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जीरो पीरियड में होगी दसवीं-बारहवीं की तैयारी
Updated Sat, 28 Jul 2018 10:09 PM IST
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जीरो पीरियड में होगी दसवीं-बारहवीं की तैयारी
- दसवीं कक्षा में गणित व साइंस विषय में बच्चे कमजोर
- बारहवीं में कमजोर विषय प्रत्येक स्कूल में अलग-अलग
- शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को जीरो पीरियड के अनुसार टाइम टेबल बनाने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के स्कूलों में अब दसवीं-बारहवीं कक्षाओं में कमजोर विषयों की पढ़ाई जीरो पीरियड से होगी। इस पीरियड में दसवीं कक्षा में गणित व साइंस विषय पर फोकस किया जाएगा। जबकि बारहवीं में स्कूल के अनुसार जिन-जिन विषयों में बच्चे कमजोर हैं, उन विषयों की तैयारी कराई जाएगी। दरअसल, शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी स्कूलों में जीरो पीरियड के अनुसार टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई कराने के लिए कहा है।
शिक्षा निदेशालय ने पाया कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 के दसवीं-बारहवीं के रिजल्ट में कुछ विषयों में छात्रों के प्रदर्शन को बेहतर करने की जरूरत है। ऐसा पाया गया कि दसवीं में गणित व साइंस विषय में बच्चे कमजोर हैं। जबकि बारहवीं में कमजोर विषय हर स्कूल में अलग-अलग हैं। निदेशालय का मानना है कि शुरुआत से इस तरह से बच्चों को अतिरिक्त पढ़ाई कराकर उनके प्रदर्शन में सुधार किया जा सकता है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त शिक्षा निदेशक की ओर से सभी सरकारी स्कूल प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि जीरो पीरियड के लिए भी टाइम टेबल बनाएं।
इस टाइम टेबल को तत्काल प्रभाव से दसवीं-बारहवीं में लागू किया जाए। इस पीरियड में दसवीं के गणित व साइंस पर फोकस हो, जबकि बारहवीं में स्कूल प्रमुख अपने स्कूल के रिजल्ट का विश्लेषण कर विषय का चयन करें। निदेशालय ने सभी जोन के अतिरिक्त उपशिक्षा निदेशक को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्कूलों में यह व्यवस्था लागू हो।
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- दसवीं कक्षा में गणित व साइंस विषय में बच्चे कमजोर
- बारहवीं में कमजोर विषय प्रत्येक स्कूल में अलग-अलग
- शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को जीरो पीरियड के अनुसार टाइम टेबल बनाने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के स्कूलों में अब दसवीं-बारहवीं कक्षाओं में कमजोर विषयों की पढ़ाई जीरो पीरियड से होगी। इस पीरियड में दसवीं कक्षा में गणित व साइंस विषय पर फोकस किया जाएगा। जबकि बारहवीं में स्कूल के अनुसार जिन-जिन विषयों में बच्चे कमजोर हैं, उन विषयों की तैयारी कराई जाएगी। दरअसल, शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी स्कूलों में जीरो पीरियड के अनुसार टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई कराने के लिए कहा है।
शिक्षा निदेशालय ने पाया कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 के दसवीं-बारहवीं के रिजल्ट में कुछ विषयों में छात्रों के प्रदर्शन को बेहतर करने की जरूरत है। ऐसा पाया गया कि दसवीं में गणित व साइंस विषय में बच्चे कमजोर हैं। जबकि बारहवीं में कमजोर विषय हर स्कूल में अलग-अलग हैं। निदेशालय का मानना है कि शुरुआत से इस तरह से बच्चों को अतिरिक्त पढ़ाई कराकर उनके प्रदर्शन में सुधार किया जा सकता है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त शिक्षा निदेशक की ओर से सभी सरकारी स्कूल प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि जीरो पीरियड के लिए भी टाइम टेबल बनाएं।
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इस टाइम टेबल को तत्काल प्रभाव से दसवीं-बारहवीं में लागू किया जाए। इस पीरियड में दसवीं के गणित व साइंस पर फोकस हो, जबकि बारहवीं में स्कूल प्रमुख अपने स्कूल के रिजल्ट का विश्लेषण कर विषय का चयन करें। निदेशालय ने सभी जोन के अतिरिक्त उपशिक्षा निदेशक को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्कूलों में यह व्यवस्था लागू हो।
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