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सब्जियों में डाले जा रहे कीटनाशक होंगे प्रतिबंधित
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10 कीटनाशक दवाओं का दुरुपयोग, जल्द लगेगा प्रतिबंध
नोएडा। एनसीआर में लगातार खेती कम होती जा रही है। वहीं, किसान कम जमीन पर अधिक फसल उगाने की चाहत में कीटनाशक दवाओं का प्रयोग ज्यादा मात्रा में कर रहे हैं। सबसे ज्यादा सब्जियों में इनका इस्तेमाल होता है। इससे कैंसर समेत कई बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यही कारण है कि अब भारत सरकार ने फोरेट-10 समेत करीब 10 दवाओं पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। कुछ ही दिनों में इन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
दरअसल, एनसीआर को लगातार विकसित किया जा रहा है। काफी जमीनों का अधिग्रहण किया जा चुका है। किसान जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों पर अधिक पैदावार के लिए कीटनाशक दवाओं का ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे में पैदावार तो बढ़ती है, लेकिन इससे कैंसर जैसे रोग भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
मर जाते हैं सांप
खेतों में सांप और छछूंदर को भगाने के लिए फोरेट-10 दवा को ईजाद किया गया। हालांकि, इसके प्रयोग से जब सांप मरने लगे तो किसानों नेे फसल की बुवाई से पहले इसे खेतों में छिड़कना शुरू कर दिया। इस दवा को खेत में डालने के बाद फसलों में कीड़े नहीं लगते, लेकिन जब दूसरी फसल लगाई जाती है तो वह मर जाते हैं। जानकारी मिलने पर कृषि विभाग ने गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करना शुरू किया। बावजूद इसके किसान इनका प्रयोग कर रहे हैं।
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पंजाब में कम हुआ दवाओं का प्रयोग
अधिकारियों ने बताया कि पंजाब के किसानों ने अधिक पैदावार के लिए भारी मात्रा में कीटनाशक और रसायनिक खाद का प्रयोग किया। इससे फसल की पैदावार तो बढ़ी, लेकिन उसी औसत से रोगियों की संख्या भी बढ़ी। जब किसानों को इन दवाओं की असलियत पता चली तो उन्होंने इसका प्रयोग कम कर दिया है।
इन दवाओं पर लगेगा प्रतिबंध
फोरेट-10जी, इंडोसल्फान, मोनोप्रोटोकॉस, बैंजिन हेक्साक्लोराइड व मेलाथियेन समेत करीब 10 दवाओं पर भारत सरकार जल्द प्रतिबंध लगाएगी।
कीट, सांप, छछूंदर के लिए बनाई गई दवाओं का किसान पैदावार बढ़ाने के लिए प्रयोग कर रहे हैं। जो इंसान के लिए बहुत हानिकारक है। ऐसे में फोरेट-10 समेत 10 दवाओं पर भारत सरकार प्रतिबंध लगाने जा रही है।
डॉ. मनवीर सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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नोएडा। एनसीआर में लगातार खेती कम होती जा रही है। वहीं, किसान कम जमीन पर अधिक फसल उगाने की चाहत में कीटनाशक दवाओं का प्रयोग ज्यादा मात्रा में कर रहे हैं। सबसे ज्यादा सब्जियों में इनका इस्तेमाल होता है। इससे कैंसर समेत कई बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यही कारण है कि अब भारत सरकार ने फोरेट-10 समेत करीब 10 दवाओं पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। कुछ ही दिनों में इन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
दरअसल, एनसीआर को लगातार विकसित किया जा रहा है। काफी जमीनों का अधिग्रहण किया जा चुका है। किसान जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों पर अधिक पैदावार के लिए कीटनाशक दवाओं का ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे में पैदावार तो बढ़ती है, लेकिन इससे कैंसर जैसे रोग भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
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मर जाते हैं सांप
खेतों में सांप और छछूंदर को भगाने के लिए फोरेट-10 दवा को ईजाद किया गया। हालांकि, इसके प्रयोग से जब सांप मरने लगे तो किसानों नेे फसल की बुवाई से पहले इसे खेतों में छिड़कना शुरू कर दिया। इस दवा को खेत में डालने के बाद फसलों में कीड़े नहीं लगते, लेकिन जब दूसरी फसल लगाई जाती है तो वह मर जाते हैं। जानकारी मिलने पर कृषि विभाग ने गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करना शुरू किया। बावजूद इसके किसान इनका प्रयोग कर रहे हैं।
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पंजाब में कम हुआ दवाओं का प्रयोग
अधिकारियों ने बताया कि पंजाब के किसानों ने अधिक पैदावार के लिए भारी मात्रा में कीटनाशक और रसायनिक खाद का प्रयोग किया। इससे फसल की पैदावार तो बढ़ी, लेकिन उसी औसत से रोगियों की संख्या भी बढ़ी। जब किसानों को इन दवाओं की असलियत पता चली तो उन्होंने इसका प्रयोग कम कर दिया है।
इन दवाओं पर लगेगा प्रतिबंध
फोरेट-10जी, इंडोसल्फान, मोनोप्रोटोकॉस, बैंजिन हेक्साक्लोराइड व मेलाथियेन समेत करीब 10 दवाओं पर भारत सरकार जल्द प्रतिबंध लगाएगी।
कीट, सांप, छछूंदर के लिए बनाई गई दवाओं का किसान पैदावार बढ़ाने के लिए प्रयोग कर रहे हैं। जो इंसान के लिए बहुत हानिकारक है। ऐसे में फोरेट-10 समेत 10 दवाओं पर भारत सरकार प्रतिबंध लगाने जा रही है।
डॉ. मनवीर सिंह, जिला कृषि अधिकारी