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जिले में बेटियों के लिए मिसाल बनीं 11 बहनें

Sun, 07 Mar 2021 11:08 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 07 Mar 2021 11:08 PM IST
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11 sisters become an example for daughters in the district
नूंह खंड के गांव चंदेनी निवासी 11 बहनें। - फोटो : Mewat
यूनुस अल्वी
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पुन्हाना। एक ओर जहां नूंह जिला प्रदेश में साक्षरता के मामले में काफी पीछे है, वहीं दूसरी ओर गांव चंदेनी की 11 सगी बहनों ने उच्च शिक्षा हासिल कर जिले की बेटियों के लिए मिसाल पेश की है। सभी बहनें किसी न किसी क्षेत्र में अच्छे मुकाम पर हैं। इनमें से चार सरकारी शिक्षिका, एक लेक्चरार, तीन प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका, एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर ट्रेनर, एक होम डेकोर कंपनी में सीनियर अधिकारी व एक उच्च शिक्षित होने के साथ ही गृहणी हैं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, जिले की साक्षरता दर केवल 24.26 फीसदी है। वहीं, देहात में केवल 8 फीसदी है। जोकि, प्रदेश में सबसे कम है। इस समय मेवात के तीन दर्जन से अधिक गर्ल्स स्कूल बिना अध्यापकों के चल रहे हैं। ऐसे में मां-बाप अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए राजी नहीं होते हैं। इन सभी बाधाओं के बावजूद नूंह खंड गांव चंदेनी निवासी मरहूम नियाज खां ने समाज की परवाह किए बगैर 11 बेटियों को उच्च शिक्षा दिलवाई। मरहूम रियाज खां की बड़ी बेटी नफीसा ने फोन पर बताया कि उनके पिता पंजाब वक्फ बोर्ड में राजस्व अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। पिता ने हमेशा सभी बहनों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया। नफीसा ने बताया कि वर्ष 1992 में पिता को करंट लग गया था। इस कारण उनका दाहिना हाथ खराब हो गया था। वर्ष 1993 में पिताजी नूंह में शिफ्ट हो गए। इसके बाद सभी बहनों ने नूंह से ही शिक्षा ग्रहण की। वहीं, बेटी शबनम का कहना है कि उनके पिता ने सभी को पढ़ाकर समाज में एक मिसाल पेश की है। लेकिन, मेवात में दहेज के आगे शिक्षा का कोई महत्व नहीं है। वह एक अध्यापक हैं और दहेज से ज्यादा शिक्षा को तवज्जो देने के प्रति लोगों को जागरूक भी कर रही हैं।
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दीन मोहम्मद मामलीका, उमर मोहम्मद पाड़ला, सहूद मैनेजर बादली का कहना है कि मरहूम रियाज खान ने अपनी सभी 11 बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाकर मेवात में एक मिसाल कायम की है। इलाके के अन्य लोगों को भी इन 11 बेटियों से सबक लेकर अपनी बेटियों को पढ़ाना चाहिए। उन्होंने सरकार से इन 11 बहनों को ‘बेटी बचाव-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के लिए ब्रांड एंबेसडर बनाने की मांग की है। (संवाद)
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