{"_id":"5c06c4c2bdec224173176702","slug":"154394750018-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों में नशे की लत से निगम परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों में नशे की लत से निगम परेशान
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूली बच्चों में नशे की लत से निगम परेशान
काउंसलर्स जुटे बच्चों की लत छुड़ाने में, करेंगे जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे नशे की गिरफ्त में इस कदर आ चुके हैं कि दक्षिणी निगम को उनकी इस लत को छुड़ाने के लिए काउंसलर्स की नियुक्ति की गई है। काउंसलर्स बच्चों को न केवल गुड और बैड टच की जानकारी देेंगे बल्कि उनकी शरारतों को ध्यान में रखते हुए सुधार के लिहाज से उन्हें जागरूक भी करेंगे। बच्चों में नशे की बढ़ती लत से बढ़ रही परेशानी को देखते हुए काउंसलर की नियुक्ति की गई है। काउंसलर्स उनसे बातचीत के दौरान घरेलू परिस्थितियों के मुताबिक जागरूक करेंगे। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त ने भी माना कि इन स्कूलों में कई बच्चे नशा सहित अन्य खराब लतों के शिकार हैं। इस वजह से न तो पढ़ाई कर पाते हैं और न ही उनकी सेहत ठीक रहती है। ऐसे में पढ़ाई के साथ-साथ उनकी अच्छी सेहत के लिए भी काउंसलर्स की मदद ली जाएगी। पढ़ाई की तरफ उनका ध्यान आकृष्ट करने के लिए झूले, पानी, स्मार्ट बोर्ड, स्मार्ट स्लेट और क्लास सहित अन्य सुविधाएं मुहैया की जा रही हैं।
बॉक्स
उम्र घटाने से 15 फीसदी अधिक छात्रों ने लिया दाखिला
पिछले साल निगम ने नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चों की उम्र चार की बजाय तीन वर्ष से अधिक कर दी थी। बताया जा रहा है कि दाखिले की उम्र घटाने पर करीब 15 फीसदी अधिक बच्चों ने स्कूलों में दाखिला लिया। वर्ष 2018-19 में 46 नर्सरी स्कूल खोलने सहित बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के लिहाज से लगातार पहल की जाती हैं।
विज्ञापन
काउंसलर्स जुटे बच्चों की लत छुड़ाने में, करेंगे जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे नशे की गिरफ्त में इस कदर आ चुके हैं कि दक्षिणी निगम को उनकी इस लत को छुड़ाने के लिए काउंसलर्स की नियुक्ति की गई है। काउंसलर्स बच्चों को न केवल गुड और बैड टच की जानकारी देेंगे बल्कि उनकी शरारतों को ध्यान में रखते हुए सुधार के लिहाज से उन्हें जागरूक भी करेंगे। बच्चों में नशे की बढ़ती लत से बढ़ रही परेशानी को देखते हुए काउंसलर की नियुक्ति की गई है। काउंसलर्स उनसे बातचीत के दौरान घरेलू परिस्थितियों के मुताबिक जागरूक करेंगे। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त ने भी माना कि इन स्कूलों में कई बच्चे नशा सहित अन्य खराब लतों के शिकार हैं। इस वजह से न तो पढ़ाई कर पाते हैं और न ही उनकी सेहत ठीक रहती है। ऐसे में पढ़ाई के साथ-साथ उनकी अच्छी सेहत के लिए भी काउंसलर्स की मदद ली जाएगी। पढ़ाई की तरफ उनका ध्यान आकृष्ट करने के लिए झूले, पानी, स्मार्ट बोर्ड, स्मार्ट स्लेट और क्लास सहित अन्य सुविधाएं मुहैया की जा रही हैं।
बॉक्स
उम्र घटाने से 15 फीसदी अधिक छात्रों ने लिया दाखिला
पिछले साल निगम ने नर्सरी में दाखिले के लिए बच्चों की उम्र चार की बजाय तीन वर्ष से अधिक कर दी थी। बताया जा रहा है कि दाखिले की उम्र घटाने पर करीब 15 फीसदी अधिक बच्चों ने स्कूलों में दाखिला लिया। वर्ष 2018-19 में 46 नर्सरी स्कूल खोलने सहित बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के लिहाज से लगातार पहल की जाती हैं।
विज्ञापन