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चांदनी चौक सौदर्यकरण पर बंटा व्यापारी वर्ग
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:39 PM IST
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चांदनी चौक सौंदर्यकरण
पर बंटा व्यापारी वर्ग
- ज्यादातर व्यापारी नो व्हीकल जोन पर उठा रहे हैं आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। चांदनी चौक सौंदर्यकरण पर कारोबारी संगठन आपस में ही बंटे दिखाई दे रहे हैं। इस योजना का विरोध करने वाले सौंदर्यकरण के तो पक्ष में हैं, लेकिन नो व्हीकल जोन को लेकर विरोध जता रहे हैं। वहीं कुछ व्यापारी इस पूरी योजना को बेहतर बता रहे हैं। कई व्यापारी वर्ग इसकी कार्य योजना पर सवाल खड़े कर रहे हैं। दरअसल, दिल्ली का व्यापारी वर्ग भी किसी ना किसी राजनीतिक पार्टियों से जुड़ा है, लिहाजा वे अपनी पार्टी के एजेंडे पर ही इस योजना पर अपनी राय रख रहे हैं।
मंगलवार को चांदनी चौक व्यापारिक संगठनों ने इस मुद्दे पर मैराथन बैठक की। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब संगठन के नेताओं ने शाहजहानाबाद बोर्ड द्वारा लागू की जा रही इस योजना को अव्यवहारिक बताया। उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से इस योजना को स्थगित करने की भी अपील की है। इसके विरोध में व्यापारियों ने धरना प्रदर्शन का भी ऐलान किया है। देहली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के सभागार में आयोजित पत्रकारवार्ता में एसोसिएशन उपाध्यक्ष भगवान बंसल, महामंत्री मुकेश सचदेवा, चांदनी चौक नागरिक मंच के सचिव प्रवीण शंकर कपूर, साइकिल मार्केट व्यापारियों के प्रतिनिधि राजीव बत्रा समेत अन्य व्यापारियों ने बताया कि क्षेत्र के करीब 60 नागरिक और व्यापारिक संगठनों की बैठक में दिल्ली सरकार द्वारा प्रस्तावित इस योजना को अव्यवहारिक करार दिया गया है।
अधिकारी चांदनी चौक को एक टूरिज्म केंद्र मानकर योजनाएं बनाते हैं, जबकि चांदनी चौक व्यापार का केंद्र है। हम सभी सौंदर्यीकरण चाहते हैं, पर ऐसा नहीं जो रिहायशी इलाकों के बच्चों, बुजुर्गों का जीवन कठिन कर दे। नो वाहन वाली सौंदर्यीकरण योजना का हम विरोध करते हैं। लगभग 70 स्कूलों की बसें एवं वैन स्कूली बच्चों को इस इलाके से स्कूल पहुंचाती हैं। बुजुर्गों को आना-जाना होता है। वाणिज्यिक वाहन भी प्रवेश करते हैं। द बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने कहा कि इस योजना का हम समर्थन करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार का ख्याल रखकर सरकार रोड मैप तैयार करे। सरकार के समर्थक व्यापारी इस योजना को बेहतर कदम बता रहे हैं। उनका कहना है कि आखिर सरकार को ऐतिहासिक बाजार की सुध तो आई। फेडरेशन ऑफ ट्रेडर्स एसोसिएशन दिल्ली के अध्यक्ष अजय अरोड़ा का कहना है कि योजना तो बेहतर है, लेकिन इसे लागू करने के तरीके पर आपत्ति है।
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पार्किंग की व्यवस्था करे सरकार
व्यापारी नेताओं ने कहा कि इस इलाके में 25 हजार छोटे-बड़े वाहनों की पार्किंग की आवश्यकता है। सरकार व निगम इस पर ध्यान नहीं देती। लाल किला मैदान में पार्किंग का आश्वासन दिया गया, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। हम भीड़भाड़ कम करना चाहते हैं। प्रदूषण भी कम करना चाहते हैं, सौंदर्यीकरण के भी पक्ष में हैं। इसके लिए आवश्यक है जीरो पार्किंग जोन घोषित किया जाना। रिक्शा को सीमित किया जाए, ऑटो रिक्शा सीमित हो, वाणिज्यिक वाहनों को पार्किंग की सुविधा मिले। योजना प्रभावी हो तो हम सहयोग देने को तैयार हैं।
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पर बंटा व्यापारी वर्ग
- ज्यादातर व्यापारी नो व्हीकल जोन पर उठा रहे हैं आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। चांदनी चौक सौंदर्यकरण पर कारोबारी संगठन आपस में ही बंटे दिखाई दे रहे हैं। इस योजना का विरोध करने वाले सौंदर्यकरण के तो पक्ष में हैं, लेकिन नो व्हीकल जोन को लेकर विरोध जता रहे हैं। वहीं कुछ व्यापारी इस पूरी योजना को बेहतर बता रहे हैं। कई व्यापारी वर्ग इसकी कार्य योजना पर सवाल खड़े कर रहे हैं। दरअसल, दिल्ली का व्यापारी वर्ग भी किसी ना किसी राजनीतिक पार्टियों से जुड़ा है, लिहाजा वे अपनी पार्टी के एजेंडे पर ही इस योजना पर अपनी राय रख रहे हैं।
मंगलवार को चांदनी चौक व्यापारिक संगठनों ने इस मुद्दे पर मैराथन बैठक की। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब संगठन के नेताओं ने शाहजहानाबाद बोर्ड द्वारा लागू की जा रही इस योजना को अव्यवहारिक बताया। उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से इस योजना को स्थगित करने की भी अपील की है। इसके विरोध में व्यापारियों ने धरना प्रदर्शन का भी ऐलान किया है। देहली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के सभागार में आयोजित पत्रकारवार्ता में एसोसिएशन उपाध्यक्ष भगवान बंसल, महामंत्री मुकेश सचदेवा, चांदनी चौक नागरिक मंच के सचिव प्रवीण शंकर कपूर, साइकिल मार्केट व्यापारियों के प्रतिनिधि राजीव बत्रा समेत अन्य व्यापारियों ने बताया कि क्षेत्र के करीब 60 नागरिक और व्यापारिक संगठनों की बैठक में दिल्ली सरकार द्वारा प्रस्तावित इस योजना को अव्यवहारिक करार दिया गया है।
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अधिकारी चांदनी चौक को एक टूरिज्म केंद्र मानकर योजनाएं बनाते हैं, जबकि चांदनी चौक व्यापार का केंद्र है। हम सभी सौंदर्यीकरण चाहते हैं, पर ऐसा नहीं जो रिहायशी इलाकों के बच्चों, बुजुर्गों का जीवन कठिन कर दे। नो वाहन वाली सौंदर्यीकरण योजना का हम विरोध करते हैं। लगभग 70 स्कूलों की बसें एवं वैन स्कूली बच्चों को इस इलाके से स्कूल पहुंचाती हैं। बुजुर्गों को आना-जाना होता है। वाणिज्यिक वाहन भी प्रवेश करते हैं। द बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने कहा कि इस योजना का हम समर्थन करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार का ख्याल रखकर सरकार रोड मैप तैयार करे। सरकार के समर्थक व्यापारी इस योजना को बेहतर कदम बता रहे हैं। उनका कहना है कि आखिर सरकार को ऐतिहासिक बाजार की सुध तो आई। फेडरेशन ऑफ ट्रेडर्स एसोसिएशन दिल्ली के अध्यक्ष अजय अरोड़ा का कहना है कि योजना तो बेहतर है, लेकिन इसे लागू करने के तरीके पर आपत्ति है।
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पार्किंग की व्यवस्था करे सरकार
व्यापारी नेताओं ने कहा कि इस इलाके में 25 हजार छोटे-बड़े वाहनों की पार्किंग की आवश्यकता है। सरकार व निगम इस पर ध्यान नहीं देती। लाल किला मैदान में पार्किंग का आश्वासन दिया गया, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। हम भीड़भाड़ कम करना चाहते हैं। प्रदूषण भी कम करना चाहते हैं, सौंदर्यीकरण के भी पक्ष में हैं। इसके लिए आवश्यक है जीरो पार्किंग जोन घोषित किया जाना। रिक्शा को सीमित किया जाए, ऑटो रिक्शा सीमित हो, वाणिज्यिक वाहनों को पार्किंग की सुविधा मिले। योजना प्रभावी हो तो हम सहयोग देने को तैयार हैं।