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मिर्जा-साहिबा की अमर प्रेम कहानी से छूआ दिल्ली वालों का दिल
Updated Wed, 15 Aug 2018 12:44 AM IST
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मिर्जा-साहिबा की अमर प्रेम कहानी से छूआ दिल्ली वालों का दिल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को श्रीराम सेंटर में मिर्जा साहिबा नाटक को मंच पर दर्शकों के समक्ष पेश किया गया। थियेटर के लिए नेशनल वूमेन एंड एक्सीलेंस अवार्ड 2017 से सम्मानित कलाकार एवं निर्देशक काजल सूरी के नेतृत्व में इस नाटक का मंचन किया गया। नाटक की खासियत यह थी कि श्रीराम सेंटर के वीकएंड वर्कशॉप स्टूडेंट्स ने पहली पार इस नाटक में बेहतरीन अभिनय अपनी रंगमंच कला का लोहा मनवाया। इसमें दिखाया गया कि मिर्जा और साहिबा की अमर प्रेम कहानी किस तरह परवान चढ़ी और फिर इतिहास के पन्नों में तब्दील हो गई। नाटक में दिखाया गया कि मोहब्बत की दुनिया में साहिबा का नाम विश्वास और धोखे के ताने बाने में उलझा सा प्रतीत होता था, तब भी मिर्जा साहिबा का इश्क कहीं भी उन लोगों से कमतर नहीं माना जा सकता जिन से आज भी मोहब्बत का मयार कायम है। इस नाटक को डॉक्टर शशि सहगल ने लिखा। नाटक में दिए गए मोहब्बत के संदेश से दर्शकों का मन जीत लिया।
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को श्रीराम सेंटर में मिर्जा साहिबा नाटक को मंच पर दर्शकों के समक्ष पेश किया गया। थियेटर के लिए नेशनल वूमेन एंड एक्सीलेंस अवार्ड 2017 से सम्मानित कलाकार एवं निर्देशक काजल सूरी के नेतृत्व में इस नाटक का मंचन किया गया। नाटक की खासियत यह थी कि श्रीराम सेंटर के वीकएंड वर्कशॉप स्टूडेंट्स ने पहली पार इस नाटक में बेहतरीन अभिनय अपनी रंगमंच कला का लोहा मनवाया। इसमें दिखाया गया कि मिर्जा और साहिबा की अमर प्रेम कहानी किस तरह परवान चढ़ी और फिर इतिहास के पन्नों में तब्दील हो गई। नाटक में दिखाया गया कि मोहब्बत की दुनिया में साहिबा का नाम विश्वास और धोखे के ताने बाने में उलझा सा प्रतीत होता था, तब भी मिर्जा साहिबा का इश्क कहीं भी उन लोगों से कमतर नहीं माना जा सकता जिन से आज भी मोहब्बत का मयार कायम है। इस नाटक को डॉक्टर शशि सहगल ने लिखा। नाटक में दिए गए मोहब्बत के संदेश से दर्शकों का मन जीत लिया।