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निगम का दावा, अस्पताल में सभी सुविधा मौजूद
Updated Fri, 21 Sep 2018 02:40 AM IST
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अस्पताल में सभी सुविधा मौजूद : नगर निगम
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम ने शुक्रवार देर शाम बयान जारी कर बताया कि अस्पताल में सभी जरूरी चिकित्सीय सुविधाएं मौजूद है। साथ ही प्रबंधन ने कहा कि गलघोंटू बीमारी से अब तक 12 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से 11 बच्चों ने महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में दम तोड़ा है। जबकि एक बच्चे की मौत दिल्ली गेट स्थित लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में हुई है। निगम के अनुसार ऐसे ज्यादातर मामलों में बच्चों को बचपन में गलघोंटू का टीका नहीं लगवाने की शिकायत मिलती है।
वहीं, उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की चेयरमैन वीना विरमानी ने कहा है कि बच्चों की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। अस्पताल में एंटी डिप्थीरिया सीरम इंजेक्शन जल्द उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इलाज में कोताही न बरतने की हिदायत दी गई है।
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जरूरी फैक्ट्स
25 बच्चों की मौत इस साल अस्पताल में हो चुकी है मौत
70 बच्चों की मौत पिछले वर्ष अस्पताल में हुई।
01 बच्चे की मौत हुई लोकनायक अस्पताल में।
14 दिन में 12 बच्चों ने उपचार के दौरान तोड़ा दम।
01 साल में गलघोंटू के 300 मरीज हुए हैं भर्ती।
01 से 09 वर्ष की आयु के हैं मृतक बच्चे।
85 बच्चे (75 दिल्ली से बाहर एवं 10 दिल्ली निवासी) हैं।
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नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम ने शुक्रवार देर शाम बयान जारी कर बताया कि अस्पताल में सभी जरूरी चिकित्सीय सुविधाएं मौजूद है। साथ ही प्रबंधन ने कहा कि गलघोंटू बीमारी से अब तक 12 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से 11 बच्चों ने महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में दम तोड़ा है। जबकि एक बच्चे की मौत दिल्ली गेट स्थित लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में हुई है। निगम के अनुसार ऐसे ज्यादातर मामलों में बच्चों को बचपन में गलघोंटू का टीका नहीं लगवाने की शिकायत मिलती है।
वहीं, उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की चेयरमैन वीना विरमानी ने कहा है कि बच्चों की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। अस्पताल में एंटी डिप्थीरिया सीरम इंजेक्शन जल्द उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इलाज में कोताही न बरतने की हिदायत दी गई है।
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जरूरी फैक्ट्स
25 बच्चों की मौत इस साल अस्पताल में हो चुकी है मौत
70 बच्चों की मौत पिछले वर्ष अस्पताल में हुई।
01 बच्चे की मौत हुई लोकनायक अस्पताल में।
14 दिन में 12 बच्चों ने उपचार के दौरान तोड़ा दम।
01 साल में गलघोंटू के 300 मरीज हुए हैं भर्ती।
01 से 09 वर्ष की आयु के हैं मृतक बच्चे।
85 बच्चे (75 दिल्ली से बाहर एवं 10 दिल्ली निवासी) हैं।