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कोलकाता- मुकुल राय ने कहा पार्टी छोड़ेंगे
Updated Mon, 25 Sep 2017 05:55 PM IST
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मुकुल रॉय तृणमूल से छह
साल के लिए निलंबित
- रॉय ने पार्टी छोड़ने का किया था एलान
- कहा, पूजा के बाद करेंगे खुलासा, इस्तीफा क्यों दिया
अमर उजाला ब्यूरो
कोलकाता। कभी ममता बनर्जी के दाहिने हाथ रहे तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मुकुल रॉय ने सोमवार को पार्टी छोड़ने का एलान किया। उसके कुछ देर बाद ही तृणमूल कांग्रेस ने उनको पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निलंबित कर दिया है।
पार्टी महासचिव पार्थ चटर्जी ने बताया कि रॉय कुछ समय से पार्टी को कमजोर करने का प्रयास कर रहे थे। पार्टी की अनुशासन समिति ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने के बाद पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से रॉय को सजा देने की सिफारिश की। उसके बाद उनको छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया।
ध्यान रहे कि बीते साल से मुकुल रॉय को पार्टी में कोई खास तवज्जो नहीं मिल रही थी। ममता ने बीते दिनों उनको पार्टी के उपाध्यक्ष पद, राज्यसभा में पार्टी के नेता के साथ ही तमाम संसदीय समितियों से भी हटा दिया था। उसके बाद रॉय ने राज्य सरकार की ओर से मिली सुरक्षा भी लौटा दी थी। 21 जुलाई को यहां तृणमूल कांग्रेस की सालाना शहीद रैली में मंच पर मौजूद होने के बावजूद रॉय को बोलने का मौका तक नहीं दिया गया। उसके बाद उनकी भाजपा में जाने की भी अफवाहें उड़ती रहीं। बीते सप्ताह ही तृणमूल कांग्रेस ने भाजपाइयों से मेल-जोल बढ़ाने के लिए उनकी खिंचाई की थी।
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रॉय ने सुबह पत्रकारों को बताया कि तृणमूल के गठन के समय वे हस्ताक्षरकर्ताओं में से एक थे। लेकिन अब उन्होंने भारी मन से आज कार्यकारी समिति से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने पूजा के बाद पार्टी की प्राथमिक सदस्यता व राज्यसभा से भी इस्तीफा देने का एलान किया। राय ने कहा कि वे पूजा के बाद ही इसका खुलासा करेंगे कि उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला क्यों किया और इसके लिए उन पर कैसा दबाव था। उन्होंने कहा कि पार्टी के संस्थापकों में से एक होने के बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही थी और कोई अहम पद नहीं दिया जा रहा था। क्या वे भाजपा में शामिल होंगे? इस सवाल पर रॉय ने कहा कि उनको जो कहना है, पूजा के बाद ही कहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग दुर्गा पूजा के दौरान राजनीतिक विवाद नहीं चाहते।
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साल के लिए निलंबित
- रॉय ने पार्टी छोड़ने का किया था एलान
- कहा, पूजा के बाद करेंगे खुलासा, इस्तीफा क्यों दिया
अमर उजाला ब्यूरो
कोलकाता। कभी ममता बनर्जी के दाहिने हाथ रहे तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मुकुल रॉय ने सोमवार को पार्टी छोड़ने का एलान किया। उसके कुछ देर बाद ही तृणमूल कांग्रेस ने उनको पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निलंबित कर दिया है।
पार्टी महासचिव पार्थ चटर्जी ने बताया कि रॉय कुछ समय से पार्टी को कमजोर करने का प्रयास कर रहे थे। पार्टी की अनुशासन समिति ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने के बाद पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से रॉय को सजा देने की सिफारिश की। उसके बाद उनको छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया।
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ध्यान रहे कि बीते साल से मुकुल रॉय को पार्टी में कोई खास तवज्जो नहीं मिल रही थी। ममता ने बीते दिनों उनको पार्टी के उपाध्यक्ष पद, राज्यसभा में पार्टी के नेता के साथ ही तमाम संसदीय समितियों से भी हटा दिया था। उसके बाद रॉय ने राज्य सरकार की ओर से मिली सुरक्षा भी लौटा दी थी। 21 जुलाई को यहां तृणमूल कांग्रेस की सालाना शहीद रैली में मंच पर मौजूद होने के बावजूद रॉय को बोलने का मौका तक नहीं दिया गया। उसके बाद उनकी भाजपा में जाने की भी अफवाहें उड़ती रहीं। बीते सप्ताह ही तृणमूल कांग्रेस ने भाजपाइयों से मेल-जोल बढ़ाने के लिए उनकी खिंचाई की थी।
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रॉय ने सुबह पत्रकारों को बताया कि तृणमूल के गठन के समय वे हस्ताक्षरकर्ताओं में से एक थे। लेकिन अब उन्होंने भारी मन से आज कार्यकारी समिति से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने पूजा के बाद पार्टी की प्राथमिक सदस्यता व राज्यसभा से भी इस्तीफा देने का एलान किया। राय ने कहा कि वे पूजा के बाद ही इसका खुलासा करेंगे कि उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला क्यों किया और इसके लिए उन पर कैसा दबाव था। उन्होंने कहा कि पार्टी के संस्थापकों में से एक होने के बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही थी और कोई अहम पद नहीं दिया जा रहा था। क्या वे भाजपा में शामिल होंगे? इस सवाल पर रॉय ने कहा कि उनको जो कहना है, पूजा के बाद ही कहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग दुर्गा पूजा के दौरान राजनीतिक विवाद नहीं चाहते।