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अब 12वीं में हिंदी केलिए 20 अंक का प्रैक्टिकल
Updated Wed, 18 Jul 2018 08:44 PM IST
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अब 12वीं में हिंदी के लिए 20 अंक का होगा प्रैक्टिकल
- शैक्षणिक सत्र 2018-19 से लागू, वर्ष 2019 में होगी परीक्षा
- भाषा की गहन समझ विकसित करने का प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं में हिंदी का 20 अंकों का प्रैक्टिकल होगा। जबकि 80 अंकों की थ्योरी की परीक्षा होगी। सीबीएसई ने चालू शैक्षणिक सत्र 2018-19 से इसे लागू किया है। वर्ष 2019 में इस प्रारूप के तहत छात्रों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। हिंदी विषय में प्रैक्टिकल को शामिल करने के पीछे बोर्ड का उद्देश्य बच्चों में भाषा की गहन समझ विकसित करना है।
दरअसल, बोर्ड का मानना है कि बच्चे भाषा को केवल लिखना ही नहीं सीखे बल्कि उसे ठीक तरीके से समझे। सीबीएसई सचिव अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि हिंदी में 20 अंकों का प्रैक्टिकल लाने का उद्ेश्य यह है कि बच्चे में साहित्यिक गतिविधियां विकसित किया जा सके। वह एक कहानी, एक कविता, नॉवेल बेहतर तरीके से लिख-पढ़ सकें। बच्चों की कम्यूनिकेशन स्किल अच्छी हो। साहित्य हमारी कम्यूनिकेशन स्किल को बढ़ाता है। ऐसे में यदि हिंदी में प्रैक्टिकल को शामिल किया गया है तो यह काफी प्रोग्रेसिव बदलाव है।
बताया जा रहा है कि प्रैक्टिकल परीक्षा फरवरी में होगी और प्रैक्टिकल में अच्छा प्रदर्शन कर छात्र अपने अंकों में भी इजाफा कर सकेंगे। वहीं, बोर्ड कुछ अन्य विषयों में भी प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू करने पर विचार कर रहा है।
- शैक्षणिक सत्र 2018-19 से लागू, वर्ष 2019 में होगी परीक्षा
- भाषा की गहन समझ विकसित करने का प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं में हिंदी का 20 अंकों का प्रैक्टिकल होगा। जबकि 80 अंकों की थ्योरी की परीक्षा होगी। सीबीएसई ने चालू शैक्षणिक सत्र 2018-19 से इसे लागू किया है। वर्ष 2019 में इस प्रारूप के तहत छात्रों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। हिंदी विषय में प्रैक्टिकल को शामिल करने के पीछे बोर्ड का उद्देश्य बच्चों में भाषा की गहन समझ विकसित करना है।
दरअसल, बोर्ड का मानना है कि बच्चे भाषा को केवल लिखना ही नहीं सीखे बल्कि उसे ठीक तरीके से समझे। सीबीएसई सचिव अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि हिंदी में 20 अंकों का प्रैक्टिकल लाने का उद्ेश्य यह है कि बच्चे में साहित्यिक गतिविधियां विकसित किया जा सके। वह एक कहानी, एक कविता, नॉवेल बेहतर तरीके से लिख-पढ़ सकें। बच्चों की कम्यूनिकेशन स्किल अच्छी हो। साहित्य हमारी कम्यूनिकेशन स्किल को बढ़ाता है। ऐसे में यदि हिंदी में प्रैक्टिकल को शामिल किया गया है तो यह काफी प्रोग्रेसिव बदलाव है।
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बताया जा रहा है कि प्रैक्टिकल परीक्षा फरवरी में होगी और प्रैक्टिकल में अच्छा प्रदर्शन कर छात्र अपने अंकों में भी इजाफा कर सकेंगे। वहीं, बोर्ड कुछ अन्य विषयों में भी प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू करने पर विचार कर रहा है।
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