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ननकाना साहिब गुरुद्वारे को सिखों के छटे तख्त बनाने की मांग को लेकर विवाद
Updated Sun, 25 Nov 2018 05:27 AM IST
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ननकाना साहिब गुरुद्वारे को सिखों के छठे तख्त बनाने की मांग को लेकर विवाद
- दिल्ली अकाली दल ने प्रस्ताव पास करवाया
- गुरुद्वारा कमेटी ने कडी निंदा की, कहा सिख समुदाय को पाकिस्तान के इशारे पर बांटने की साजिश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पाकिस्तान स्थित गुरु नानक देव के जन्म स्थान ननकाना साहिब गुरुद्वारे को सिखों के छठे तख्त बनाने की मांग को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के प्रधान परमजीत सिंह सरना ने इस संबंध में ननकाना साहिब में प्रस्ताव पास कर इसे छठे तख्त के रूप में मान्यता देने की मांग की है। वहीं, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस प्रस्ताव को सिख समुदाय को बांटने की साजिश करार दिया है। साथ ही कमेटी ने इस प्रस्ताव को पाकिस्तान के इशारे पर उठाया गया कदम बताया है।
परमजीत सिंह ने गुरु पर्व पर पाकिस्तान में ननकाना साहिब में इस संबंध में प्रस्ताव पास करवाया है। पार्टी के महासचिव हरविंद्र सिंह सरना ने कहा कि सिख कौम की बुनियाद ही ननकाना साहिब में पड़ी है। वहां समागम में विदेशों से आए सिख समुदाय के लोगों के अलावा कमेटी ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। अब पाकिस्तान भी करतारपुर गलियारे के निर्माण को लेकर तैयार हो गया है। ऐसे में ननकाना साहिब को सिखों के छठे तख्त का दर्जा दिया जाना चाहिए।
अकाली दल के इस प्रस्ताव पर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान मनजीत सिंह जीके व महासचिव मनजिंद्र सिंह सिरसा ने कड़ी प्रक्रिया दी है। जीके ने कहा यह सब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे में पर हो रहा है। जब हम पाकिस्तान गए थे हमसे भी यह चर्चा की गई थी लेकिन सिख समुदाय के नियम हमने नहीं गुरु जी ने तय किए है। सिख धर्म में पांच तख्तों का प्रावधान है और उसके अलावा कोई मांग मान्य नहीं है। यदि ऐसा होने लगा तो कुछ लोग शीशगंज साहिब को भी तख्त की मांग करेंगे।
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वहीं, मनजिंद्र सिंह सिरसा ने कहा सरना ने कौम को दुविधा में डाल दिया। कभी वे दो शहीदी दिवस मनाते है तो कभी दो गुरुपर्व। सिख धर्म में पांच तख्तों का प्रावधान व मान्यता है। सरना ने यह प्रस्ताव पास करवाने के पहले क्या किसी सिख बुद्धिजीवी वर्ग, तख्तों के जत्थेदार व अन्य से चर्चा की गई। सरना ने सिख धर्म की मर्यादा की धज्जियां उड़ाई है कौम इसे स्वीकार नहीं करेगी।
वर्तमान में पांच तख्त साहिब--
अकाल तख्त साहिब, हजूर साहिब, पटना साहिब, तख्त दमदमा साहिब व तख्त केश गढ़ साहिब।
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- दिल्ली अकाली दल ने प्रस्ताव पास करवाया
- गुरुद्वारा कमेटी ने कडी निंदा की, कहा सिख समुदाय को पाकिस्तान के इशारे पर बांटने की साजिश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पाकिस्तान स्थित गुरु नानक देव के जन्म स्थान ननकाना साहिब गुरुद्वारे को सिखों के छठे तख्त बनाने की मांग को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के प्रधान परमजीत सिंह सरना ने इस संबंध में ननकाना साहिब में प्रस्ताव पास कर इसे छठे तख्त के रूप में मान्यता देने की मांग की है। वहीं, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस प्रस्ताव को सिख समुदाय को बांटने की साजिश करार दिया है। साथ ही कमेटी ने इस प्रस्ताव को पाकिस्तान के इशारे पर उठाया गया कदम बताया है।
परमजीत सिंह ने गुरु पर्व पर पाकिस्तान में ननकाना साहिब में इस संबंध में प्रस्ताव पास करवाया है। पार्टी के महासचिव हरविंद्र सिंह सरना ने कहा कि सिख कौम की बुनियाद ही ननकाना साहिब में पड़ी है। वहां समागम में विदेशों से आए सिख समुदाय के लोगों के अलावा कमेटी ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। अब पाकिस्तान भी करतारपुर गलियारे के निर्माण को लेकर तैयार हो गया है। ऐसे में ननकाना साहिब को सिखों के छठे तख्त का दर्जा दिया जाना चाहिए।
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अकाली दल के इस प्रस्ताव पर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान मनजीत सिंह जीके व महासचिव मनजिंद्र सिंह सिरसा ने कड़ी प्रक्रिया दी है। जीके ने कहा यह सब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे में पर हो रहा है। जब हम पाकिस्तान गए थे हमसे भी यह चर्चा की गई थी लेकिन सिख समुदाय के नियम हमने नहीं गुरु जी ने तय किए है। सिख धर्म में पांच तख्तों का प्रावधान है और उसके अलावा कोई मांग मान्य नहीं है। यदि ऐसा होने लगा तो कुछ लोग शीशगंज साहिब को भी तख्त की मांग करेंगे।
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वहीं, मनजिंद्र सिंह सिरसा ने कहा सरना ने कौम को दुविधा में डाल दिया। कभी वे दो शहीदी दिवस मनाते है तो कभी दो गुरुपर्व। सिख धर्म में पांच तख्तों का प्रावधान व मान्यता है। सरना ने यह प्रस्ताव पास करवाने के पहले क्या किसी सिख बुद्धिजीवी वर्ग, तख्तों के जत्थेदार व अन्य से चर्चा की गई। सरना ने सिख धर्म की मर्यादा की धज्जियां उड़ाई है कौम इसे स्वीकार नहीं करेगी।
वर्तमान में पांच तख्त साहिब--
अकाल तख्त साहिब, हजूर साहिब, पटना साहिब, तख्त दमदमा साहिब व तख्त केश गढ़ साहिब।