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तीन तलाक बिल के विरोध में महिलाएं 3 को निकालेंगी रैली
Updated Sat, 31 Mar 2018 05:31 PM IST
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तीन तलाक बिल के खिलाफ महिलाएं 3 को निकालेंगी रैली
केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक पर बनाए गए बिल के विरोध में तीन अप्रैल को साकरस गांव की महिलाएं मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के बैनर तले रैली निकालेंगी और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगी।
जमीयत उलमा साकरस के सदर मुफ्ती सलीम अहमद साकरस, हलका मांड़ीखेड़ा के सदर मौलाना साबिर कासमी ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने तीन तलाक पर जो बिल पारित किया है, उसका मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड एवं मुस्लिम महिलाएं जमकर विरोध कर रही हैं। अपनी आवाज को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए ही महिलाएं प्रदर्शन करेंगी। इस प्रदर्शन एवं उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने से ही उनकी आवाज केंद्र की हुकूमत तक पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर कानून पारित कर केंद्र सरकार मुस्लिम महिलाओं के साथ अत्याचार कर रही है। तलाक के बाद जब मुस्लिम खवातीनों के शौहर जेल में चले जाएंगे तो उनके परिवार की गुजर-बसर कौन करेगा, यह अहम परेशानी है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इस बिल में काफी सारी खामियां हैं। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनके सहयोगी केंद्रीय मंत्रियों को चाहिए कि वे शरीयत के मामलों में दखलअंदाजी न करें।
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केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक पर बनाए गए बिल के विरोध में तीन अप्रैल को साकरस गांव की महिलाएं मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के बैनर तले रैली निकालेंगी और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगी।
जमीयत उलमा साकरस के सदर मुफ्ती सलीम अहमद साकरस, हलका मांड़ीखेड़ा के सदर मौलाना साबिर कासमी ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने तीन तलाक पर जो बिल पारित किया है, उसका मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड एवं मुस्लिम महिलाएं जमकर विरोध कर रही हैं। अपनी आवाज को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए ही महिलाएं प्रदर्शन करेंगी। इस प्रदर्शन एवं उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने से ही उनकी आवाज केंद्र की हुकूमत तक पहुंचेगी।
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उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर कानून पारित कर केंद्र सरकार मुस्लिम महिलाओं के साथ अत्याचार कर रही है। तलाक के बाद जब मुस्लिम खवातीनों के शौहर जेल में चले जाएंगे तो उनके परिवार की गुजर-बसर कौन करेगा, यह अहम परेशानी है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इस बिल में काफी सारी खामियां हैं। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनके सहयोगी केंद्रीय मंत्रियों को चाहिए कि वे शरीयत के मामलों में दखलअंदाजी न करें।
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