{"_id":"5bef0a9cbdec2269c10fa01b","slug":"154239252720-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सफदरजंग अस्पताल ने मनाया प्रथम प्राकृतिक चिकित्सा दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सफदरजंग अस्पताल ने मनाया प्रथम प्राकृतिक चिकित्सा दिवस
Updated Fri, 16 Nov 2018 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सफदरजंग अस्पताल में
प्राकृतिक चिकित्सा दिवस
नई दिल्ली। देश में पहली बार 18 नवंबर को प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाया जाएगा। आयुष मंत्रालय ने इसकी घोषणा की है। इससे पूर्व ही शुक्रवार को केंद्र सरकार के सफदरजंग अस्पताल में यह दिवस मनाया गया। अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केटी भौमिक ने इसकी शुरुआत की। योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा ओपीडी ने जनजागरूकता अभियान चलाया। विशिष्ट अतिथि डॉ. विक्रम भंडारी ने कहा कि बदली जीवनशैली का सबसे बड़ा बुरा असर स्वास्थ्य पर पड़ा है। इस शैली में बदलाव से ही बीमारियों पर नियंत्रण रखा जा सकता है। डॉ. सुजाता जॉर्ज ने प्राकृतिक चिकित्सा की संकल्पना एवं महत्व बताया। इस दौरान क्विज भी आयोजित हुई।
विज्ञापन
प्राकृतिक चिकित्सा दिवस
नई दिल्ली। देश में पहली बार 18 नवंबर को प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाया जाएगा। आयुष मंत्रालय ने इसकी घोषणा की है। इससे पूर्व ही शुक्रवार को केंद्र सरकार के सफदरजंग अस्पताल में यह दिवस मनाया गया। अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केटी भौमिक ने इसकी शुरुआत की। योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा ओपीडी ने जनजागरूकता अभियान चलाया। विशिष्ट अतिथि डॉ. विक्रम भंडारी ने कहा कि बदली जीवनशैली का सबसे बड़ा बुरा असर स्वास्थ्य पर पड़ा है। इस शैली में बदलाव से ही बीमारियों पर नियंत्रण रखा जा सकता है। डॉ. सुजाता जॉर्ज ने प्राकृतिक चिकित्सा की संकल्पना एवं महत्व बताया। इस दौरान क्विज भी आयोजित हुई।