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बुखार नापने वाले थर्मामीटर से सरकार शुरू करेगी गुणवता तय
Updated Mon, 30 Jul 2018 08:24 PM IST
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हेडिंग- मरीजों को बुखार के बारे में मिलेगी सटीक जानकारी
बुखार नापने वाले थर्मामीटर से सरकार शुरू करेगी गुणवत्ता तय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का फैसला, प्रस्ताव पर ड्रग टेक्निकल बोर्ड ने दी स्वीकृति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पिछले काफी समय से चली आ रही मेडिकल उपकरणों की गुणवत्ता तय करने की प्रक्रिया अब बुखार नापने वाले थर्मामीटर से शुरू होने जा रही है। जल्द ही देश में बिकने वाले सामान्य और डिजिटल थर्मामीटर की गुणवत्ता तय होगी। ताकि मरीजों को बुखार के बारे में सटीक जानकारी मिल सके। लंबे समय से इन मशीनों की शिकायतें सरकार को मिल रही थी, जिन पर पिछले छह माह से कवायद चल रही थी। सूत्रों की मानें तो जल्द ही सरकार इस कवायद को पूरा कर मरीजों के हित का ध्यान रखते हुए मशीनों पर गुणवत्ता का पहरा लगाने वाली है। थर्मामीटर के अलावा केंद्र सरकार रक्तचाप और मधुमेह मापन उपकरणों को सबसे पहले गुणवत्ता के दायरे में ला रही है। बीते सप्ताह इसे लेकर हुई ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव भी पास हो चुका है। जल्द ही इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय निर्देश जारी कर सकता है।
गौरतलब है कि अभी तक भारतीय बाजार में बीमारियों को मापने के लिए कई तरह की मशीनें उपलब्ध हैं। महज 500 से लेकर 50 हजार रुपये तक में बिकने वाली इन मशीनों को लेकर अक्सर गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। कई बार बुखार ज्यादा होने पर भी मरीज को कम ताप की जानकारी थर्मामीटर से मिलती है। इतना ही नहीं रक्तचाप और मधुमेह की जानकारी देने वाली डिजिटल मशीनें भी कई बार मरीजों की कसौटी पर खरा नहीं उतरती।
भारतीय कंपनियों ने सरकार का दिया साथ
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक उपकरणों पर गुणवत्ता को लेकर कंपनियों से सलाह ली जा रही थी। अधिकारी के मुताबिक सरकार सबसे पहले छोटे, मगर बाजार में ज्यादा मांग वाले उपकरणों को इसके दायरे में लाना चाहती है। उन्होंने बताया कि थर्मामीटर आमतौर पर चीन से ज्यादा आता है।
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बुखार नापने वाले थर्मामीटर से सरकार शुरू करेगी गुणवत्ता तय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का फैसला, प्रस्ताव पर ड्रग टेक्निकल बोर्ड ने दी स्वीकृति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पिछले काफी समय से चली आ रही मेडिकल उपकरणों की गुणवत्ता तय करने की प्रक्रिया अब बुखार नापने वाले थर्मामीटर से शुरू होने जा रही है। जल्द ही देश में बिकने वाले सामान्य और डिजिटल थर्मामीटर की गुणवत्ता तय होगी। ताकि मरीजों को बुखार के बारे में सटीक जानकारी मिल सके। लंबे समय से इन मशीनों की शिकायतें सरकार को मिल रही थी, जिन पर पिछले छह माह से कवायद चल रही थी। सूत्रों की मानें तो जल्द ही सरकार इस कवायद को पूरा कर मरीजों के हित का ध्यान रखते हुए मशीनों पर गुणवत्ता का पहरा लगाने वाली है। थर्मामीटर के अलावा केंद्र सरकार रक्तचाप और मधुमेह मापन उपकरणों को सबसे पहले गुणवत्ता के दायरे में ला रही है। बीते सप्ताह इसे लेकर हुई ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव भी पास हो चुका है। जल्द ही इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय निर्देश जारी कर सकता है।
गौरतलब है कि अभी तक भारतीय बाजार में बीमारियों को मापने के लिए कई तरह की मशीनें उपलब्ध हैं। महज 500 से लेकर 50 हजार रुपये तक में बिकने वाली इन मशीनों को लेकर अक्सर गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। कई बार बुखार ज्यादा होने पर भी मरीज को कम ताप की जानकारी थर्मामीटर से मिलती है। इतना ही नहीं रक्तचाप और मधुमेह की जानकारी देने वाली डिजिटल मशीनें भी कई बार मरीजों की कसौटी पर खरा नहीं उतरती।
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भारतीय कंपनियों ने सरकार का दिया साथ
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक उपकरणों पर गुणवत्ता को लेकर कंपनियों से सलाह ली जा रही थी। अधिकारी के मुताबिक सरकार सबसे पहले छोटे, मगर बाजार में ज्यादा मांग वाले उपकरणों को इसके दायरे में लाना चाहती है। उन्होंने बताया कि थर्मामीटर आमतौर पर चीन से ज्यादा आता है।
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