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बवाना में फैक्ट्रियों की लीज नहीं होगी कैंसल, मंत्री ने दिया आश्वासन
Updated Thu, 23 Aug 2018 09:44 PM IST
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बवाना में फैक्ट्रियों की लीज नहीं होगी रद्द : सतेंद्र
- उद्योग मंत्री सतेंद्र जैन ने फैक्ट्री मालिकों को दिया आश्वासन
- आप के ट्रेड विंग के नेतृत्व में मिलने गया था प्रतिनिधिमंडल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के ट्रेड विंग के नेतृत्व में बवाना फैक्ट्री मालिकों का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को उद्योग मंत्री सतेंद्र जैन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें इस बात से अवगत कराया कि उनकी फैक्ट्रियों का लीज निरस्त करने का नोटिस दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीएसआईडीसी) की तरफ से दिया जा रहा है। लीज निरस्त होने से उनका व्यापार बंद हो जाएगा।
ट्रेड विंग के कनवीनर बृजेश गोयल ने बताया कि उद्योग मंत्री ने आश्वासन दिया है कि दिल्ली सरकार बवाना के फैक्ट्री मालिकों की लीज रद्द नही ंहोने देगी। गोयल ने बताया कि बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में करीब 16 हजार से ज्यादा फैक्ट्रियां हैं। इनमें करीब 11 हजार को नोटिस थमाया जा चुका है। इसकी वजह से यहां के फैक्ट्री मालिकों की नींद उड़ी हुई है। पांच तरह के नोटिस डीएसआईडीसी की तरफ से भेजे गए हैं। प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजीव गोयल ने बताया कि बवाना में फैक्ट्री आवंटित करते समय उन्हें मालिकाना हक नहीं दिया गया था। यह फैक्ट्रियां लीज पर दी गई हैं। जबकि दिल्ली के अन्य इंडस्ट्रियल एरिया में सभी को फ्री होल्ड कर मालिकाना हक दिया गया है।
मास्टर प्लान 2021 की बात करें तो उसमें कई तरह के प्रावधान सुझाए गए हैं, जिनमें अलॉटी किसी के नाम पर फैक्ट्री ट्रांसफर कर सकता है या बेच सकता है। ऐसे में नोटिस देने का कोई औचित्य नहीं है। 2004 में शीला दीक्षित की सरकार से फैक्ट्रियों को फ्री होल्ड करने की मांग की गई थी। तत्कालीन उद्योग मंत्री ने फैक्ट्रियों को फ्री होल्ड करने का वादा किया था, लेकिन 14 साल बाद भी हम लोगों की हालत जस की तस है।
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- उद्योग मंत्री सतेंद्र जैन ने फैक्ट्री मालिकों को दिया आश्वासन
- आप के ट्रेड विंग के नेतृत्व में मिलने गया था प्रतिनिधिमंडल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के ट्रेड विंग के नेतृत्व में बवाना फैक्ट्री मालिकों का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को उद्योग मंत्री सतेंद्र जैन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें इस बात से अवगत कराया कि उनकी फैक्ट्रियों का लीज निरस्त करने का नोटिस दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीएसआईडीसी) की तरफ से दिया जा रहा है। लीज निरस्त होने से उनका व्यापार बंद हो जाएगा।
ट्रेड विंग के कनवीनर बृजेश गोयल ने बताया कि उद्योग मंत्री ने आश्वासन दिया है कि दिल्ली सरकार बवाना के फैक्ट्री मालिकों की लीज रद्द नही ंहोने देगी। गोयल ने बताया कि बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में करीब 16 हजार से ज्यादा फैक्ट्रियां हैं। इनमें करीब 11 हजार को नोटिस थमाया जा चुका है। इसकी वजह से यहां के फैक्ट्री मालिकों की नींद उड़ी हुई है। पांच तरह के नोटिस डीएसआईडीसी की तरफ से भेजे गए हैं। प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजीव गोयल ने बताया कि बवाना में फैक्ट्री आवंटित करते समय उन्हें मालिकाना हक नहीं दिया गया था। यह फैक्ट्रियां लीज पर दी गई हैं। जबकि दिल्ली के अन्य इंडस्ट्रियल एरिया में सभी को फ्री होल्ड कर मालिकाना हक दिया गया है।
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मास्टर प्लान 2021 की बात करें तो उसमें कई तरह के प्रावधान सुझाए गए हैं, जिनमें अलॉटी किसी के नाम पर फैक्ट्री ट्रांसफर कर सकता है या बेच सकता है। ऐसे में नोटिस देने का कोई औचित्य नहीं है। 2004 में शीला दीक्षित की सरकार से फैक्ट्रियों को फ्री होल्ड करने की मांग की गई थी। तत्कालीन उद्योग मंत्री ने फैक्ट्रियों को फ्री होल्ड करने का वादा किया था, लेकिन 14 साल बाद भी हम लोगों की हालत जस की तस है।
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