{"_id":"5b857e3742c792464d1bba68","slug":"153547524414-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदूषण न फैलाने वाले उद्योगों की सीलिंग किए जाने पर कड़ी निंदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदूषण न फैलाने वाले उद्योगों की सीलिंग किए जाने पर कड़ी निंदा
Updated Tue, 28 Aug 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदूषण न फैलाने वाले उद्योगों की सीलिंग क्यों : माकन
-विरोध जताने के लिए मुख्यमंत्री निवास पर 31 को प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदूषण न फैलाने वाले उद्योगों की गैर कानूनी सीलिंग किए जाने पर कड़ी निंदा की है। प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने केंद्र सरकार व दिल्ली सरकार से इन उद्योगों को दिल्ली में चलाए जाने की इजाजत तुरंत प्रभाव से देने की मांग की है ताकि लाखों को बेरोजगार होने से बचाया जा सके। माकन ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास पर 31 अगस्त को प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अजय माकन के साथ मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी, पूर्व मंत्री अरविन्दर सिंह लवली, वरिष्ठ नेता चतर सिंह ने भी सरकार के निर्णय की निंदा की। अजय माकन ने कहा कि दिल्ली में छठें आर्थिक सर्वे 2013 के अनुसार 8,75,308 औद्योगिक संस्थान है जिनमें से 1,55,950 केवल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। इन सभी संस्थानों पर केंद्र व केजरीवाल सरकार की लापरवाही और गलतियों की वजह से सीलिंग की तलवार लटक रही है। माकन ने कहा कि प्रदूषण न फैलाने वाले उद्योगों पर लटक रही तलवार से निजात दिलाने के लिए पहले से ही मास्टर प्लान में प्रावधान है, जो कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने बनाए थे।
पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि हाउस होल्ड इंडस्ट्री का मतलब ही यह है कि घरों में चलाए जाने वाले छोटे-छोटे उद्योग धंधे जैसे सूई धागे से की जाने वाली कढ़ाई इत्यादि। लवली ने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार मास्टर प्लान व संविधान की मूलभावना के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस अजय माकन के नेतृत्व में छोटे-छोटे उद्योगों व उसमें काम करने वाले मजदूरों के हकों की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगी।
विज्ञापन
-विरोध जताने के लिए मुख्यमंत्री निवास पर 31 को प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदूषण न फैलाने वाले उद्योगों की गैर कानूनी सीलिंग किए जाने पर कड़ी निंदा की है। प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने केंद्र सरकार व दिल्ली सरकार से इन उद्योगों को दिल्ली में चलाए जाने की इजाजत तुरंत प्रभाव से देने की मांग की है ताकि लाखों को बेरोजगार होने से बचाया जा सके। माकन ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास पर 31 अगस्त को प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अजय माकन के साथ मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी, पूर्व मंत्री अरविन्दर सिंह लवली, वरिष्ठ नेता चतर सिंह ने भी सरकार के निर्णय की निंदा की। अजय माकन ने कहा कि दिल्ली में छठें आर्थिक सर्वे 2013 के अनुसार 8,75,308 औद्योगिक संस्थान है जिनमें से 1,55,950 केवल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। इन सभी संस्थानों पर केंद्र व केजरीवाल सरकार की लापरवाही और गलतियों की वजह से सीलिंग की तलवार लटक रही है। माकन ने कहा कि प्रदूषण न फैलाने वाले उद्योगों पर लटक रही तलवार से निजात दिलाने के लिए पहले से ही मास्टर प्लान में प्रावधान है, जो कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने बनाए थे।
पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि हाउस होल्ड इंडस्ट्री का मतलब ही यह है कि घरों में चलाए जाने वाले छोटे-छोटे उद्योग धंधे जैसे सूई धागे से की जाने वाली कढ़ाई इत्यादि। लवली ने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार मास्टर प्लान व संविधान की मूलभावना के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस अजय माकन के नेतृत्व में छोटे-छोटे उद्योगों व उसमें काम करने वाले मजदूरों के हकों की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगी।
विज्ञापन