{"_id":"5be771bdbdec22695c1f65a8","slug":"154189454210-grnoida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवजात को चोट आने पर परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवजात को चोट आने पर परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
Updated Sun, 11 Nov 2018 05:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवजात को चोट आने
पर अस्पताल में हंगामा
- परिजनों का आरोप, एक नवंबर को प्रसव के दौरान नीचे गिर गया था शिशु
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। एक व्यक्ति ने प्रसव के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर सेक्टर स्वर्ण नगरी के निजी अस्पताल में शनिवार की शाम परिजनों के साथ जमकर हंगामा किया। सूचना पर कासना कोतवाली पुलिस पहुंची और परिजनों का शांत कराया।
ककोड़ निवासी रविंद्र शर्मा ने बताया कि एक नवंबर की दोपहर उनकी पत्नी लक्ष्मी ने स्वर्ण नगरी के निजी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। करीब डेढ़ घंटे बाद अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को डेल्टा वन के एक अस्पताल में रेफर कर दिया और उन्हें बच्चा दिखाया भी नहीं। वहां आराम नहीं लगने पर बच्चे को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पता चला कि बच्चे के सिर में चोट लगी है और वह गिरा है। इससे नवजात के सिर में खून का थक्का जम गया है। आराम नहीं लगने पर शनिवार शाम रविंद्र परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचा और प्रबंधन से बच्चे को गिराने पर जवाब मांगा। इसे लेकर उन्होंने अस्पताल में काफी हंगामा किया। कासना कोतवाली पुलिस ने परिजनों को शांत करा शिशु को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने परिजनों से अस्पताल के खिलाफ लिखित शिकायत देने को कहा। सीओ प्रथम ग्रेनो निशांक शर्मा ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में है।
विज्ञापन
पर अस्पताल में हंगामा
- परिजनों का आरोप, एक नवंबर को प्रसव के दौरान नीचे गिर गया था शिशु
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। एक व्यक्ति ने प्रसव के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर सेक्टर स्वर्ण नगरी के निजी अस्पताल में शनिवार की शाम परिजनों के साथ जमकर हंगामा किया। सूचना पर कासना कोतवाली पुलिस पहुंची और परिजनों का शांत कराया।
ककोड़ निवासी रविंद्र शर्मा ने बताया कि एक नवंबर की दोपहर उनकी पत्नी लक्ष्मी ने स्वर्ण नगरी के निजी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। करीब डेढ़ घंटे बाद अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को डेल्टा वन के एक अस्पताल में रेफर कर दिया और उन्हें बच्चा दिखाया भी नहीं। वहां आराम नहीं लगने पर बच्चे को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पता चला कि बच्चे के सिर में चोट लगी है और वह गिरा है। इससे नवजात के सिर में खून का थक्का जम गया है। आराम नहीं लगने पर शनिवार शाम रविंद्र परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचा और प्रबंधन से बच्चे को गिराने पर जवाब मांगा। इसे लेकर उन्होंने अस्पताल में काफी हंगामा किया। कासना कोतवाली पुलिस ने परिजनों को शांत करा शिशु को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने परिजनों से अस्पताल के खिलाफ लिखित शिकायत देने को कहा। सीओ प्रथम ग्रेनो निशांक शर्मा ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में है।
विज्ञापन