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स्कूलों को ईडब्लयूएस के बच्चों का अनुदान नहीं मिल रहा
Updated Tue, 28 Aug 2018 09:52 PM IST
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सरकार से स्कूलों को नहीं मिल रहा
ईडब्ल्यूएस के बच्चों का अनुदान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की ओर से निजी स्कूलों को आर्थिक पिछड़े वर्ग (ईडब्ल्यूएस) व वंचित वर्ग (डीजी) के बच्चों को पढ़ाने पर फीस व वर्दी का अनुदान दिया जाता है। निजी स्कूलों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि बीते चार-पांच साल से यह अनुदान नहीं मिल रहा है। इस कारण स्कूलों में सामान्य श्रेणी के बच्चे ईडब्ल्यूएस व डीजी ग्रुप के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आरसी जैन ने कहा कि कोटे के बच्चों के खर्च के कारण स्कूलों को भी काफी परेशानी हो रही है।
जैन ने कहा कि आरटीई एक्ट 2009 के तहत ईडब्ल्यूएस व डीजी श्रेणी के बच्चों की फीस सरकार द्वारा स्कूलों को दिए जाने का प्रावधान है। बावजूद सरकार यह फीस स्कूलों को नहीं दे रही। स्कूल लगातार शिक्षा विभाग के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से मुफ्त कॉपी-किताबें और वर्दी देने का दबाव बनाया जाता है। यदि स्कूल उसे पूरा नहीं करता तो स्कूल की मान्यता रद्द करने की धमकी वाले नोटिस भेजे जा रहे हैं। जबकि दिल्ली हाईकोर्ट में इस संबंध में मामला चल रहा है।
जैन ने बताया कि कोटे के बच्चों को कॉपी-किताबें, वर्दी देने का प्रावधान मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अधिकार कानून 2009(आरटीई) में नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने 2011 में इस प्रकार की शर्तें स्कूलों पर डाल दी है। डीडीए से प्राप्त जमीन पर चलने वाले स्कूलों पर दोहरी मार पड़ रही है। दिल्ली सरकार को कई बार लिखा गया है कि सरकार यह स्पष्ट करे कि जो बच्चे आठवीं पास कर चुके हैं, उनकी नौवीं से 12वीं तक की फीस कौन चुकाएगा, लेकिन सरकार से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
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ईडब्ल्यूएस के बच्चों का अनुदान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की ओर से निजी स्कूलों को आर्थिक पिछड़े वर्ग (ईडब्ल्यूएस) व वंचित वर्ग (डीजी) के बच्चों को पढ़ाने पर फीस व वर्दी का अनुदान दिया जाता है। निजी स्कूलों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि बीते चार-पांच साल से यह अनुदान नहीं मिल रहा है। इस कारण स्कूलों में सामान्य श्रेणी के बच्चे ईडब्ल्यूएस व डीजी ग्रुप के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आरसी जैन ने कहा कि कोटे के बच्चों के खर्च के कारण स्कूलों को भी काफी परेशानी हो रही है।
जैन ने कहा कि आरटीई एक्ट 2009 के तहत ईडब्ल्यूएस व डीजी श्रेणी के बच्चों की फीस सरकार द्वारा स्कूलों को दिए जाने का प्रावधान है। बावजूद सरकार यह फीस स्कूलों को नहीं दे रही। स्कूल लगातार शिक्षा विभाग के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से मुफ्त कॉपी-किताबें और वर्दी देने का दबाव बनाया जाता है। यदि स्कूल उसे पूरा नहीं करता तो स्कूल की मान्यता रद्द करने की धमकी वाले नोटिस भेजे जा रहे हैं। जबकि दिल्ली हाईकोर्ट में इस संबंध में मामला चल रहा है।
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जैन ने बताया कि कोटे के बच्चों को कॉपी-किताबें, वर्दी देने का प्रावधान मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अधिकार कानून 2009(आरटीई) में नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने 2011 में इस प्रकार की शर्तें स्कूलों पर डाल दी है। डीडीए से प्राप्त जमीन पर चलने वाले स्कूलों पर दोहरी मार पड़ रही है। दिल्ली सरकार को कई बार लिखा गया है कि सरकार यह स्पष्ट करे कि जो बच्चे आठवीं पास कर चुके हैं, उनकी नौवीं से 12वीं तक की फीस कौन चुकाएगा, लेकिन सरकार से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
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