{"_id":"5bb11bdc867a557ff83030e5","slug":"153833364111-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईपीसी की धारा में संशोधन करने के लिए गृह मंत्री से मांग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईपीसी की धारा में संशोधन करने के लिए गृह मंत्री से मांग की
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
व्यापारियों ने आईपीसी की धारा में संशोधन की मांग की
-कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने गृह मंत्री को ज्ञापन दिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को एक ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया कि आईपीसी की धारा 411 व 412 का व्यापारियों के मामले में दुरुपयोग हो रहा है। लिहाजा इस धारा में आवश्यक बदलाव किया जाए।
कंफेडरेशन के महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि व्यापारियों को इन धाराओं के कारण बेवजह कसूरवार ठहराया जाता है। इन धाराओं के अनुसार चोरी की चीज का इस्तेमाल करने पर गिरफ्तारी, सजा, जुर्माने व गैर जमानती प्रावधान है। अक्सर इन धाराओं के तहत बिना सबूत के ही प्रताड़ित किया जाता है। केवल किसी के भी कहने मात्र से व्यापारियों को गिरफ्तार कर लिया जाता है। यह धाराएं बहुत पुरानी है, जिनमें न्याय की दृष्टि से अब बड़े संशोधन करने की आवश्यकता है। ज्वेलर्स विंग के राष्ट्रीय संयोजक पंकज अरोरा ने कहा की इन धाराओं का सबसे ज्यादा दुरुपयोग देश भर में सोने चांदी के व्यापारियों के खिलाफ होता है। पैसे की जरूरत के लिए लोग गहने बेचते हैं। ज्वेलर को नहीं पता होता कि गहना चोरी का है।
विज्ञापन
-कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने गृह मंत्री को ज्ञापन दिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को एक ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया कि आईपीसी की धारा 411 व 412 का व्यापारियों के मामले में दुरुपयोग हो रहा है। लिहाजा इस धारा में आवश्यक बदलाव किया जाए।
कंफेडरेशन के महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि व्यापारियों को इन धाराओं के कारण बेवजह कसूरवार ठहराया जाता है। इन धाराओं के अनुसार चोरी की चीज का इस्तेमाल करने पर गिरफ्तारी, सजा, जुर्माने व गैर जमानती प्रावधान है। अक्सर इन धाराओं के तहत बिना सबूत के ही प्रताड़ित किया जाता है। केवल किसी के भी कहने मात्र से व्यापारियों को गिरफ्तार कर लिया जाता है। यह धाराएं बहुत पुरानी है, जिनमें न्याय की दृष्टि से अब बड़े संशोधन करने की आवश्यकता है। ज्वेलर्स विंग के राष्ट्रीय संयोजक पंकज अरोरा ने कहा की इन धाराओं का सबसे ज्यादा दुरुपयोग देश भर में सोने चांदी के व्यापारियों के खिलाफ होता है। पैसे की जरूरत के लिए लोग गहने बेचते हैं। ज्वेलर को नहीं पता होता कि गहना चोरी का है।
विज्ञापन