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उतरी दिल्ली की वार्ड कमेटी ने बनाया सात सूत्रीय प्रस्ताव
Updated Fri, 03 Aug 2018 11:24 PM IST
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गत वर्ष जारी सभी सीलिंग
आदेशों की जांच का प्रस्ताव
- उत्तरी दिल्ली कमेटी के सभी दलों के उपस्थित सदस्यों ने एकमत से किया पारित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शहरी एवं सदर क्षेत्र की वार्ड कमेटी ने सात सूत्रीय प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव में वार्ड में नियमितीकरण एवं कन्वर्जन चॉर्ज को लेकर शिविर लगाने और 15 सितंबर तक सीलिंग और अतिक्रमण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग शामिल हैं। शुक्रवार को हुई कमेटी बैठक में प्रस्ताव को सभी राजनैतिक दलों के सदस्यों ने एकमत से पारित किया। निगम आयुक्त से इन सभी मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की अपील भी की गई है।
बैठक के दौरान भवन विभाग के अधिकारियों पर लोगों को प्रताड़ित करने के आरोप लगे हैं। साथ ही मास्टर प्लान 2021 को लेकर भी काफी परेशान किया जा रहा है। इसके चलते बैठक में यह मांग रखी है कि भवन विभाग के गत वर्ष में जारी सभी सीलिंग आदेशों की जांच कराई जाए। इसमें कई अधिकारियों की मिलीभगत होने की शिकायतें मिल रही हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय उपायुक्त यह सुनिश्चित करें कि जो भवन मालिक नियमितीकरण करवाना चाहें उन्हें सीलिंग से पहले प्रक्रिया पूरी करने के लिए उचित समय दिया जाए।
इसके अलावा 11 अगस्त से 10 सितंबर के बीच सभी वार्ड में नियमितीकरण एवं कन्वर्जन चॉर्ज को लेकर शिविर लगाने की मांग भी रखी है। 15 सितंबर तक सीलिंग और अतिक्रमण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। इसके अलावा खतरनाक भवनों को नोटिस देने और अतिक्रमण के नाम पर लोगों को परेशानी से मुक्त कराने की मांग निगम प्रशासन से की है।
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आदेशों की जांच का प्रस्ताव
- उत्तरी दिल्ली कमेटी के सभी दलों के उपस्थित सदस्यों ने एकमत से किया पारित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शहरी एवं सदर क्षेत्र की वार्ड कमेटी ने सात सूत्रीय प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव में वार्ड में नियमितीकरण एवं कन्वर्जन चॉर्ज को लेकर शिविर लगाने और 15 सितंबर तक सीलिंग और अतिक्रमण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग शामिल हैं। शुक्रवार को हुई कमेटी बैठक में प्रस्ताव को सभी राजनैतिक दलों के सदस्यों ने एकमत से पारित किया। निगम आयुक्त से इन सभी मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की अपील भी की गई है।
बैठक के दौरान भवन विभाग के अधिकारियों पर लोगों को प्रताड़ित करने के आरोप लगे हैं। साथ ही मास्टर प्लान 2021 को लेकर भी काफी परेशान किया जा रहा है। इसके चलते बैठक में यह मांग रखी है कि भवन विभाग के गत वर्ष में जारी सभी सीलिंग आदेशों की जांच कराई जाए। इसमें कई अधिकारियों की मिलीभगत होने की शिकायतें मिल रही हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय उपायुक्त यह सुनिश्चित करें कि जो भवन मालिक नियमितीकरण करवाना चाहें उन्हें सीलिंग से पहले प्रक्रिया पूरी करने के लिए उचित समय दिया जाए।
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इसके अलावा 11 अगस्त से 10 सितंबर के बीच सभी वार्ड में नियमितीकरण एवं कन्वर्जन चॉर्ज को लेकर शिविर लगाने की मांग भी रखी है। 15 सितंबर तक सीलिंग और अतिक्रमण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। इसके अलावा खतरनाक भवनों को नोटिस देने और अतिक्रमण के नाम पर लोगों को परेशानी से मुक्त कराने की मांग निगम प्रशासन से की है।
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