गुजरात में आज बजा नोएडा का डंका, पीएम ने किया मूर्ति का उद्घाटन
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गुजरात के साधू बेत में आज (बुधवार) नोएडा का डंका बज गया है। नर्मदा नदी के तट पर सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति का पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किया गया। इस मूर्ति को नोएडा के पद्म भूषण मूर्तिकार राम सुतार ने डिजाइन किया है। उन्हीं की देखरेख में यह मूर्ति चीन में बनाई गई है। उद्घाटन के दौरान मूर्तिकार मौके पर ही मौजूद हैं। पीएम ने हाल ही में इस बाबत ट्वीट कर राम सुतार को बधाई भी दी थी।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मूर्तिकार राम सुतार और उनके पुत्र अनिल सुतार मंगलवार को नोएडा से गुजरात के लिए रवाना हुए। देर शाम वह गुजरात पहुंच गए। अब बुधवार सुबह वह मूर्ति अनावरण स्थल पर पहुंचे और ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने।
यही नहीं, वहां की जनता को भी राम सुतार के बारे में बताए जाने की संभावना है। जनता के लिए मूर्ति से 1.5 किलोमीटर दूर पंडाल लगाया गया है। जानकारों की मानें तो मूर्ति को कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता है। यह विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति होगी।
कैसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से जुड़े मूर्तिकार राम सुतार, अमेरिका और चीन का भी योगदान
गुजरात के साधूबेत में आज को नर्मदा नदी के किनारे 522 फीट ऊंची सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दिया। मूर्ति का शुरूआती मॉडल और चीन में निर्माण के दौरान पूरी देखरेख का जिम्मा नोएडा के पद्म भूषण मूर्तिकार रामसुतार के जिम्मे रहा। खास बात यह कि मूर्ति के निर्माण में सहयोग देने के लिए राम सुतार का नाम अमेरिकी इतिहासकार ने सुझाया था।
मूर्तिकार राम सुतार के पुत्र अनिल सुतार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर लगी सरदार पटेल की मूर्ति देखी थी। इसी मूर्ति को देख उन्होंने सरदार पटेल की इसी तरह की एक बड़ी मूर्ति बनवाने के बारे में सोचा था। इसके बाद मूर्ति निर्माण के लिए एक ट्रस्ट बनाया गया। यहां मूर्ति के अलावा ऑडिटोरियम, घूमने लायक जगह और कई और चीजें बनाई जानी थी। लिहाजा साधुबेत में निर्माण का जिम्मा अमेरिकी आर्किटेक्ट माइकल ग्रेव्स को दिया गया।
इसके बाद अब सरदार पटेल की मूर्ति का भी चयन करना था। यह सबसे बड़ा काम था कि यह मूर्ति किस तरह की होगी। उसकी वेशभूषा, चेहरे की बनावट और अन्य काम तय करने थे। तब अमेरिकी इतिहासकार और पेंसिलवेनिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर माइकल माइस्टर को यह जिम्मा सौंपा गया कि वह पूरे भारत में घूमकर जगह-जगह लगे सरदार पटेल की मूर्ति का निरीक्षण करें।
माइस्टर ने पूरे भारत का भ्रमण किया और जगह-जगह जाकर सरदार पटेल की मूर्तियों को देखा। अंतिम तौर पर उन्हें अहमदाबाद एयरपोर्ट पर लगी हुई मूर्ति पसंद आई। इस मूर्ति को राम सुतार ने बनाया था। लिहाजा उनका नाम आगे बढ़ा दिया गया।
सबसे पहले बनाया तीन फुट का मॉडल
पीएम ने ट्वीट करके राम सुतार को दी बधाई
नोएडा निवासी प्रख्यात मूर्तिकार पदम भूषण रामवनजी सुतार को 2016 का टैगोर सांस्कृतिक समरसता पुरस्कार दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट करके राम सुतार को बधाई दी है। कहा है कि राम सुतार ने मूर्तिकला में कई कीर्तमान स्थापित किए हैं। स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, बापू व टैगोर आदि की मूर्तियों बनाई हैं।