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आधार डाटा लीक मामले की सुनवाई टली, अगली सुनवाई 14 जनवरी 2014 को
Updated Tue, 20 Nov 2018 06:44 AM IST
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डाटा लीक : यूआईडीएआई को मिला चार सप्ताह का समय
अब 14 फरवरी को दाखिल करना होगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आधार डाटा लीक मामले में जवाब दाखिल करने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को चार सप्ताह का समय और दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 14 फरवरी 2019 को होगी।
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एस रविन्द्र भट्ट और प्रतीक जालन की पीठ ने के समक्ष प्राधिकरण ने पीठ के समक्ष डाटा लीक मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की थी। इसके बाद पीठ ने सुनवाई का समय बढ़ा दिया।
केरल के एक वकील शमनाद बशीर की याचिका पर बीते 21 अगस्त को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए यूआईडीएआई और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। पीठ ने केंद्र और यूआईडीएआर्ई को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
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याचिका में वकील ने कहा कि पीठ केंद्र सरकार को दिशानिर्देश जारी करे कि वो लोगों को या तो आधार से बाहर निकलने का विकल्प दें या यूआईडीएआई के सभी डाटा नष्ट करने का आदेश दें। याचिका में कहा गया है कि आधार के डाटा लीक होने से लोगों की व्यक्तिगत सूचनाएं बाहर गई हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक मीडिया संस्थान द्वारा महज 50 रुपये में आधार का डाटा लीक करवाया गया। डाटा लीक के पीछे यूआईडीएआई की लापरवाही है। याचिका में आधार के डाटा लीक होने की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की गई है।
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अब 14 फरवरी को दाखिल करना होगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आधार डाटा लीक मामले में जवाब दाखिल करने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को चार सप्ताह का समय और दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 14 फरवरी 2019 को होगी।
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एस रविन्द्र भट्ट और प्रतीक जालन की पीठ ने के समक्ष प्राधिकरण ने पीठ के समक्ष डाटा लीक मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की थी। इसके बाद पीठ ने सुनवाई का समय बढ़ा दिया।
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केरल के एक वकील शमनाद बशीर की याचिका पर बीते 21 अगस्त को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए यूआईडीएआई और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। पीठ ने केंद्र और यूआईडीएआर्ई को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
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याचिका में वकील ने कहा कि पीठ केंद्र सरकार को दिशानिर्देश जारी करे कि वो लोगों को या तो आधार से बाहर निकलने का विकल्प दें या यूआईडीएआई के सभी डाटा नष्ट करने का आदेश दें। याचिका में कहा गया है कि आधार के डाटा लीक होने से लोगों की व्यक्तिगत सूचनाएं बाहर गई हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक मीडिया संस्थान द्वारा महज 50 रुपये में आधार का डाटा लीक करवाया गया। डाटा लीक के पीछे यूआईडीएआई की लापरवाही है। याचिका में आधार के डाटा लीक होने की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की गई है।