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ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक ------- ग्रेनो प्राधिकरण की सभी सेवाएं %बस एक क्लिक में’
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:49 PM IST
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ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक
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हेडिंग: ग्रेनो प्राधिकरण की सभी सेवाएं ‘बस एक क्लिक पर’
प्राधिकरण बोर्ड ने ईआरपी सिस्टम को दी मंजूरी
टेक महिंद्रा को जिम्मा, आठ से नौ माह लगेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) सिस्टम को भी बोर्ड ने मंजूरी दी है। इसे लागू करने का जिम्मा टेक महिंद्रा को दिया गया है। वह आठ से नौ माह में सिस्टम बना देगा। उसके बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पेपरलेस हो जाएगा। प्राधिकरण से जुड़े आवंटियों के हर काम ऑनलाइन होंगे। उन्हें प्राधिकरण दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा।
प्राधिकरण के चेयरमैन अनूपचंद्र पांडेय ने बताया कि ईआरपी सिस्टम के लिए टेक मंहिंद्रा का चयन टेंडर से किया गया है। इसे बनाने में करीब 63 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आठ से नौ माह में सिस्टम तैयार हो जाएगा। कंपनी के करीब 55 कर्मचारी इस सिस्टम को विकसित करेंगे। इस सिस्टम के लागू होने पर प्राधिकरण से जुड़ी हर सुविधा उसकी वेबसाइट पर होगी। हर आवंटी का यूनिक कोड होगा। उस पर उसके संपत्ति का पूरा ब्योरा होगा। इसके बाद अगर आवंटी को प्लॉट पर निर्माण के लिए नक्शा पास कराना है तो उसे ऑनलाइन आवेदन ही करना होगा। उसे ऑनलाइन ही नक्शा पास करके उसके ईमेल पर भेज दिया जाएगा। वह जब चाहे तब उसका प्रिंट ले सकेगा। इसी तरह अगर किसी को पानी का बिल जमा करना है तो संपत्ति की डिटेल के साथ पानी के बिन का ब्योरा भी अपडेट रहेगा। उसे वह ऑनलाइन भुगतान कर सकेगा। इससे आवंटी को बैंक जाकर चालान से बिल जमा करने की झंझट से छुटकारा मिल सकेगा। साथ ही, उसे चालान संभाल कर रखने की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी। फाइल बननी बंद हो जाएगी। सॉफ्ट कापी के रूप में फाइल सिर्फ कंप्यूटर पर होगी। इसके अलावा ईआरपी सिस्टम लागू होने के बाद अगर आवंटी प्राधिकरण से जुड़े किसी अप्रूवल के लिए आवेदन करता है तो बाबुओं और अधिकारियों को उसे तय समय में निपटाना होगा। अगर देरी करते हैं तो उन्हें इसका जवाब देना होगा। तय समय से अधिक रोकने पर लाल रंग का निशान बन जाएगा, जिससे सीनियर अफसरों को तुरंत पता चल जाएगा। इसकी सीईओ व एसीईओ स्तर पर भी निगरानी होगी।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें भी बोर्ड से मंजूर
ग्रेनो प्राधिकरण के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की संस्तुति दे दी गई है। हालांकि ये सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हैं। इस आशय का प्रस्ताव शासन की तरफ से बीते सितंबर में जारी किया गया था, जिसे प्राधिकरण बोर्ड ने भी स्वीकार कर लिया है। ब्यूरो
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हेडिंग: ग्रेनो प्राधिकरण की सभी सेवाएं ‘बस एक क्लिक पर’
प्राधिकरण बोर्ड ने ईआरपी सिस्टम को दी मंजूरी
टेक महिंद्रा को जिम्मा, आठ से नौ माह लगेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) सिस्टम को भी बोर्ड ने मंजूरी दी है। इसे लागू करने का जिम्मा टेक महिंद्रा को दिया गया है। वह आठ से नौ माह में सिस्टम बना देगा। उसके बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पेपरलेस हो जाएगा। प्राधिकरण से जुड़े आवंटियों के हर काम ऑनलाइन होंगे। उन्हें प्राधिकरण दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा।
प्राधिकरण के चेयरमैन अनूपचंद्र पांडेय ने बताया कि ईआरपी सिस्टम के लिए टेक मंहिंद्रा का चयन टेंडर से किया गया है। इसे बनाने में करीब 63 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आठ से नौ माह में सिस्टम तैयार हो जाएगा। कंपनी के करीब 55 कर्मचारी इस सिस्टम को विकसित करेंगे। इस सिस्टम के लागू होने पर प्राधिकरण से जुड़ी हर सुविधा उसकी वेबसाइट पर होगी। हर आवंटी का यूनिक कोड होगा। उस पर उसके संपत्ति का पूरा ब्योरा होगा। इसके बाद अगर आवंटी को प्लॉट पर निर्माण के लिए नक्शा पास कराना है तो उसे ऑनलाइन आवेदन ही करना होगा। उसे ऑनलाइन ही नक्शा पास करके उसके ईमेल पर भेज दिया जाएगा। वह जब चाहे तब उसका प्रिंट ले सकेगा। इसी तरह अगर किसी को पानी का बिल जमा करना है तो संपत्ति की डिटेल के साथ पानी के बिन का ब्योरा भी अपडेट रहेगा। उसे वह ऑनलाइन भुगतान कर सकेगा। इससे आवंटी को बैंक जाकर चालान से बिल जमा करने की झंझट से छुटकारा मिल सकेगा। साथ ही, उसे चालान संभाल कर रखने की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी। फाइल बननी बंद हो जाएगी। सॉफ्ट कापी के रूप में फाइल सिर्फ कंप्यूटर पर होगी। इसके अलावा ईआरपी सिस्टम लागू होने के बाद अगर आवंटी प्राधिकरण से जुड़े किसी अप्रूवल के लिए आवेदन करता है तो बाबुओं और अधिकारियों को उसे तय समय में निपटाना होगा। अगर देरी करते हैं तो उन्हें इसका जवाब देना होगा। तय समय से अधिक रोकने पर लाल रंग का निशान बन जाएगा, जिससे सीनियर अफसरों को तुरंत पता चल जाएगा। इसकी सीईओ व एसीईओ स्तर पर भी निगरानी होगी।
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सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें भी बोर्ड से मंजूर
ग्रेनो प्राधिकरण के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की संस्तुति दे दी गई है। हालांकि ये सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हैं। इस आशय का प्रस्ताव शासन की तरफ से बीते सितंबर में जारी किया गया था, जिसे प्राधिकरण बोर्ड ने भी स्वीकार कर लिया है। ब्यूरो
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