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नोएडा में बनेंगे मेट्रो के ईको फ्रेंडली टावर
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 17 Jul 2014 01:47 PM IST
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नोएडा में बहुमंजिला इमारतों के बीच दिल्ली मेट्रो के ईको फ्रेंडली टावर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। नोएडा के सेक्टर 50 में दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) अपनी रिहायशी इमारत खड़ी करने जा रहा है।
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करीब 130 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया जाएगा। यह इमारत पूरी तरह से ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट पर आधारित होगी।
ग्रीन बिल्डिंग बनाने की दिशा में शहर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले दो साल में 20 से ज्यादा प्रोजेक्ट इस फॉर्मूले पर बनकर तैयार होंगे। ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट पर आधारित ज्यादातर प्रोजेक्ट एक्सप्रेस-वे के आसपास बन रहे हैं, लेकिन दिल्ली मेट्रो का आधुनिक प्रोजेक्ट शहर के बीचोबीच प्राइम लोकेशन पर बनकर तैयार होगा।
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सेक्टर 50 में बहुमंजिला रिहायशी इमारत को बनाने के लिए प्राधिकरण ने 12 हजार 750 वर्ग मीटर जमीन मुहैय्या करा दी है। इस जमीन पर दो रिहायशी टावर बनाए जाएंगे, जिनमें टाइप थ्री से लेकर टाइम सिक्स के 255 क्वार्टर होंगे।
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जीआरआईएचए (ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटिड हेबिटेड असेसमेंट) के तहत टेरी से ग्रीन बिल्डिंग बनाने के लिए सर्टिफिकेट लिया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस कम्यूनिटी सेंटर, जिम, क्लब, स्पोर्ट्स ग्राउंड, स्वीमिंग पूल के अलावा तमाम मनोरंजन की सुविधाएं इस प्रोजेक्ट में होंगी। डीएमआरसी प्रवक्ता ने बताया कि इसके लिए कंसल्टेंट की तलाश शुरू कर दी गई है।
स्टेशन भी इसी कांसेप्ट पर
मेट्रो रेल परियोजना के तीसरे चरण के तहत जितने भी स्टेशन बनाए जा रहे हैं, उनमें ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट अपनाया जा रहा है। हालांकि इसमें खर्च ज्यादा आएगा, लेकिन ग्रीन बिल्डिंग फॉर्मूले के दूरगामी परिणाम साकारात्मक होंगे।
ग्रीन बिल्डिंग के फायदे
. ऊर्जा की खपत होगी कम
. प्राकृतिक रोशनी का इंतजाम
. सोलर एनर्जी पर रहेगा फोकस
. नहीं होगा पानी का दुरुपयोग
. भूजल को किया जा सकेगा रिचार्ज
. कचरा प्रबंधन की विकसित तकनीकी