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कोमबती से फ्लैट में लगी आग, बाल-बाल बचे चार छात्र
Updated Fri, 23 Nov 2018 06:23 AM IST
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मोमबत्ती से फ्लैट में लगी आग, बाल-बाल बचे दो छात्र
- बुधवार रात सेक्टर चाई-5 स्थित प्रो व्यू टेक्नोसिटी सोसायटी में हुआ हादसा
- दो दिन पहले किराये पर रहने आए थे, हादसे के बाद दोनों छात्रों को सोसायटी ने निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर चाई-5 स्थित प्रो व्यू टेक्नोसिटी सोसायटी के एक फ्लैट में बुधवार देर रात आग लग गई। सोसायटी के फायर सिस्टम ने काम नहीं करने पर पड़ोसियों ने बालकनी का दरवाजा तोड़कर दो छात्रों को बाहर निकाला। साथ ही मिलकर आग पर काबू पा लिया। इस बीच दमकल व पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग बुझ चुकी थी। एफएसओ के मुताबिक मोमबत्ती से फ्लैट में आग लगी थी। फ्लैट में दो दिन पहले ही दोनों छात्र रहने आए थे। दोनों अपार्टमेंट आनर्स एसोसिएशन (एओए) को जानकारी दिए बगैर वहां रह रहे थे। हादसे के बाद एओए ने दोनों छात्रों को सोसायटी से निकाल दिया है।
प्रो व्यू टेक्रोसिटी सोसायटी के फ्लैट नंबर 402 में छात्र धीरेंद्र और आरएन प्रताप रहते हैं। दोनों गलगोटिया विश्वविद्यालय से बीफार्मा की पढ़ाई कर रहे हैं। सोसायटी एओए के अध्यक्ष आजाद सिंह भड़ाना ने बताया कि दोनों छात्रों ने एओए को जानकारी नहीं दी। उनका पुलिस सत्यापन भी नहीं हुआ। इसी कारण उनके फ्लैट की बिजली चालू नहीं की गई। दो रातों से छात्र मोमबत्ती जलाकर काम चला रहे थे।
काम नहीं कर रहा है सोसायटी का फायर सिस्टम
एओए के अध्यक्ष ने बताया कि सोसायटी का फायर सिस्टम काम नहीं कर रहा है। इस संबंध में एसएसपी, जिलाधिकारी, प्राधिकरण के सीईओ से शिकायत की जा चुकी है। सितंबर, 2017 में बिल्डर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इस साल जून में प्राधिकरण ने अफसरों ने सोसायटी का दौरा किया और यहां सुरक्षा संबंधी इंतजाम को पूरा करने का आदेश भी दिया था, लेकिन बिल्डर ने कुछ नहीं किया। उन्होंने बताया कि जुलाई, 2018 में रेरा भी एक मामले में बिल्डर पर 60 लाख रुपये का जुर्माना लगा चुकी है।
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कोट
बुधवार रात 2 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग पर काबू पा लिया गया था। मोमबत्ती के कारण आग लगी थी। सोसायटी का फायर सिस्टम भी काम नहीं कर रहा था।- ज्ञान प्रकाश शर्मा, एफएसओ, दमकल विभाग ।
26 हजार लेकर ब्रोकर ने दिलवाया था फ्लैट
धीरेंद्र ने बताया कि वह अपने दोस्त आरएन प्रताप के साथ दो दिन पहले ही फ्लैट में रहने गया था। सेक्टर अल्फा-1 के ब्रोकर ने 26 हजार रुपये लेकर किराये पर फ्लैट दिलाया था। फ्लैट का किराया 8 हजार रुपये प्रतिमाह था। फ्लैट में रहने के दौरान पता चला कि एओए के पास जाकर सोसायटी की सभी प्रक्रिया को पूरा करना होगा। इसकी कारण फ्लैट में लाइट नहीं थी। छात्रों के मुताबिक अब ब्रोकर ब्रोकर फोन नहीं उठा रहा है।
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- बुधवार रात सेक्टर चाई-5 स्थित प्रो व्यू टेक्नोसिटी सोसायटी में हुआ हादसा
- दो दिन पहले किराये पर रहने आए थे, हादसे के बाद दोनों छात्रों को सोसायटी ने निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर चाई-5 स्थित प्रो व्यू टेक्नोसिटी सोसायटी के एक फ्लैट में बुधवार देर रात आग लग गई। सोसायटी के फायर सिस्टम ने काम नहीं करने पर पड़ोसियों ने बालकनी का दरवाजा तोड़कर दो छात्रों को बाहर निकाला। साथ ही मिलकर आग पर काबू पा लिया। इस बीच दमकल व पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग बुझ चुकी थी। एफएसओ के मुताबिक मोमबत्ती से फ्लैट में आग लगी थी। फ्लैट में दो दिन पहले ही दोनों छात्र रहने आए थे। दोनों अपार्टमेंट आनर्स एसोसिएशन (एओए) को जानकारी दिए बगैर वहां रह रहे थे। हादसे के बाद एओए ने दोनों छात्रों को सोसायटी से निकाल दिया है।
प्रो व्यू टेक्रोसिटी सोसायटी के फ्लैट नंबर 402 में छात्र धीरेंद्र और आरएन प्रताप रहते हैं। दोनों गलगोटिया विश्वविद्यालय से बीफार्मा की पढ़ाई कर रहे हैं। सोसायटी एओए के अध्यक्ष आजाद सिंह भड़ाना ने बताया कि दोनों छात्रों ने एओए को जानकारी नहीं दी। उनका पुलिस सत्यापन भी नहीं हुआ। इसी कारण उनके फ्लैट की बिजली चालू नहीं की गई। दो रातों से छात्र मोमबत्ती जलाकर काम चला रहे थे।
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काम नहीं कर रहा है सोसायटी का फायर सिस्टम
एओए के अध्यक्ष ने बताया कि सोसायटी का फायर सिस्टम काम नहीं कर रहा है। इस संबंध में एसएसपी, जिलाधिकारी, प्राधिकरण के सीईओ से शिकायत की जा चुकी है। सितंबर, 2017 में बिल्डर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इस साल जून में प्राधिकरण ने अफसरों ने सोसायटी का दौरा किया और यहां सुरक्षा संबंधी इंतजाम को पूरा करने का आदेश भी दिया था, लेकिन बिल्डर ने कुछ नहीं किया। उन्होंने बताया कि जुलाई, 2018 में रेरा भी एक मामले में बिल्डर पर 60 लाख रुपये का जुर्माना लगा चुकी है।
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बुधवार रात 2 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग पर काबू पा लिया गया था। मोमबत्ती के कारण आग लगी थी। सोसायटी का फायर सिस्टम भी काम नहीं कर रहा था।- ज्ञान प्रकाश शर्मा, एफएसओ, दमकल विभाग ।
26 हजार लेकर ब्रोकर ने दिलवाया था फ्लैट
धीरेंद्र ने बताया कि वह अपने दोस्त आरएन प्रताप के साथ दो दिन पहले ही फ्लैट में रहने गया था। सेक्टर अल्फा-1 के ब्रोकर ने 26 हजार रुपये लेकर किराये पर फ्लैट दिलाया था। फ्लैट का किराया 8 हजार रुपये प्रतिमाह था। फ्लैट में रहने के दौरान पता चला कि एओए के पास जाकर सोसायटी की सभी प्रक्रिया को पूरा करना होगा। इसकी कारण फ्लैट में लाइट नहीं थी। छात्रों के मुताबिक अब ब्रोकर ब्रोकर फोन नहीं उठा रहा है।