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एंबुलेंस में जुड़वां बच्चों ने लिया जन्म, खतरे से बाहर
Updated Mon, 24 Sep 2018 11:40 PM IST
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एंबुलेंस में जुड़वां बच्चों ने
लिया जन्म, खतरे से बाहर
- प्रसव पीड़ा बढ़ने के बाद एंबुलेंस को रोककर कराई प्रसूति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की सड़क पर रविवार देर रात एंबुलेंस में जुड़वां बच्चाें ने जन्म लिया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने नवजात शिशुओं की जांच की और उन्हें स्वस्थ घोषित किया। नरेला के राजा हरिश्चंद्र अस्पताल से गर्भवती महिला को अंबेडकर अस्पताल तक ले जाने के लिए कैट्स एंबुलेंस को सूचना मिली थी, लेकिन अंबेडकर अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला का प्रसव हो गया। बीटा -33 के पैरा मेडिकल स्टाफ संतोष प्रजापति के अनुसार, रविवार देर रात करीब सवा 11 बजे उन्हें राजा हरिश्चंद्र अस्पताल से गर्भवती मरीज को शिफ्ट करने की सूचना मिली थी। मरीज की स्थिति को देखते हुए जब किसी डॉक्टर के साथ चलने की अपील की तो डॉक्टरों ने यह कहकर इंकार कर दिया कि अस्पताल पहुंचने से पहले प्रसव नहीं होगा, लेकिन बारिश के बीच हैदरपुर पहुंचते ही महिला को प्रसव हो गया। महिला ने रात में 12 बजे से पहले एक बच्चे को जन्म दिया। इसके करीब आधा घंटे बाद दूसरे बच्चे का जन्म हुआ। इस दौरान संतोष अकेले ही बारिश के बीच एंबुलेंस में महिला की मदद करते रहे।
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लिया जन्म, खतरे से बाहर
- प्रसव पीड़ा बढ़ने के बाद एंबुलेंस को रोककर कराई प्रसूति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की सड़क पर रविवार देर रात एंबुलेंस में जुड़वां बच्चाें ने जन्म लिया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने नवजात शिशुओं की जांच की और उन्हें स्वस्थ घोषित किया। नरेला के राजा हरिश्चंद्र अस्पताल से गर्भवती महिला को अंबेडकर अस्पताल तक ले जाने के लिए कैट्स एंबुलेंस को सूचना मिली थी, लेकिन अंबेडकर अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला का प्रसव हो गया। बीटा -33 के पैरा मेडिकल स्टाफ संतोष प्रजापति के अनुसार, रविवार देर रात करीब सवा 11 बजे उन्हें राजा हरिश्चंद्र अस्पताल से गर्भवती मरीज को शिफ्ट करने की सूचना मिली थी। मरीज की स्थिति को देखते हुए जब किसी डॉक्टर के साथ चलने की अपील की तो डॉक्टरों ने यह कहकर इंकार कर दिया कि अस्पताल पहुंचने से पहले प्रसव नहीं होगा, लेकिन बारिश के बीच हैदरपुर पहुंचते ही महिला को प्रसव हो गया। महिला ने रात में 12 बजे से पहले एक बच्चे को जन्म दिया। इसके करीब आधा घंटे बाद दूसरे बच्चे का जन्म हुआ। इस दौरान संतोष अकेले ही बारिश के बीच एंबुलेंस में महिला की मदद करते रहे।