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सतेंद्र जैन समेत पांच दंगा मामले में कोर्ट से बरी
Updated Wed, 28 Nov 2018 07:04 AM IST
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सतेंद्र जैन समेत पांच दंगा मामले में कोर्ट से बरी
पुलिस ने दर्ज किया था सरकारी काम में बाधा व दंगे का केस
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन को दंगा करने के आरोपों से मंगलवार को बरी कर दिया। मामला दिल्ली विधानसभा चुनाव 2013 से पहले पश्चिम विहार इलाके में सरकारी काम में बाधा व दंगा करने के आरोपों से जुड़ा है।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी समर विशाल ने सतेंद्र जैन व चार आप स्वयंसेवकों को आरोपों से बरी करते हुए इस बात पर गौर किया कि अभियोजन सतेंद्र जैन की पहचान ही कर पाया।
दिल्ली पुलिस ने जैन को सरकारी काम में बाधा, सरकारी कर्मचारी से मारपीट व दंगा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह प्रदर्शन दुष्कर्म के एक मामले के विरोध में किया गया था।
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अदालत ने अपने फैसले में इस बात पर गौर किया कि किसी भी सरकारी कर्मचारी ने यह नहीं कहा कि जैन व अन्य आरोपियों ने उन्हें अपनी ड्यूटी करने से रोका या उनके काम में किसी भी तरह बाधा डाली।
दिल्ली पुलिस ने जैन व अन्य आरोपियों के खिलाफ दंगा, सरकारी काम में बाधा व सरकारी कर्मचारी से ड्यूटी के दौरान मारपीट का मुकदमा दर्ज किया था।
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पुलिस ने दर्ज किया था सरकारी काम में बाधा व दंगे का केस
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन को दंगा करने के आरोपों से मंगलवार को बरी कर दिया। मामला दिल्ली विधानसभा चुनाव 2013 से पहले पश्चिम विहार इलाके में सरकारी काम में बाधा व दंगा करने के आरोपों से जुड़ा है।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी समर विशाल ने सतेंद्र जैन व चार आप स्वयंसेवकों को आरोपों से बरी करते हुए इस बात पर गौर किया कि अभियोजन सतेंद्र जैन की पहचान ही कर पाया।
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दिल्ली पुलिस ने जैन को सरकारी काम में बाधा, सरकारी कर्मचारी से मारपीट व दंगा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह प्रदर्शन दुष्कर्म के एक मामले के विरोध में किया गया था।
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अदालत ने अपने फैसले में इस बात पर गौर किया कि किसी भी सरकारी कर्मचारी ने यह नहीं कहा कि जैन व अन्य आरोपियों ने उन्हें अपनी ड्यूटी करने से रोका या उनके काम में किसी भी तरह बाधा डाली।
दिल्ली पुलिस ने जैन व अन्य आरोपियों के खिलाफ दंगा, सरकारी काम में बाधा व सरकारी कर्मचारी से ड्यूटी के दौरान मारपीट का मुकदमा दर्ज किया था।