को सुना। इसके बाद पीठ ने बिल्डर प्रतिनिधि से कहा कि जब 12 साल में कब्जा नहीं दे सके तो अब एक साल में कैसे कब्जा देंगे। इस पर बिल्डर से जवाब मांगा है।
पीठ वन की सदस्य कल्पना मिश्रा को उप्पल चड्डा डेवलपर्स प्रा. लि. के खरीदारों ने बताया कि बिल्डर ने वर्ष 2006 में प्रोजेक्ट शुरू किया था, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं दिया है। जबकि, काफी पैसा बिल्डर को दे चुके हैं। खरीदारों ने जमा धनराशि को ब्याज समेत वापस दिलाने की अपील की है। वहीं, बिल्डर के प्रतिनिधि ने रेरा पीठ को जानकारी दी कि एक साल के अंदर खरीदारों को कब्जा दे दिया जाएगा। इस पर पीठ ने कहा कि जब 12 साल में कब्जा नहीं दे सके तो फिर अब एक साल में कब्जा कैसे देंगे। इस पर बिल्डर से जवाब मांगा है। अगली तारीख पर जवाब आने के बाद पीठ फैसला लेगी।
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इधर, पीठ दो के सदस्य बलविंदर कुमार और भानु प्रताप सिंह ने विभिन्न बिल्डरों के 67 मामलों पर सुनवाई की। इनमें अंसल प्रॉपर्टीज इंफ्रास्ट्रक्चर लि., जीएस सहकारी आवास समिति लि., लोट्स डेवलपर्स, एलआर इंफ्राहोम्स (इंडिया) प्रा.लि., शुभ एडवाइजर्स प्रा. लि., रमेश चंद्रा, संजय व अजय चंद्रा, एमआरजेवी कंस्ट्रक्शन कंपनी, मंजू जे होम्स इंडिया लि., मासकॉट होम्स प्रा. लि., मेरठ विकास प्राधिकरण, मिलन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स प्रा. लि., एमएमआर साहा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि., न्यू वे होम्स प्रा. लि., नेक्सजेन इंफ्राकॉन प्रा. लि., निराला हाउसिंग प्रा. लि. आदि बिल्डर प्रोजेक्ट शामिल थे। रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार ने बताया कि ज्यादातर मामलों को पहली बार सुना गया है। खरीदारों का पक्ष सुनने के बाद बिल्डरों से जवाब मांगा गया है।
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