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चुनाव के लिए मांगी 15 बसें तो छलका संचालक का दर्द
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नोएडा (हर्ष मिश्रा)। परिवहन विभाग ने जिले में चुनावी ड्यूटी पर लगाने के लिए छोटे-बड़े मिलाकर 1000 से ज्यादा वाहनों की मांग की है। विभाग ने इस बारे में कई ट्रांसपोर्टरों और संचालकों को सूचित कर दिया है। अब जिले के कई वाहन स्वामियों ने परिवहन विभाग के सामने अपना दर्द बया किया है।
दरअसल, बीते दो वर्षों में कोरोना महामारी के दौरान कई ट्रांसपोर्टर खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहे हैं। ऐसे ट्रांसपोर्टर जिन्होंने अपने वाहनों पर बैंकों से लोन लिया है, वह इस दौरान ज्यादा प्रभावित भी हुए हैं। शुक्रवार को एआरटीओ कार्यालय पहुंचे दिल्ली निवासी बस संचालक इंदरपाल सिंह ने बताया कि उनके 35 वाहन नोएडा के एक स्कूल में संचालित होते हैं। इन वाहनों के लिए उन्होंने बैंक से करोड़ों रुपये कर्ज भी ले रखे हैं। कोविड संक्रमण के कारण दो साल से सभी वाहन स्कूल में ही खड़े हैं। उनका किसी भी तरह से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। बैंक के लोन भरने की वजह से उनकी आर्थिक स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई है। अब बैंक का लोन चुकाने के लिए भी उनके पास पैसे नहीं है। बैंक ने उनके खिलाफ दर्जनों नोटिस जारी कर दिए हैं। इंदरपाल सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग ने चुनावों के लिए उनसे 15 वाहनों की मांग की है। दो साल से खड़े होने की वजह से वाहनों की स्थिति ठीक नहीं है। कई वाहनों के टायर भी गल चुके हैं। उनकी हालत सुधारने में भी लाखों का खर्च आएगा। ऐसी स्थिति में किस प्रकार 15 वाहन दे पाएंगे। एआरटीओ ने अब इंदरपाल को थोड़ी राहत देते हुए 8 वाहनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
समस्या तो सुनी गई लेकिन समाधान नहीं निकाला गया है। आर्थिक हालात इतनी ज्यादा खराब है कि एक भी वाहन नहीं जुटा सकता। अब कोई कर्ज भी नहीं देगा। समझ नहीं आ रहा, अब क्या करूं। - इंदरपाल सिंह, बस संचालक
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चुनाव के लिए लगेंगे 1000 से अधिक वाहन
परिवहन विभाग ने चुनावों के लिए 417 बसें और 620 छोटे वाहनों की मांग की है। इसके लिए जिले में जिन वाहनों का अधिग्रहण किया जाना है, उन्हें परिवहन विभाग ने सूचित कर दिया है। एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय का कहना है कि ऐसे वाहन स्वामी जो चुनावों में अपने वाहन नहीं देंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल, बीते दो वर्षों में कोरोना महामारी के दौरान कई ट्रांसपोर्टर खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहे हैं। ऐसे ट्रांसपोर्टर जिन्होंने अपने वाहनों पर बैंकों से लोन लिया है, वह इस दौरान ज्यादा प्रभावित भी हुए हैं। शुक्रवार को एआरटीओ कार्यालय पहुंचे दिल्ली निवासी बस संचालक इंदरपाल सिंह ने बताया कि उनके 35 वाहन नोएडा के एक स्कूल में संचालित होते हैं। इन वाहनों के लिए उन्होंने बैंक से करोड़ों रुपये कर्ज भी ले रखे हैं। कोविड संक्रमण के कारण दो साल से सभी वाहन स्कूल में ही खड़े हैं। उनका किसी भी तरह से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। बैंक के लोन भरने की वजह से उनकी आर्थिक स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई है। अब बैंक का लोन चुकाने के लिए भी उनके पास पैसे नहीं है। बैंक ने उनके खिलाफ दर्जनों नोटिस जारी कर दिए हैं। इंदरपाल सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग ने चुनावों के लिए उनसे 15 वाहनों की मांग की है। दो साल से खड़े होने की वजह से वाहनों की स्थिति ठीक नहीं है। कई वाहनों के टायर भी गल चुके हैं। उनकी हालत सुधारने में भी लाखों का खर्च आएगा। ऐसी स्थिति में किस प्रकार 15 वाहन दे पाएंगे। एआरटीओ ने अब इंदरपाल को थोड़ी राहत देते हुए 8 वाहनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
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समस्या तो सुनी गई लेकिन समाधान नहीं निकाला गया है। आर्थिक हालात इतनी ज्यादा खराब है कि एक भी वाहन नहीं जुटा सकता। अब कोई कर्ज भी नहीं देगा। समझ नहीं आ रहा, अब क्या करूं। - इंदरपाल सिंह, बस संचालक
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चुनाव के लिए लगेंगे 1000 से अधिक वाहन
परिवहन विभाग ने चुनावों के लिए 417 बसें और 620 छोटे वाहनों की मांग की है। इसके लिए जिले में जिन वाहनों का अधिग्रहण किया जाना है, उन्हें परिवहन विभाग ने सूचित कर दिया है। एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय का कहना है कि ऐसे वाहन स्वामी जो चुनावों में अपने वाहन नहीं देंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।