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अब जैसा आप कहेंगे वैसा बनेगा शहर का प्लान
Updated Sat, 06 Oct 2018 02:24 AM IST
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हेडिंग: अब जैसा आप कहेंगे वैसा बनेगा शहर का प्लान
सबहेड: डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी व्यापारी व शिक्षकों से पूछी जाएंगी समस्याएं और हल
बेहतर सुझाव मिलने पर अमल करेगा ग्रेनो प्राधिकरण
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। शहर को बेहतर बनाने के लिए लोगों की मदद ली जाएगी। शहर के डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी व्यापारी, शिक्षक, सेना से सेवानिवृत्त अफसर से समस्याएं पूछी जाएंगी और हल बताने को कहा जाएगा। अगर किसी नागरिक को किसी क्षेत्र का विशेष अनुभव है तो उसका लाभ लिया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में इन दिनों सड़कों की हालत बेहद खराब है। गोलचक्कर भी रखरखाव के अभाव में बेकार हो रहे हैं। प्रवेश द्वारों पर ट्रैफिक की समस्या से लोग आए दिन जूझ रहे हैं। प्राधिकरण इन समस्याओं को दूर करने के लिए समाज के अग्रणी लोगों व वरिष्ठ नागरिकों की मदद लेगा। इसके लिए दिन तय किया जाएगा कि किसी दिन चिकित्सकों के साथ बैठक होगी तो किसी दिन व्यापारी, शिक्षक, वरिष्ठ नागरिक आदि भी इसमें शामिल होंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के मुताबिक, शहर के लोग समस्याओं को बेहतर तरीके से बता पाएंगे। उनसे समस्या का समाधान भी जानने की कोशिश की जाएगी। अगर किसी का सुझाव बेहतर लगा तो उनको लागू भी किया जाएगा। अगर कोई नागरिक तैयार होता है उसे जिम्मेदारी भी दी जाएगी। मसलन, अगर किसी के घर के पास ग्रीन बेल्ट है तो वह उसकी देखरेख कर सकते हैं। इसमें प्राधिकरण कर्मचारी आकर काम करते रहेंगे, लेकिन उसकी निगरानी वह कर सकते हैं। इसके अलावा सामाजिक संगठनों को रोटरी आदि संवारने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
आरडब्ल्यूए को मिल सकती है मान्यता
लंबे समय से आरडब्ल्यूए को मान्यता देने का मसला अटका हुआ है। अब इसे पूरी करने की तैयारी है। इसका बायलॉज बनकर तैयार हो गया है। इस पर आपत्तियां भी मांग ली गई थीं, लेकिन उनका निस्तारण होना बाकी है। मान्यता देने के साथ ही प्राधिकरण सेक्टर व सोसायटियों के आरडब्ल्यूए से कहेगा कि वे अपने ही सेक्टर या सोसायटी में कूड़े का भी निस्तारण करें। प्राधिकरण को सिर्फ वही कूड़ा उठाना पड़े जिसका कि पुन: उपयोग नहीं हो सकता है। इनसे निर्मित खाद को पार्क व ग्रीन बेल्ट के रखरखाव में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
सबहेड: डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी व्यापारी व शिक्षकों से पूछी जाएंगी समस्याएं और हल
बेहतर सुझाव मिलने पर अमल करेगा ग्रेनो प्राधिकरण
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। शहर को बेहतर बनाने के लिए लोगों की मदद ली जाएगी। शहर के डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी व्यापारी, शिक्षक, सेना से सेवानिवृत्त अफसर से समस्याएं पूछी जाएंगी और हल बताने को कहा जाएगा। अगर किसी नागरिक को किसी क्षेत्र का विशेष अनुभव है तो उसका लाभ लिया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में इन दिनों सड़कों की हालत बेहद खराब है। गोलचक्कर भी रखरखाव के अभाव में बेकार हो रहे हैं। प्रवेश द्वारों पर ट्रैफिक की समस्या से लोग आए दिन जूझ रहे हैं। प्राधिकरण इन समस्याओं को दूर करने के लिए समाज के अग्रणी लोगों व वरिष्ठ नागरिकों की मदद लेगा। इसके लिए दिन तय किया जाएगा कि किसी दिन चिकित्सकों के साथ बैठक होगी तो किसी दिन व्यापारी, शिक्षक, वरिष्ठ नागरिक आदि भी इसमें शामिल होंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के मुताबिक, शहर के लोग समस्याओं को बेहतर तरीके से बता पाएंगे। उनसे समस्या का समाधान भी जानने की कोशिश की जाएगी। अगर किसी का सुझाव बेहतर लगा तो उनको लागू भी किया जाएगा। अगर कोई नागरिक तैयार होता है उसे जिम्मेदारी भी दी जाएगी। मसलन, अगर किसी के घर के पास ग्रीन बेल्ट है तो वह उसकी देखरेख कर सकते हैं। इसमें प्राधिकरण कर्मचारी आकर काम करते रहेंगे, लेकिन उसकी निगरानी वह कर सकते हैं। इसके अलावा सामाजिक संगठनों को रोटरी आदि संवारने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
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आरडब्ल्यूए को मिल सकती है मान्यता
लंबे समय से आरडब्ल्यूए को मान्यता देने का मसला अटका हुआ है। अब इसे पूरी करने की तैयारी है। इसका बायलॉज बनकर तैयार हो गया है। इस पर आपत्तियां भी मांग ली गई थीं, लेकिन उनका निस्तारण होना बाकी है। मान्यता देने के साथ ही प्राधिकरण सेक्टर व सोसायटियों के आरडब्ल्यूए से कहेगा कि वे अपने ही सेक्टर या सोसायटी में कूड़े का भी निस्तारण करें। प्राधिकरण को सिर्फ वही कूड़ा उठाना पड़े जिसका कि पुन: उपयोग नहीं हो सकता है। इनसे निर्मित खाद को पार्क व ग्रीन बेल्ट के रखरखाव में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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