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फंड जारी करने में आनाकानी से बढ़ी निगम की परेशानी
Updated Fri, 21 Sep 2018 02:36 AM IST
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फंड जारी करने में आनाकानी से बढ़ी निगम की परेशानी
सफाई कर्मियों की हड़ताल भी दिल्ली सरकार की बेरुखी का नतीजा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के महापौर बिपिन बिहारी सिंह ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि विभिन्न मदों में फंड रोके जाने की वजह से ही सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इस कारण सफाई सहित अन्य विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मेयर बिपिन बिहारी सिंह ने कहा कि 19 सितंबर को सफाई कर्मचारी यूनियन प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार द्वारा निगम का बकाया फंड जारी होने के बाद सफाई कर्मचारियों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेंगे।
इस दौरान प्रतिनिधियों ने 2017 तक के नियुक्त अस्थायी सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण और पुराने नियमित कर्मचारियों की बकाया राशि के भुगतान की मांगें भी रखीं। महापौर ने बताया कि अधिकारियों को पूर्वी दिल्ली नगर निगम के दोनों जोन में अस्थायी सफाई कर्मचारियों की सूची तैयार करने एवं उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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महापौर ने बताया कि दिल्ली सरकार से निगम को फंड न मिलने की वजह से ही कर्मचारियों को वेतन देने में समस्या आ रही है। फंड न मिलने पर निगम ने न्यायालय में मामला दायर किया हुआ है।
18 निलंबित कर्मियों को बहाल करने का आश्वासन
नई दिल्ली। नौ दिनों से हड़ताल पर बैठे निगम कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मंडावली स्थित कैंप कार्यालय पर दिल्ली सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उपमुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे यूनियन अध्यक्ष संजय गहलोत ने कहा कि नौ दिनों के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से कर्मचारियों को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला और न ही कोई जानकारी दी गई। इससे साबित होता है कि दिल्ली सरकार मजदूर विरोधी है। कर्मियों ने दक्षिणी दिल्ली के पश्चिमी जोन के डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए 18 हड़ताली कर्मियों की बहाली की मांग की। इसके बाद उपायुक्त ने यूनियन नेता से बातचीत के बाद उन्हें फिर से बहाल करने का भरोसा दिया।
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सफाई कर्मियों की हड़ताल भी दिल्ली सरकार की बेरुखी का नतीजा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के महापौर बिपिन बिहारी सिंह ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि विभिन्न मदों में फंड रोके जाने की वजह से ही सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इस कारण सफाई सहित अन्य विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मेयर बिपिन बिहारी सिंह ने कहा कि 19 सितंबर को सफाई कर्मचारी यूनियन प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार द्वारा निगम का बकाया फंड जारी होने के बाद सफाई कर्मचारियों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेंगे।
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इस दौरान प्रतिनिधियों ने 2017 तक के नियुक्त अस्थायी सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण और पुराने नियमित कर्मचारियों की बकाया राशि के भुगतान की मांगें भी रखीं। महापौर ने बताया कि अधिकारियों को पूर्वी दिल्ली नगर निगम के दोनों जोन में अस्थायी सफाई कर्मचारियों की सूची तैयार करने एवं उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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महापौर ने बताया कि दिल्ली सरकार से निगम को फंड न मिलने की वजह से ही कर्मचारियों को वेतन देने में समस्या आ रही है। फंड न मिलने पर निगम ने न्यायालय में मामला दायर किया हुआ है।
18 निलंबित कर्मियों को बहाल करने का आश्वासन
नई दिल्ली। नौ दिनों से हड़ताल पर बैठे निगम कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मंडावली स्थित कैंप कार्यालय पर दिल्ली सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उपमुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे यूनियन अध्यक्ष संजय गहलोत ने कहा कि नौ दिनों के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से कर्मचारियों को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला और न ही कोई जानकारी दी गई। इससे साबित होता है कि दिल्ली सरकार मजदूर विरोधी है। कर्मियों ने दक्षिणी दिल्ली के पश्चिमी जोन के डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए 18 हड़ताली कर्मियों की बहाली की मांग की। इसके बाद उपायुक्त ने यूनियन नेता से बातचीत के बाद उन्हें फिर से बहाल करने का भरोसा दिया।