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भाजपा का दिल्ली सरकार पर हमला, स्वास्थ्य सेवा पर उठाया सवाल
Updated Sun, 02 Dec 2018 06:55 AM IST
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सरकार की लापरवाही से चल रही अवैध जांच प्रयोगशालाएं
भाजपा ने दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाया सवाल
क्लीनिकल एस्टेबलिस्टमेंट एक्ट 2010 लागू करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने स्वास्थ्य सेवा की बदहाली पर सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार की लापरवाही से दिल्ली में अवैध जांच प्रयोगशालाएं चल रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को तत्काल प्रभाव से क्लीनिकल एस्टेबलिस्टमेंट एक्ट 2010 लागू करना चाहिए।
दरअसल, उच्च न्यायालय ने दिल्ली में चल रही अवैध जांच प्रयोगशालाओं के बारे में सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। इस पर तिवारी का कहना है कि सरकार की लापरवाही से जांच प्रयोगशालाओं के रजिस्ट्रीकरण और विनियमन के लिए कोई कानून नहीं बन सका है। जबकि दूसरे कई राज्यों ने केंद्र के क्लीनिकल एस्टैबलिस्टमेंट लागू कर दिया है। तिवारी ने उपराज्यपाल से अपील की है कि वह खुद इस मसले में संज्ञान लें। उन्होंने बताया कि इस कानून से निजी क्षेत्र में चलाई जा रही प्रयोगशालाओं पर नियंत्रण रखा जा सकता है। लेकिन, दिल्ली में लागू न होने से ज्यादातर प्रयोगशालाएं इन मानकों को पूरा नहीं करती हैं। तिवारी ने आरोप लगाया कि मोहल्ला क्लीनिकों के प्रचार के नाम पर करदाताओं के करोड़ों रुपये बहाए जा रहे हैं। वहीं, दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत दिल्ली में लागू नहीं की है। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि प्रदेश भाजपा दिल्लीवालों की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी।
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भाजपा ने दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाया सवाल
क्लीनिकल एस्टेबलिस्टमेंट एक्ट 2010 लागू करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने स्वास्थ्य सेवा की बदहाली पर सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार की लापरवाही से दिल्ली में अवैध जांच प्रयोगशालाएं चल रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को तत्काल प्रभाव से क्लीनिकल एस्टेबलिस्टमेंट एक्ट 2010 लागू करना चाहिए।
दरअसल, उच्च न्यायालय ने दिल्ली में चल रही अवैध जांच प्रयोगशालाओं के बारे में सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। इस पर तिवारी का कहना है कि सरकार की लापरवाही से जांच प्रयोगशालाओं के रजिस्ट्रीकरण और विनियमन के लिए कोई कानून नहीं बन सका है। जबकि दूसरे कई राज्यों ने केंद्र के क्लीनिकल एस्टैबलिस्टमेंट लागू कर दिया है। तिवारी ने उपराज्यपाल से अपील की है कि वह खुद इस मसले में संज्ञान लें। उन्होंने बताया कि इस कानून से निजी क्षेत्र में चलाई जा रही प्रयोगशालाओं पर नियंत्रण रखा जा सकता है। लेकिन, दिल्ली में लागू न होने से ज्यादातर प्रयोगशालाएं इन मानकों को पूरा नहीं करती हैं। तिवारी ने आरोप लगाया कि मोहल्ला क्लीनिकों के प्रचार के नाम पर करदाताओं के करोड़ों रुपये बहाए जा रहे हैं। वहीं, दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत दिल्ली में लागू नहीं की है। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि प्रदेश भाजपा दिल्लीवालों की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी।
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