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12वीं पास ने 200 लोगों से की 20 करोड़ की ठगी
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नोएडा। साइबर ठगी करने वाले जामताड़ा गिरोह के दो अंतरराज्यीय जालसाजों को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रविवार को दिल्ली से गिरफ्तार किए गए दोनों की पहचान दुमका झारखंड निवासी प्रदीप मंडल और दिल्ली निवासी मोनू बंसल के रूप में हुई है। दोनों आरोपी 200 से अधिक लोगों से करीब 20 करोड़ की ठगी कर चुके हैं। जामताड़ा से संचालित किए जाने वाले गिरोह में 24 से ज्यादा बदमाश शामिल हैं। जिनकी तलाश की जा रही है। प्रदीप मंडल 12वीं पास है।
यूपी साइबर क्राइम के एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि गाजियाबाद निवासी सुबीर शंकर ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक 7 जून 2021 को सुबीर के पास अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को एयरटेल का मैनेजर बताकर सिम का केवाईसी तुरंत अपडेट कराने को कहा। कॉलर ने सुबीर को झांसे में लेकर कई जानकारी ले ली और खाते से 2 लाख 12 हजार रुपये निकाल लिए थे। मामले की जांच के बाद साइबर क्राइम पुलिस की इंस्पेक्टर रीता यादव की टीम ने जामताड़ा मॉड्यूल से जुड़े प्रदीप मंडल और मोनू बंसल को दिल्ली से रविवार को गिरफ्तार कर लिया। प्रदीप मंडल के बैंक खाते से 80 लाख और मोनू के खाते से 15 लाख का ट्रांजेक्शन पाया गया है। एसीपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि दोनों ने पिछले 4-5 वर्षों में 20 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। एसपी ने बताया कि ये आरोपी जामताड़ा मॉड्यूल से जुड़े हैं। आरोपी ठगी के लिए किराये पर सिम, किराये पर खाता लेकर और झारखंड के गांव व जंगलों से फोन कर लोगों के साथ ठगी करते थे।
एप डाउनलोड कराने से लेेकर लॉटरी के नाम पर करते हैं ठगी
साइबर क्राइम थाने की प्रभारी रीता यादव ने बताया कि आरोपी हर तरह की साइबर जालसाजी करते हैं। कभी केवाईसी अपडेट के नाम पर तो कभी एप डाउनलोड कराकर ठगी करते हैं। गिरोह के बदमाश कभी कौन बनेगा करोड़पति में लॉटरी निकलने तो कभी कीमती जूलरी भेजने के नाम पर जालसाजी करते थे। ठगी के बाद किराये के लिए गए खातों में पैसों का ट्रांजैक्शन करते हैं। इसके बाद इस खाते से दूसरे खाते में पैसे भेज देते हैं। कई बार इन पैसों से खरीदारी कर सामान बेच देते हैं।
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साइबर ठगी का उस्ताद है आरोपी,
एसपी साइबर क्राइम डा. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि प्रदीप 12वीं पास है और साइबर क्राइम में एक्सपर्ट है। वह लगभग पांच वर्षों से इस तरह की ठगी कर रहा है। प्रदीप वर्ष 2019 में भी दिल्ली के दरियागंज व जगतपुरी थाने से जेल जा चुका है। प्रदीप का मामा प्रमोद भी जालसाजी में जेल में बंद है। वहीं गिरफ्तार दूसरा आरोपी मोनू बंसल कपड़ों के लेबल टैग का व्यापार करता था। व्यापार के दौरान ही उसकी मुलाकात प्रदीप से हुई और उसने कमीशन पर क्रेडिट कार्ड व खाते उपलब्ध कराता था।
जामताड़ा से संचालित होता है गिरोह
एसपी डा. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि जामताड़ा साइबर ठगी का बड़ा केंद्र है और इस गिरोह में 24 से अधिक बदमाश हैं। गिरोह में सभी का अलग-अलग काम था। काम के हिसाब से सभी को कमीशन दिया जाता है। कोई कॉलिंग का काम करता था तो कोई खाता उपलब्ध कराता था।
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यूपी साइबर क्राइम के एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि गाजियाबाद निवासी सुबीर शंकर ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक 7 जून 2021 को सुबीर के पास अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को एयरटेल का मैनेजर बताकर सिम का केवाईसी तुरंत अपडेट कराने को कहा। कॉलर ने सुबीर को झांसे में लेकर कई जानकारी ले ली और खाते से 2 लाख 12 हजार रुपये निकाल लिए थे। मामले की जांच के बाद साइबर क्राइम पुलिस की इंस्पेक्टर रीता यादव की टीम ने जामताड़ा मॉड्यूल से जुड़े प्रदीप मंडल और मोनू बंसल को दिल्ली से रविवार को गिरफ्तार कर लिया। प्रदीप मंडल के बैंक खाते से 80 लाख और मोनू के खाते से 15 लाख का ट्रांजेक्शन पाया गया है। एसीपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि दोनों ने पिछले 4-5 वर्षों में 20 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। एसपी ने बताया कि ये आरोपी जामताड़ा मॉड्यूल से जुड़े हैं। आरोपी ठगी के लिए किराये पर सिम, किराये पर खाता लेकर और झारखंड के गांव व जंगलों से फोन कर लोगों के साथ ठगी करते थे।
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एप डाउनलोड कराने से लेेकर लॉटरी के नाम पर करते हैं ठगी
साइबर क्राइम थाने की प्रभारी रीता यादव ने बताया कि आरोपी हर तरह की साइबर जालसाजी करते हैं। कभी केवाईसी अपडेट के नाम पर तो कभी एप डाउनलोड कराकर ठगी करते हैं। गिरोह के बदमाश कभी कौन बनेगा करोड़पति में लॉटरी निकलने तो कभी कीमती जूलरी भेजने के नाम पर जालसाजी करते थे। ठगी के बाद किराये के लिए गए खातों में पैसों का ट्रांजैक्शन करते हैं। इसके बाद इस खाते से दूसरे खाते में पैसे भेज देते हैं। कई बार इन पैसों से खरीदारी कर सामान बेच देते हैं।
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साइबर ठगी का उस्ताद है आरोपी,
एसपी साइबर क्राइम डा. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि प्रदीप 12वीं पास है और साइबर क्राइम में एक्सपर्ट है। वह लगभग पांच वर्षों से इस तरह की ठगी कर रहा है। प्रदीप वर्ष 2019 में भी दिल्ली के दरियागंज व जगतपुरी थाने से जेल जा चुका है। प्रदीप का मामा प्रमोद भी जालसाजी में जेल में बंद है। वहीं गिरफ्तार दूसरा आरोपी मोनू बंसल कपड़ों के लेबल टैग का व्यापार करता था। व्यापार के दौरान ही उसकी मुलाकात प्रदीप से हुई और उसने कमीशन पर क्रेडिट कार्ड व खाते उपलब्ध कराता था।
जामताड़ा से संचालित होता है गिरोह
एसपी डा. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि जामताड़ा साइबर ठगी का बड़ा केंद्र है और इस गिरोह में 24 से अधिक बदमाश हैं। गिरोह में सभी का अलग-अलग काम था। काम के हिसाब से सभी को कमीशन दिया जाता है। कोई कॉलिंग का काम करता था तो कोई खाता उपलब्ध कराता था।