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दयाल सिंह कॉलेज जीबी चेयरमैन को हटाया जाए-डूटा
Updated Fri, 28 Sep 2018 03:12 AM IST
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दयाल सिंह कॉलेज चेयरमैन को हटाया जाए : डूटा
- त्रिपक्षीय समझौते के खिलाफ डूटा का कार्यकारी परिषद के बाहर प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में एक ओर जहां त्रिपक्षीय समझौते को लेकर कार्यकारी परिषद की बैठक चल रही थी। वहीं, बाहर दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) त्रिपक्षीय समझौते व दयाल सिंह कॉलेज के चेयरमैन (गवर्निंग बॉडी) के विरोध में प्रदर्शन कर रहा था।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से डीयू को कहा गया है कि वह इस समझौते को अनुमति दें, ऐसा नहीं होने पर विश्वविद्यालय को दिए जाने वाले फंड पर रोक लगाई जा सकती है। इस समझौते में डीयू, यूजीसी व मानव संसाधन विकास मंत्रालय शामिल है। डूटा का कहना है कि इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए डीयू को मजबूर किया जा रहा है। समझौता होने से फंड के लिए छात्रों से ज्यादा फीस वसूली जाएगी।
वहीं, दयाल सिंह कॉलेज प्रबंध समिति अध्यक्ष अमिताभ सिन्हा की मनमानी को लेकर भी डूटा ने विरोध जताया। डूटा का कहना है कि चेयरमैन डीयू के ऑर्डिनेंस का उल्लंघन कर रहे हैं। बिना कुलपति की मंजूरी के वह प्रिंसिपल को जबरन छुट्टी पर भेजने के फैसला ले रहे हैं। डूटा अध्यक्ष राजीव रे के अनुसार का कहना है कि दयाल सिंह कॉलेज प्रबंध समिति अध्यक्ष अमिताभ सिन्हा को जल्द हटाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और विश्वविद्यालय ने उनकी लंबित मांगों जैसे सातवां वेतन आयोग के अनुसार वेतन-भत्ते, पदोन्नति व स्थायी नियुक्ति जैसी मांगों को नहीं माना तो आंदोलन किया जाएगा। डूटा त्रिपक्षीय समझौते को अभिभावकों व छात्रों के बीच भी लेकर जाएगा।
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- त्रिपक्षीय समझौते के खिलाफ डूटा का कार्यकारी परिषद के बाहर प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में एक ओर जहां त्रिपक्षीय समझौते को लेकर कार्यकारी परिषद की बैठक चल रही थी। वहीं, बाहर दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) त्रिपक्षीय समझौते व दयाल सिंह कॉलेज के चेयरमैन (गवर्निंग बॉडी) के विरोध में प्रदर्शन कर रहा था।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से डीयू को कहा गया है कि वह इस समझौते को अनुमति दें, ऐसा नहीं होने पर विश्वविद्यालय को दिए जाने वाले फंड पर रोक लगाई जा सकती है। इस समझौते में डीयू, यूजीसी व मानव संसाधन विकास मंत्रालय शामिल है। डूटा का कहना है कि इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए डीयू को मजबूर किया जा रहा है। समझौता होने से फंड के लिए छात्रों से ज्यादा फीस वसूली जाएगी।
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वहीं, दयाल सिंह कॉलेज प्रबंध समिति अध्यक्ष अमिताभ सिन्हा की मनमानी को लेकर भी डूटा ने विरोध जताया। डूटा का कहना है कि चेयरमैन डीयू के ऑर्डिनेंस का उल्लंघन कर रहे हैं। बिना कुलपति की मंजूरी के वह प्रिंसिपल को जबरन छुट्टी पर भेजने के फैसला ले रहे हैं। डूटा अध्यक्ष राजीव रे के अनुसार का कहना है कि दयाल सिंह कॉलेज प्रबंध समिति अध्यक्ष अमिताभ सिन्हा को जल्द हटाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और विश्वविद्यालय ने उनकी लंबित मांगों जैसे सातवां वेतन आयोग के अनुसार वेतन-भत्ते, पदोन्नति व स्थायी नियुक्ति जैसी मांगों को नहीं माना तो आंदोलन किया जाएगा। डूटा त्रिपक्षीय समझौते को अभिभावकों व छात्रों के बीच भी लेकर जाएगा।
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