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विपक्ष ने मुख्यमंत्री व तीन मंत्रियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए शिकायत पत्र सौंपा
Updated Thu, 09 Aug 2018 10:52 PM IST
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मुख्यमंत्री व 3 मंत्रियों पर मामला दर्ज करने के लिए शिकायत पत्र सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत तीन मंत्रियों के खिलाफ उप राज्यपाल कार्यालय में जबरदस्ती कब्जा जमाने के लिए मामला दर्ज करने का आग्रह किया है। सिविल लाइंस के पुलिस उपायुक्त कार्यालय में भाजपा विधायकों ने इस बाबत एक शिकायत पत्र भी दिया है।
नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पुलिस से मुलाकात के बाद बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सत्येंद्र जैन और गोपाल राय 11 जून से 19 जून तक राज निवास में धरने पर बैठ गए थे। पुलिस उपायुक्त को लिखे पत्र में इस धरने को आपराधिक साजिश और जबरदस्ती कब्जा जमाना बताया गया है। उन्होंने कहा कि चारों मंत्री अपने संवैधानिक कर्तव्य में लापरवाही बरतने के दोषी हैं। इस बात की जांच होनी चाहिए कि कैसे मुख्यमंत्री और उनके मंत्री पानी संकट, पर्यावरण संकट, नालों की सफाई जैसे महत्वपूर्ण विषय को छोड़ धरने पर बैठे। उपराज्यपाल पर मांगों को मनवाने के लिए दबाव देना कही से जायज नहीं है। उल्लेखनीय है कि यह कदम विपक्ष ने तब उठाया है जब दिल्ली सरकार ने सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय में भाजपा सदस्यों द्वारा दिए जाने वाले धरने के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत तीन मंत्रियों के खिलाफ उप राज्यपाल कार्यालय में जबरदस्ती कब्जा जमाने के लिए मामला दर्ज करने का आग्रह किया है। सिविल लाइंस के पुलिस उपायुक्त कार्यालय में भाजपा विधायकों ने इस बाबत एक शिकायत पत्र भी दिया है।
नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पुलिस से मुलाकात के बाद बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सत्येंद्र जैन और गोपाल राय 11 जून से 19 जून तक राज निवास में धरने पर बैठ गए थे। पुलिस उपायुक्त को लिखे पत्र में इस धरने को आपराधिक साजिश और जबरदस्ती कब्जा जमाना बताया गया है। उन्होंने कहा कि चारों मंत्री अपने संवैधानिक कर्तव्य में लापरवाही बरतने के दोषी हैं। इस बात की जांच होनी चाहिए कि कैसे मुख्यमंत्री और उनके मंत्री पानी संकट, पर्यावरण संकट, नालों की सफाई जैसे महत्वपूर्ण विषय को छोड़ धरने पर बैठे। उपराज्यपाल पर मांगों को मनवाने के लिए दबाव देना कही से जायज नहीं है। उल्लेखनीय है कि यह कदम विपक्ष ने तब उठाया है जब दिल्ली सरकार ने सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय में भाजपा सदस्यों द्वारा दिए जाने वाले धरने के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है।
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