फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   बुखार से पीड़ित मासूम का पैर हुआ कमजोर

बुखार से पीड़ित मासूम का पैर हुआ कमजोर

Fri, 28 Sep 2018 03:25 AM IST
Updated Fri, 28 Sep 2018 03:25 AM IST
विज्ञापन
बुखार से पीड़ित मासूम का पैर हुआ कमजोर
फोटो
विज्ञापन

बुखार से पीड़ित मासूम का पैर हुआ कमजोर
- परिजनों ने जताई पोलियो के शिकार की आशंका, स्वास्थ्य विभाग ने किया इनकार
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर की लोगों की जांच
दीपक सिंघल
रबूपुरा। गांव रौनीजा में बुखार से पीड़ित साढ़े तीन साल के बच्चे का पैर टेढ़ा और कमजोर हो गया है। इससे परिजन और ग्रामीण बच्चे के पोलियो का शिकार होने की आशंका जता रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग पोलियो होने की बात से इनकार कर रहा है। इस बीच बच्चे के पैर में समस्या की सूचना पर गांव पहुंची राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चे की जांच की और गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया। टीम के डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे का स्टूल टेस्ट के लिए भेज जाएगा।
गांव के अनिल कुमार का साढ़े तीन वर्षीय बेटा आदित्य दस दिन पूर्व बुखार की चपेट में आ गया था। निजी चिकित्सक से उसका उपचार कराया गया। परिजनों का कहना है कि बुखार के बाद से ही आदित्य का बायां पैर कमजोर व टेढ़ा हो गया है। परिजन उसके पैर को देखकर पोलियो जैसे लक्षण होने का दावा कर रहे हैं। इसकी सूचना उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को देकर उपचार की मांग की है। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चे का परीक्षण किया है।
विज्ञापन

बच्चे के पैर में समस्या की सूचना पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य विभाग के डॉ. सुगन पाल सिंह, डॉ. जूही व डॉ. असलम खां की टीम ने गांव में कैंप लगाकर बच्चे के हाथ व पैरों की जांच के साथ-साथ अन्य लोगों के स्वास्थ्य का भी परीक्षण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


गांव में कई लोग हैं बीमार
रौनीजा गांव के कई ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। इसमें महिलाओं और बच्चों की संख्या भी अच्छी खासी है। ग्रामीणों ने गंदगी के कारण बीमारी फैलने का आरोप लगाया है।


अब तक की जांच में बच्चे में पोलियो जैसी बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं। बच्चे की बीमारी के दौरान कोई इंजेक्शन के इंफेक्शन के कारण भी बीमारी हो सकती है। बच्चे के स्टूल की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही इस बीमारी के संबंध में स्पष्ट जानकारी होगी। - डॉ. रोशन लाल, चिकित्सा अधीक्षक, जेवर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed