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ओवैसी ने कश्मीर पर यूएन रिपोर्ट नकारी, केंद्र का किया समर्थन
Updated Sat, 16 Jun 2018 09:31 PM IST
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कश्मीर पर यूएन रिपोर्ट के विरोध में मोदी सरकार को ओवैसी का समर्थन
एजेंसी
हैदराबाद।
अधिकतर मौकों पर केंद्र सरकार का विरोध करने वाले एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी शनिवार को उसके समर्थन में दिखाई दिए। ओवैसी ने कश्मीर में मानवाधिकार हनन पर पेश की गई संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट पर केंद्र सरकार के रुख का समर्थन किया और कहा कि ये देश का आंतरिक मामला है। केंद्र सरकार पहले ही इस रिपोर्ट पर संयुक्त राष्ट्र में विरोध दर्ज करा चुकी है।
हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने शुक्रवार को यहां मक्का मस्जिद में मौजूद नमाजियों को संबोधित करते हुए कहा, ये देश की संप्रभुता का मुद्दा है। भारत का कोई अंदरुनी मुद्दा होगा तो में अपनी आखिरी सांस तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करूंगा। लेकिन जब बात देश की होगी तो हम सरकार को समर्थन करेंगे, चाहे किसी भी दल की सरकार सत्ता में हो। उन्होंने कहा, वैश्विक संस्था हमारे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। ओवैसी ने कहा, देश में स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग है। हमारा दल इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ खड़ा है। हालांकि उन्होंने यूएन के मानवाधिकार राजदूत की रिपोर्ट को भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के राजनयिक मोर्चे पर फेल होने का नतीजा बताया।
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एजेंसी
हैदराबाद।
अधिकतर मौकों पर केंद्र सरकार का विरोध करने वाले एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी शनिवार को उसके समर्थन में दिखाई दिए। ओवैसी ने कश्मीर में मानवाधिकार हनन पर पेश की गई संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट पर केंद्र सरकार के रुख का समर्थन किया और कहा कि ये देश का आंतरिक मामला है। केंद्र सरकार पहले ही इस रिपोर्ट पर संयुक्त राष्ट्र में विरोध दर्ज करा चुकी है।
हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने शुक्रवार को यहां मक्का मस्जिद में मौजूद नमाजियों को संबोधित करते हुए कहा, ये देश की संप्रभुता का मुद्दा है। भारत का कोई अंदरुनी मुद्दा होगा तो में अपनी आखिरी सांस तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करूंगा। लेकिन जब बात देश की होगी तो हम सरकार को समर्थन करेंगे, चाहे किसी भी दल की सरकार सत्ता में हो। उन्होंने कहा, वैश्विक संस्था हमारे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। ओवैसी ने कहा, देश में स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग है। हमारा दल इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ खड़ा है। हालांकि उन्होंने यूएन के मानवाधिकार राजदूत की रिपोर्ट को भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के राजनयिक मोर्चे पर फेल होने का नतीजा बताया।
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