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हिंदू कॉलेज में कार्यवाहक प्रिंसिपल नियुक्ति मामला
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:48 PM IST
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कार्यवाहक प्रिंसिपल के कार्यकाल
के विस्तार को न दे मंजूरी
नई दिल्ली। प्रिंसिपल की नियुक्ति को कोर्ट में चुनौती देने वाले कॉलेज के शिक्षक डॉ. रतन लाल ने अब कुलपति को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कार्यवाहक प्रिंसिपल (डॉ. अंजू श्रीवास्तव) के कार्यकाल के विस्तार को मंजूरी नहीं दिए जाने को कहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने बीते सप्ताह दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में प्रिंसिपल की नियुक्ति की प्रक्रिया को रद कर दिया और साथ ही एक पारदर्शी प्रक्रिया व्यवस्था शुरू किए जाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रिंसिपल नियुक्त करने की पूरी प्रक्रिया में कोई पारदर्शिता नहीं थी, जिसको लेकर डॉ. रतन लाल ने कोर्ट में मामलेे को चुनौती दी थी। डॉ. रतन ने कुलपति को लिखा है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए और साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि जब तक जांच पूरी नहीं होती तब तक जो भी पक्ष इस मामले में शामिल हैं वह कार्यालय न आएं। डॉ. रतन ने कुलपति को लिखे पत्र में कहा है कि चूंकि विश्वविद्यालय इस मामले में एक पक्षकर्ता है, लिहाजा उसे इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। ब्यूरो
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के विस्तार को न दे मंजूरी
नई दिल्ली। प्रिंसिपल की नियुक्ति को कोर्ट में चुनौती देने वाले कॉलेज के शिक्षक डॉ. रतन लाल ने अब कुलपति को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कार्यवाहक प्रिंसिपल (डॉ. अंजू श्रीवास्तव) के कार्यकाल के विस्तार को मंजूरी नहीं दिए जाने को कहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने बीते सप्ताह दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में प्रिंसिपल की नियुक्ति की प्रक्रिया को रद कर दिया और साथ ही एक पारदर्शी प्रक्रिया व्यवस्था शुरू किए जाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रिंसिपल नियुक्त करने की पूरी प्रक्रिया में कोई पारदर्शिता नहीं थी, जिसको लेकर डॉ. रतन लाल ने कोर्ट में मामलेे को चुनौती दी थी। डॉ. रतन ने कुलपति को लिखा है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए और साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि जब तक जांच पूरी नहीं होती तब तक जो भी पक्ष इस मामले में शामिल हैं वह कार्यालय न आएं। डॉ. रतन ने कुलपति को लिखे पत्र में कहा है कि चूंकि विश्वविद्यालय इस मामले में एक पक्षकर्ता है, लिहाजा उसे इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। ब्यूरो