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केएमपी पर बने अवैध कटों को बंद करने काम शुरू, वाहन चालकों ने अमर उजाला का जताया आभार
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:12 PM IST
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केएमपी पर बने अवैध कटों को बंद करने का काम शुरू
तावडू। कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे पर पर बने अवैध कट व रास्तों की वजह से वाहन चालकों को हो रही परेशानी को लेकर अमर उजाला ने 11 अगस्त के अपने अंक 'केएमपी पर बने अवैध कट बन रहे लोगों के लिए खतरा' नामक शीर्षक द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद अवैध कटों के प्रति लापरवाही बरतते केसीसी कंपनी के जिम्मेदारों की आंखें खुल गईं और रविवार को कंपनी ने एक्सप्रेस-वे पर बने अवैध कट व रास्तों को बंद करने के साथ-साथ सड़क के साथ तोड़ी गई ग्रिल को भी ठीक कराया गया इसके लिए वाहन चालकों व अन्य लोगों ने अमर उजाला का आभार प्रकट किया।
दरअसल, केएमपी बनने के बाद एक्सप्रेस-वे पर यातायात सुगम व वाहन की रफ्तार में काफी इजाफा हुआ है। एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालक यह सोच कर चलते है कि नियमानुसार करीब 5 किलोमीटर के बाद ही कोई कट आएगा लेकिन केएमपी एक्सप्रेस-वे के साथ बने अवैध ढाबों व दुकानों के संचालकों सहित आसपास के गांव के ग्रामीणों द्वारा अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार जगह जगह पर अवैध कट बना रखे है। वहीं सुरक्षा के लिहाज से सड़क के दोनों और लगाई गई लोहे की ग्रिल को भी इन्होंने तोड़ दिया है जिसकी वजह से एक्सप्रेस-वे पर चलने वाले वाहन चालकों के लिए अचानक किसी मावेशी व अन्य ग्रामीणों के वाहनों के आने के कारण हमेशा खतरा बना रहता था। कई बार अचानक वाहनों के आने के कारण दुर्घटना भी घटित हो चुकी है, जिसको लेकर जिम्मेदार भी आंखें मूंदे बैठे हुए थे
अमर उजाला ने अवैध कटों का मामला गत 11 अगस्त को अपने अंक में प्रमुखता से उठाया था। खबर का असर यह हुआ कि केएमपी एक्सप्रेस-वे की देखरेख करने वाली केसीसी कंपनी द्वारा बने अवैध कट व रास्तों पर कंक्रीट से बंद कराना शुरू कर दिया है। जबकि सड़क पर सुरक्षा को लेकर जगह-जगह पर तोड़ी गई टूटी लोह की ग्रिल को भी वेल्डिंग से जोड़ा जा रहा है। एक्सप्रेस-वे पर काम कर रहे केसीसी कंपनी के अखिलेश ने बताया कि कंपनी द्वारा अवैध कटों को बंद किया जा रहा है, जिसके लिए करीब एक दर्जन मजदूर कटों को बंद करने का काम कर रहे है। अधिकांश कटों को बंद कर दिया गया है। जल्द ही बाकी को भी बंद कर दिया जायेगा।
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तावडू। कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे पर पर बने अवैध कट व रास्तों की वजह से वाहन चालकों को हो रही परेशानी को लेकर अमर उजाला ने 11 अगस्त के अपने अंक 'केएमपी पर बने अवैध कट बन रहे लोगों के लिए खतरा' नामक शीर्षक द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद अवैध कटों के प्रति लापरवाही बरतते केसीसी कंपनी के जिम्मेदारों की आंखें खुल गईं और रविवार को कंपनी ने एक्सप्रेस-वे पर बने अवैध कट व रास्तों को बंद करने के साथ-साथ सड़क के साथ तोड़ी गई ग्रिल को भी ठीक कराया गया इसके लिए वाहन चालकों व अन्य लोगों ने अमर उजाला का आभार प्रकट किया।
दरअसल, केएमपी बनने के बाद एक्सप्रेस-वे पर यातायात सुगम व वाहन की रफ्तार में काफी इजाफा हुआ है। एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालक यह सोच कर चलते है कि नियमानुसार करीब 5 किलोमीटर के बाद ही कोई कट आएगा लेकिन केएमपी एक्सप्रेस-वे के साथ बने अवैध ढाबों व दुकानों के संचालकों सहित आसपास के गांव के ग्रामीणों द्वारा अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार जगह जगह पर अवैध कट बना रखे है। वहीं सुरक्षा के लिहाज से सड़क के दोनों और लगाई गई लोहे की ग्रिल को भी इन्होंने तोड़ दिया है जिसकी वजह से एक्सप्रेस-वे पर चलने वाले वाहन चालकों के लिए अचानक किसी मावेशी व अन्य ग्रामीणों के वाहनों के आने के कारण हमेशा खतरा बना रहता था। कई बार अचानक वाहनों के आने के कारण दुर्घटना भी घटित हो चुकी है, जिसको लेकर जिम्मेदार भी आंखें मूंदे बैठे हुए थे
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अमर उजाला ने अवैध कटों का मामला गत 11 अगस्त को अपने अंक में प्रमुखता से उठाया था। खबर का असर यह हुआ कि केएमपी एक्सप्रेस-वे की देखरेख करने वाली केसीसी कंपनी द्वारा बने अवैध कट व रास्तों पर कंक्रीट से बंद कराना शुरू कर दिया है। जबकि सड़क पर सुरक्षा को लेकर जगह-जगह पर तोड़ी गई टूटी लोह की ग्रिल को भी वेल्डिंग से जोड़ा जा रहा है। एक्सप्रेस-वे पर काम कर रहे केसीसी कंपनी के अखिलेश ने बताया कि कंपनी द्वारा अवैध कटों को बंद किया जा रहा है, जिसके लिए करीब एक दर्जन मजदूर कटों को बंद करने का काम कर रहे है। अधिकांश कटों को बंद कर दिया गया है। जल्द ही बाकी को भी बंद कर दिया जायेगा।
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